Edition of 10:00 CETरविवार, 5 जुलाई 2026
311 स्रोत · 17 भाषाएँआज 540 ब्रीफिंग
ताज़ा खबर
एंटोनेली का सिल्वरस्टोन में दोहरा कमाल, पोल और स्प्रिंट दोनों पर कब्जाअमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ: आदर्शों, गठबंधनों और आंतरिक विवादों की दोबारा परीक्षापश्चिम अफ्रीका में बाढ़: 34 की मौत, बच्चों के लिए स्वास्थ्य आपातन्यूयॉर्क के कोनी आइलैंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान गोलीबारी, चार बच्चों सहित आठ घायलकतर ने समुद्री नौवहन की सभी गतिविधियाँ बहाल कीं, ईरान के साथ व्यापारिक मार्ग भी खुलादुनिया भर में सुरक्षा के मिले-जुले आँकड़े: बांग्लादेश में सड़क दुर्घटनाएँ, मेक्सिको-स्वीडन में हिंसा में कमीमहंगाई के खिलाफ सामाजिक सुरक्षा: ईरान, रूस और बांग्लादेश में नए उपाय लागूलंपेडूसा की चट्टानों पर अकेले पोप: प्रवासियों के लिए यूरोप और अमेरिका से मानवीय रुख़ की गुहारएंटोनेली का सिल्वरस्टोन में दोहरा कमाल, पोल और स्प्रिंट दोनों पर कब्जाअमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ: आदर्शों, गठबंधनों और आंतरिक विवादों की दोबारा परीक्षापश्चिम अफ्रीका में बाढ़: 34 की मौत, बच्चों के लिए स्वास्थ्य आपातन्यूयॉर्क के कोनी आइलैंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान गोलीबारी, चार बच्चों सहित आठ घायलकतर ने समुद्री नौवहन की सभी गतिविधियाँ बहाल कीं, ईरान के साथ व्यापारिक मार्ग भी खुलादुनिया भर में सुरक्षा के मिले-जुले आँकड़े: बांग्लादेश में सड़क दुर्घटनाएँ, मेक्सिको-स्वीडन में हिंसा में कमीमहंगाई के खिलाफ सामाजिक सुरक्षा: ईरान, रूस और बांग्लादेश में नए उपाय लागूलंपेडूसा की चट्टानों पर अकेले पोप: प्रवासियों के लिए यूरोप और अमेरिका से मानवीय रुख़ की गुहार
भू-राजनीति और राजनीतिशुक्रवार, 3 जुलाई 2026

लेबनान में 6.4 लाख विस्थापित लौटे, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में संकट बरकरार

अमेरिका-ईरान समझौते के बाद लागू संघर्षविराम से बड़ी संख्या में लोग घर लौटे, पर इज़रायली सुरक्षा क्षेत्र और हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर अनिश्चितता बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के अनुसार, लेबनान में 6,46,107 आंतरिक विस्थापित अपने घरों को लौट चुके हैं, जबकि लगभग पाँच लाख लोग अब भी विस्थापित हैं। यह वापसी पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में युद्ध समाप्त करने के लिए हुए समझौते के बाद 21 जून से लागू संघर्षविराम के मद्देनज़र हुई है। इससे पहले, फरवरी के अंत में ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई की हत्या के प्रतिशोध में हिज़्बुल्लाह द्वारा इज़रायल पर रॉकेट दागे जाने के बाद शुरू हुए संघर्ष में 4,300 से अधिक लोग मारे गए थे और दस लाख से अधिक विस्थापित हुए थे।

लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने स्पष्ट किया है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी मध्यस्थता में इज़रायल के साथ हस्ताक्षरित रूपरेखा समझौता इज़रायली कब्ज़े को वैधता नहीं देता, बल्कि लेबनानी सेना को समूचे क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ईरानी-अमेरिकी रास्ते से लेबनान का रास्ता अलग करने का संप्रभु निर्णय उन लोगों के लिए समस्या है जो संरक्षण के आदी रहे हैं। वहीं, इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इज़रायली सेनाएँ सीमा से दस किलोमीटर भीतर 'सुरक्षा क्षेत्र' में तब तक बनी रहेंगी जब तक हिज़्बुल्लाह से ख़तरा बना रहता है। हिज़्बुल्लाह ने इस समझौते को अस्वीकार कर दिया है, जिसमें उसके निरस्त्रीकरण का प्रावधान है।

विस्थापितों की वापसी मुख्यतः दक्षिण लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुई है, लेकिन सीमा से सटे दर्जनों क़स्बे और गाँव अब भी वीरान हैं। भारी तबाही और इज़रायली सैन्य उपस्थिति के कारण वहाँ लौटना संभव नहीं हो पाया है। लेबनानी प्रवासी नेटवर्क की सदस्य कैरिन कहवागी के अनुसार, खाद्यान्न की कमी और हिज़्बुल्लाह द्वारा संसाधनों की लूट के चलते स्थानीय लोग हथियार उठाने को मजबूर हैं। प्रवासी समुदाय गहरे आघात से गुज़र रहा है और पहली बार सार्वजनिक रूप से हिज़्बुल्लाह के प्रभाव को समाप्त करने की उम्मीद जता रहा है।

यह संघर्ष व्यापक अमेरिका-ईरान युद्ध का हिस्सा बना, जिसमें लेबनान एक प्रमुख मोर्चा बन गया। रूपरेखा समझौते के तहत इज़रायली सेना की चरणबद्ध वापसी, हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण और दो 'पायलट' क्षेत्रों में लेबनानी सेना की तैनाती शामिल है। हालाँकि, विश्लेषकों का मानना है कि लेबनानी राज्य के लिए हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होगा, और समझौते में इज़रायली वापसी की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। दक्षिण एशिया के लिए, लेबनान में स्थिरता ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत जैसे देशों के वहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी रहते हैं और वे संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में योगदान करते हैं।

फ़िलहाल, संघर्षविराम के बावजूद इज़रायल कभी-कभी हवाई हमले करता रहता है, और रूपरेखा समझौते का कार्यान्वयन प्रारंभिक चरण में है। अगले कदम के रूप में, दो पायलट क्षेत्रों में लेबनानी सेना की तैनाती और हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पर नज़र रहेगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि क्या यह समझौता स्थायी शांति की ओर ले जाएगा या फिर हिंसा का एक नया दौर शुरू होगा।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

45%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसअरब खाड़ी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
संदेहआक्रोश

वाशिंगटन में हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क समझौते को एक नाजुक सौदे के रूप में देखा जाता है, जो लेबनानी आंतरिक विभाजनों से कमजोर हुआ है। संसद अध्यक्ष बेरी समझौते को अस्वीकार करने के लिए बलों का गठबंधन जुटा रहे हैं, जबकि इसका ठोस कार्यान्वयन अटका हुआ है। असली 'ढांचा' राजनीतिक संघर्ष है, शांति नहीं।

अरब खाड़ी प्रेस
व्यावहारिकताउदासीनता

प्रधानमंत्री सलाम के नेतृत्व में लेबनानी सरकार पूर्ण इजरायली वापसी और राज्य नियंत्रण की बहाली के लक्ष्य की पुष्टि करती है। विस्थापितों की वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए अस्थायी आवास और संचार बहाली की योजनाओं की घोषणा की गई है। समझौते को हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष के बिना, कार्यान्वयन चरण में एक राजनयिक सफलता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

और पढ़ें
अंतिम समाचार
एंटोनेली का सिल्वरस्टोन में दोहरा कमाल, पोल और स्प्रिंट दोनों पर कब्जा·अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ: आदर्शों, गठबंधनों और आंतरिक विवादों की दोबारा परीक्षा·पश्चिम अफ्रीका में बाढ़: 34 की मौत, बच्चों के लिए स्वास्थ्य आपात·न्यूयॉर्क के कोनी आइलैंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान गोलीबारी, चार बच्चों सहित आठ घायल·कतर ने समुद्री नौवहन की सभी गतिविधियाँ बहाल कीं, ईरान के साथ व्यापारिक मार्ग भी खुला·दुनिया भर में सुरक्षा के मिले-जुले आँकड़े: बांग्लादेश में सड़क दुर्घटनाएँ, मेक्सिको-स्वीडन में हिंसा में कमी·महंगाई के खिलाफ सामाजिक सुरक्षा: ईरान, रूस और बांग्लादेश में नए उपाय लागू·लंपेडूसा की चट्टानों पर अकेले पोप: प्रवासियों के लिए यूरोप और अमेरिका से मानवीय रुख़ की गुहार·एंटोनेली का सिल्वरस्टोन में दोहरा कमाल, पोल और स्प्रिंट दोनों पर कब्जा·अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ: आदर्शों, गठबंधनों और आंतरिक विवादों की दोबारा परीक्षा·पश्चिम अफ्रीका में बाढ़: 34 की मौत, बच्चों के लिए स्वास्थ्य आपात·न्यूयॉर्क के कोनी आइलैंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान गोलीबारी, चार बच्चों सहित आठ घायल·कतर ने समुद्री नौवहन की सभी गतिविधियाँ बहाल कीं, ईरान के साथ व्यापारिक मार्ग भी खुला·दुनिया भर में सुरक्षा के मिले-जुले आँकड़े: बांग्लादेश में सड़क दुर्घटनाएँ, मेक्सिको-स्वीडन में हिंसा में कमी·महंगाई के खिलाफ सामाजिक सुरक्षा: ईरान, रूस और बांग्लादेश में नए उपाय लागू·लंपेडूसा की चट्टानों पर अकेले पोप: प्रवासियों के लिए यूरोप और अमेरिका से मानवीय रुख़ की गुहार·
अपडेट 06:58 pm1 भाषा · 3 स्रोत
पिछलाभू-राजनीति और राजनीतिअगला
3 स्रोत|1 भाषा|3 मिनट पढ़ना
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026

लेबनान में 6.4 लाख विस्थापित लौटे, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में संकट बरकरार

अमेरिका-ईरान समझौते के बाद लागू संघर्षविराम से बड़ी संख्या में लोग घर लौटे, पर इज़रायली सुरक्षा क्षेत्र और हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर अनिश्चितता बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के अनुसार, लेबनान में 6,46,107 आंतरिक विस्थापित अपने घरों को लौट चुके हैं, जबकि लगभग पाँच लाख लोग अब भी विस्थापित हैं। यह वापसी पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में युद्ध समाप्त करने के लिए हुए समझौते के बाद 21 जून से लागू संघर्षविराम के मद्देनज़र हुई है। इससे पहले, फरवरी के अंत में ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई की हत्या के प्रतिशोध में हिज़्बुल्लाह द्वारा इज़रायल पर रॉकेट दागे जाने के बाद शुरू हुए संघर्ष में 4,300 से अधिक लोग मारे गए थे और दस लाख से अधिक विस्थापित हुए थे।

लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने स्पष्ट किया है कि पिछले सप्ताह अमेरिकी मध्यस्थता में इज़रायल के साथ हस्ताक्षरित रूपरेखा समझौता इज़रायली कब्ज़े को वैधता नहीं देता, बल्कि लेबनानी सेना को समूचे क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ईरानी-अमेरिकी रास्ते से लेबनान का रास्ता अलग करने का संप्रभु निर्णय उन लोगों के लिए समस्या है जो संरक्षण के आदी रहे हैं। वहीं, इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इज़रायली सेनाएँ सीमा से दस किलोमीटर भीतर 'सुरक्षा क्षेत्र' में तब तक बनी रहेंगी जब तक हिज़्बुल्लाह से ख़तरा बना रहता है। हिज़्बुल्लाह ने इस समझौते को अस्वीकार कर दिया है, जिसमें उसके निरस्त्रीकरण का प्रावधान है।

विस्थापितों की वापसी मुख्यतः दक्षिण लेबनान और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुई है, लेकिन सीमा से सटे दर्जनों क़स्बे और गाँव अब भी वीरान हैं। भारी तबाही और इज़रायली सैन्य उपस्थिति के कारण वहाँ लौटना संभव नहीं हो पाया है। लेबनानी प्रवासी नेटवर्क की सदस्य कैरिन कहवागी के अनुसार, खाद्यान्न की कमी और हिज़्बुल्लाह द्वारा संसाधनों की लूट के चलते स्थानीय लोग हथियार उठाने को मजबूर हैं। प्रवासी समुदाय गहरे आघात से गुज़र रहा है और पहली बार सार्वजनिक रूप से हिज़्बुल्लाह के प्रभाव को समाप्त करने की उम्मीद जता रहा है।

यह संघर्ष व्यापक अमेरिका-ईरान युद्ध का हिस्सा बना, जिसमें लेबनान एक प्रमुख मोर्चा बन गया। रूपरेखा समझौते के तहत इज़रायली सेना की चरणबद्ध वापसी, हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण और दो 'पायलट' क्षेत्रों में लेबनानी सेना की तैनाती शामिल है। हालाँकि, विश्लेषकों का मानना है कि लेबनानी राज्य के लिए हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होगा, और समझौते में इज़रायली वापसी की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। दक्षिण एशिया के लिए, लेबनान में स्थिरता ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत जैसे देशों के वहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी रहते हैं और वे संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में योगदान करते हैं।

फ़िलहाल, संघर्षविराम के बावजूद इज़रायल कभी-कभी हवाई हमले करता रहता है, और रूपरेखा समझौते का कार्यान्वयन प्रारंभिक चरण में है। अगले कदम के रूप में, दो पायलट क्षेत्रों में लेबनानी सेना की तैनाती और हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पर नज़र रहेगी। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि क्या यह समझौता स्थायी शांति की ओर ले जाएगा या फिर हिंसा का एक नया दौर शुरू होगा।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 3 स्रोत · 1 भाषा

45%मध्यम

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक67%
निंदक33%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
अरब लेवांत-मगरिब प्रेसअरब खाड़ी प्रेस
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस
संदेहआक्रोश

वाशिंगटन में हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क समझौते को एक नाजुक सौदे के रूप में देखा जाता है, जो लेबनानी आंतरिक विभाजनों से कमजोर हुआ है। संसद अध्यक्ष बेरी समझौते को अस्वीकार करने के लिए बलों का गठबंधन जुटा रहे हैं, जबकि इसका ठोस कार्यान्वयन अटका हुआ है। असली 'ढांचा' राजनीतिक संघर्ष है, शांति नहीं।

अरब खाड़ी प्रेस
व्यावहारिकताउदासीनता

प्रधानमंत्री सलाम के नेतृत्व में लेबनानी सरकार पूर्ण इजरायली वापसी और राज्य नियंत्रण की बहाली के लक्ष्य की पुष्टि करती है। विस्थापितों की वापसी को सुविधाजनक बनाने के लिए अस्थायी आवास और संचार बहाली की योजनाओं की घोषणा की गई है। समझौते को हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष के बिना, कार्यान्वयन चरण में एक राजनयिक सफलता के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

यह समाचार यहाँ छपा

3 स्रोत · 1 भाषा

अपना नज़रिया बढ़ाएँ

Economy & Markets से

वैश्विक ऑटो बाजार में दोहरी चाल: इंडोनेशिया में नीतिगत अनिश्चितता, ब्राजील और रूस में मजबूत वृद्धि

4 भाषाएँ · 10 स्रोत

Technology से

एंथ्रोपिक की चीनी पहुंच पर रोक के बीच अलीबाबा ने क्लॉड कोड पर प्रतिबंध लगाया

4 भाषाएँ · 4 स्रोत

Science & Health से

हफ्ते में दो बार कसरत, दिल के दौरे का खतरा आधा: रोज़मर्रा की आदतें कैसे बदल सकती हैं सेहत

5 भाषाएँ · 11 स्रोत

और पढ़ें