
ऑस्ट्रेलिया-फिजी के बीच ऐतिहासिक रक्षा गठबंधन, प्रशांत में चीन के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश
दोनों देशों ने 'प्रशांत शांति गठबंधन' पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत किसी एक पर हमले की स्थिति में दूसरा सैन्य सहायता देगा; यह समझौता चीन की बढ़ती क्षेत्रीय मौजूदगी के बीच हुआ है।
ऑस्ट्रेलिया और फिजी ने सोमवार को एक नई पारस्परिक रक्षा संधि पर हस्ताक्षर किए, जो फिजी का पहला और ऑस्ट्रेलिया का चौथा औपचारिक सैन्य गठबंधन है। 'प्रशांत शांति गठबंधन' नामक इस समझौते के तहत दोनों देश किसी बाहरी सैन्य हमले की स्थिति में एक-दूसरे की सहायता के लिए बाध्य होंगे। साथ ही, 'वुवाले संघ' नामक एक आर्थिक सहयोग संधि पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसके अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया अगले दस वर्षों में फिजी में एक अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश करेगा।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस कदम को प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया, जबकि फिजी के प्रधानमंत्री सितिवेनी राबुका ने कहा कि इससे चीन के साथ उनके संबंधों को कोई खतरा नहीं है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चीन भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में शामिल नहीं होता और संबंधित देशों को प्रशांत द्वीपीय राष्ट्रों की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए तथा किसी तीसरे पक्ष के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। फिजी सरकार के एक सूत्र ने संकेत दिया कि चीन इस समझौते से 'नाखुश' हो सकता है, लेकिन राबुका ने किसी कड़ी प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार किया।
यह रक्षा गठबंधन ऐसे समय में हुआ है जब चीन प्रशांत क्षेत्र में अपना आर्थिक और सुरक्षा प्रभाव बढ़ा रहा है। 2022 में सोलोमन द्वीपसमूह के साथ चीन के गुप्त सुरक्षा समझौते के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। पिछले सप्ताह वानुआतु के साथ हुई संधि में विदेशी सैन्य अड्डों पर रोक लगाई गई, और पापुआ न्यू गिनी के साथ पिछले वर्ष हस्ताक्षरित रक्षा संधि बुधवार से प्रभावी हो रही है। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसी दौरान चीन ने प्रशांत महासागर में परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण की योजना बनाई थी, जिसे ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने 'क्षेत्रीय अस्थिरता फैलाने वाला' बताया।
प्रशांत द्वीपीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह गठबंधन उन देशों के लिए खुला है जिनके पास स्थायी सेनाएं हैं, जैसे पापुआ न्यू गिनी और टोंगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भी इसमें शामिल होने में रुचि दिखाई है। यह समझौता ऑस्ट्रेलिया की उस व्यापक हिंद-प्रशांत रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह क्वाड और ऑकस जैसे सुरक्षा ढांचों के माध्यम से चीन के बढ़ते सैन्य प्रभाव को संतुलित करना चाहता है।
प्रधानमंत्री अल्बनीज मंगलवार को सोलोमन द्वीपसमूह की यात्रा करेंगे, जहां वे व्यापक रणनीतिक संधि पर चर्चा जारी रखेंगे। बुधवार को वे ब्रिस्बेन में पापुआ न्यू गिनी और टोंगा के नेताओं की मेजबानी करेंगे। इस बीच, फिजी के साथ हुई संधि के प्रावधानों के अनुसार, भविष्य में अन्य प्रशांत देश भी इस गठबंधन में शामिल हो सकते हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में बुनियादी बदलाव की संभावना बन गई है।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.60 | aligned |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.20 | neutral |
| चीनी प्रेस | −0.50 | critical |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
ऑस्ट्रेलिया और उसके पश्चिमी सहयोगी इस ऐतिहासिक रक्षा समझौते को चीन के विस्तार के खिलाफ एक रणनीतिक जीत के रूप में मनाते हैं। यह संधि प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के नेतृत्व और पारस्परिक रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
कथा संधि को चीन के पिछले कार्यों के लिए एक आवश्यक प्रतिक्रिया के रूप में प्रस्तुत करती है, प्रशांत को शून्य-योग क्षेत्र के रूप में चित्रित करती है जहां चीन का कोई भी लाभ ऑस्ट्रेलिया के लिए हानि है। यह तात्कालिकता की भावना पैदा करता है और गठबंधन को रक्षात्मक बताकर उचित ठहराता है।
यह गुट चीन के दृष्टिकोण को छोड़ देता है कि संधि एक रोकथाम उपाय है, और फिजी के चीन के साथ आर्थिक और राजनयिक संबंधों पर चर्चा नहीं करता जो गठबंधन को जटिल बना सकते हैं।
रिपोर्ट संधि को महाशक्ति प्रतिस्पर्धा के एक तथ्य के रूप में प्रस्तुत करती है, चीन को रोकने के ऑस्ट्रेलिया के उद्देश्य को नोट करती है। यह गठबंधन का जश्न नहीं मनाती बल्कि इसे एक रणनीतिक कदम के रूप में देखती है।
रिपोर्ट एक तथ्यात्मक स्वर बनाए रखती है लेकिन 'चीन को रोकने' वाक्यांश का उपयोग करती है जो अप्रत्यक्ष रूप से संधि को आक्रामक कदम के रूप में चीनी ढांचे को अपनाती है। यह तटस्थता का आभास पैदा करती है जबकि सूक्ष्म रूप से ऑस्ट्रेलिया की आलोचना करती है।
यह गुट विशिष्ट पारस्परिक रक्षा दायित्वों और ऑस्ट्रेलिया के अन्य गठबंधनों के व्यापक संदर्भ को छोड़ देता है, केवल रोकथाम पहलू पर ध्यान केंद्रित करता है।
चीन प्रशांत में अपने वैध हितों की रक्षा करता है और ऑस्ट्रेलिया की संधि को एक भू-राजनीतिक रोकथाम कदम के रूप में आलोचना करता है। कथा चीन को पश्चिमी घेराबंदी के प्रयासों के शिकार के रूप में चित्रित करती है।
कथा चीन के पिछले सुरक्षा समझौते को एक वैध कार्रवाई और ऑस्ट्रेलिया की संधि को एक आक्रामक रोकथाम के रूप में प्रस्तुत करके भूमिकाओं को उलट देती है, इस प्रकार चीन को पश्चिमी घेराबंदी के शिकार के रूप में स्थापित करती है।
यह गुट इस तथ्य को छोड़ देता है कि फिजी ने स्वेच्छा से गठबंधन में प्रवेश किया और चीन का सोलोमन द्वीप के साथ समझौता गुप्त था और इसने क्षेत्रीय चिंता पैदा की। यह अन्य प्रशांत राष्ट्रों के दृष्टिकोण को भी छोड़ देता है।
रिपोर्ट गठबंधन को फिजी और ऑस्ट्रेलिया के लिए एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करती है, बिना इसे चीन विरोधी बताए पारस्परिक रक्षा प्रतिबद्धता पर जोर देती है। यह क्षेत्रीय परिप्रेक्ष्य से बोलती है, स्थिरता के महत्व को उजागर करती है।
कथा गठबंधन के द्विपक्षीय शर्तों और दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक महत्व पर केंद्रित है, जानबूझकर चीन के साथ भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से बचती है। यह संधि को द्विपक्षीय संबंधों में एक स्वाभाविक कदम के रूप में प्रस्तुत करती है।
यह गुट चीन या उस भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का कोई उल्लेख छोड़ देता है जिसने संधि को प्रेरित किया, इसे विशुद्ध रूप से द्विपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत करता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
राजकोषीय अनुशासन और डेटा-आधारित नीतियों से उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मिल रहा सहारा
4 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेAI कौशल से वेतन में 92% तक की बढ़ोतरी, पर दिमागी क्षमता पर असर की चिंता
3 भाषाएँ · 4 स्रोत
Science & Health सेसऊदी अरब की इज़राइल को दरकिनार करने की योजना, कनाडा का व्यापारिक रुख और खाड़ी में स्वास्थ्य-तकनीकी विस्तार
2 भाषाएँ · 5 स्रोत