
ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया, बिजली संयंत्र भी प्रभावित
तेहरान ने इसे अमेरिकी हमलों का जवाब बताया, जबकि कुवैत ने नागरिक ढाँचे पर हमले को खतरनाक वृद्धि करार दिया
19 जुलाई 2026 को ईरानी सेना ने कुवैत में दो अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। ईरानी सरकारी प्रसारण संस्था के अनुसार, कैम्प उदैरी स्थित अमेरिकी सेना के गोला-बारूद डिपो तथा अली अल सलेम एयरबेस पर तैनात पैट्रियट मिसाइल प्रणाली और वायु रक्षा रडार को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही कुवैत के बिजली एवं जल मंत्रालय ने पुष्टि की कि दो दिनों के भीतर दूसरी बार एक विद्युत उत्पादन एवं जल शोधन संयंत्र पर हमला हुआ, जिससे आग लग गई और बड़ी संख्या में जनरेटिंग यूनिटें प्रभावित हुईं।
ईरानी सेना के कमांडरों ने इस कार्रवाई को अमेरिकी हमलों का सीधा प्रत्युत्तर बताया। ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से कहा गया कि यदि अमेरिकी आक्रमण जारी रहा तो प्रत्युत्तर और कठोर होगा। वहीं, अमेरिकी केन्द्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, 18 जुलाई को ईरान के दक्षिणी प्रांतों—बंदर अब्बास, सीरिक और क़ेश्म द्वीप—पर हवाई हमले किए गए, जिनका उद्देश्य ‘ईरान की सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना’ था। ये हमले जॉर्डन में हुए उस ईरानी मिसाइल एवं ड्रोन हमले की प्रतिक्रिया थे, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक लापता है।
कुवैत सरकार ने इन हमलों को ‘देश की संप्रभुता का उल्लंघन’ और ‘ख़तरनाक क्षेत्रीय वृद्धि’ बताया। कुवैती सेना ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियाँ दुश्मन के मिसाइलों और ड्रोनों को निष्क्रिय कर रही हैं, और नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा बिजली खपत कम करने का आग्रह किया। अभी तक किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, परंतु जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
यह संघर्ष फ़रवरी 2026 में आरंभ हुई उस अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा है जिसके तहत अब तक ईरान में 300 से अधिक ठिकानों पर हमले हो चुके हैं। ईरान ने जवाब में खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों पर लगातार हमले किए हैं। जून में पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए एक अस्थायी समझौता ज्ञापन को ईरान ने निलंबित कर दिया है। जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु के बाद तनाव और बढ़ गया है।
फ़िलहाल किसी कूटनीतिक पहल का संकेत नहीं है और दोनों पक्ष सैन्य अभियान जारी रखे हुए हैं। कुवैत ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में अमेरिकी सैन्य प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय शक्तियों के रुख पर स्थिति निर्भर करेगी।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| अरब खाड़ी प्रेस | −0.70 | critical |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
Russia presents Iran's action as an inevitable response to US provocations, normalizing retaliation.
Uses the 'tit-for-tat' logic to legitimize escalation, omitting the context of prior attacks.
Omits Kuwaiti condemnation and the civilian impact of the power plant attack.
Kuwait denounces Iranian aggression as a violation of national sovereignty, emphasizing damage and emergency.
Uses language of emergency and vulnerability to generate international solidarity, focusing on immediate consequences.
Omits Iranian motives of retaliation and the context of prior US attacks.
Latin American press reports the events as an escalation narrative, without taking sides.
Balances statements from both sides, presenting the attack as part of a broader conflict.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
हमले के बाद पुनर्निर्धारित रात्रिभोज में ट्रंप ने तीसरे कार्यकाल का मजाक उड़ाया, प्रेस पर कटाक्ष किए
12 भाषाएँ · 60 स्रोत
Economy & Markets सेफ़ार्नबरो एयरशो में मध्य पूर्व की बड़ी दांव, आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों के बीच बेड़े के विस्तार की घोषणाएं
4 भाषाएँ · 5 स्रोत
Technology सेडॉग एजेंसी का अंत: एलन मस्क ने स्वीकारा राजनीति में अति, एआई और रोबोट पर भविष्यवाणी
3 भाषाएँ · 5 स्रोत