
अंकारा नाटो बैठक से पहले अमेरिकी दबाव, यूरोपीय खर्च के दावों पर उठे सवाल
नाटो महासचिव ने यूरोपीय रक्षा खर्च को 'परिवर्तनकारी' बताया, लेकिन आंकड़ों में सुरक्षा व्यय शामिल करने पर विवाद; ट्रंप प्रशासन ने तत्काल कदम न उठाने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
तुर्की की राजधानी अंकारा में 7-8 जुलाई को होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले अमेरिकी प्रशासन ने यूरोपीय सहयोगियों को रक्षा खर्च तेज़ी से बढ़ाने की सख्त चेतावनी दी है। नाटो महासचिव मार्क रूटे ने सोमवार को दावा किया कि यूरोपीय सहयोगी और कनाडा पहले ही अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग 4 प्रतिशत रक्षा और सुरक्षा पर खर्च कर रहे हैं, जिसे उन्होंने 'परिवर्तनकारी प्रगति' करार दिया। हालांकि, फ्रैंकफर्टर आलगेमाइने जाइटुंग सहित कई मीडिया रिपोर्टों में राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया गया कि यह आंकड़ा 'सुसज्जित' है, क्योंकि इसमें 1.5 प्रतिशत का वह सुरक्षा व्यय भी शामिल है जिसकी परिभाषा काफी व्यापक है। कठोर रक्षा खर्च के मोर्चे पर अभी केवल नौ देश 2.5 प्रतिशत से ऊपर हैं, जबकि अल्बानिया, स्लोवेनिया और चेक गणराज्य 2 प्रतिशत के पुराने लक्ष्य को भी नहीं छू पाए हैं।
वाशिंगटन की ओर से दबाव स्पष्ट है। नाटो में अमेरिकी राजदूत मैथ्यू व्हिटेकर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सभी सहयोगियों से अपेक्षा करते हैं कि वे 'तुरंत' 5 प्रतिशत जीडीपी के रास्ते पर आएं और इसे 'तत्काल प्राथमिकता' दें। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ट्रंप शिखर बैठक में व्यक्तिगत रूप से उन देशों के लिए 'ठोस परिणाम' घोषित करेंगे जो इस चेतावनी पर ध्यान नहीं देंगे। अमेरिकी पक्ष ने केवल बजट ही नहीं, बल्कि 'वफादारी' की भी मांग की है, जो कुछ सहयोगियों द्वारा ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इज़राइली युद्ध में अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति न देने के संदर्भ में सामने आई। दूसरी ओर, रूटे ने कहा कि अमेरिका नाटो को नहीं तोड़ रहा, बल्कि खर्च का पुनर्संतुलन स्वस्थ है। यूरोपीय पक्ष में मतभेद हैं: स्पेन और बेल्जियम ने 5 प्रतिशत लक्ष्य की यथार्थता पर संदेह जताया है, जबकि इटली ने नागरिक बुनियादी ढांचे के खर्च को रक्षा व्यय में शामिल करने की संभावना का संकेत दिया है।
यह विवाद पिछले वर्ष हेग शिखर सम्मेलन में तय 5 प्रतिशत लक्ष्य की पृष्ठभूमि में है, जिसे ट्रंप के दबाव में 'अभूतपूर्व क्वांटम छलांग' माना गया था। इस लक्ष्य के तहत 3.5 प्रतिशत प्रत्यक्ष रक्षा बजट पर और 1.5 प्रतिशत सड़क, पुल व बंदरगाह जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना पर खर्च किया जाना है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय 'नाटो 3.0' की अवधारणा को आगे बढ़ा रहा है, जिसमें यूरोप अपनी रक्षा की अधिक जिम्मेदारी ले, ताकि अमेरिका चीन जैसी अन्य प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित कर सके। दक्षिण एशिया के लिए इस बैठक का एक प्रासंगिक पहलू मसौदा वक्तव्य में ईरान का उल्लेख है, जिसमें कहा गया है कि 'इस्लामिक रिपब्लिक को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने चाहिए और उसे होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए।' भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस जलमार्ग पर निर्भर है, ऐसे में नाटो का यह रुख क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और ईरान पर दबाव की व्यापक रणनीति का संकेत देता है।
शिखर बैठक में सहयोगी देशों से 5 प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 'स्पष्ट, ठोस और विश्वसनीय योजनाएं' प्रस्तुत करने की अपेक्षा है। रूटे ने चेतावनी दी कि यदि कोई एक-दो देश अब भी राजी नहीं होते, तो 'हमारे पास उन्हें मनाने के तरीके हैं।' बैठक के दौरान अरबों डॉलर के नए रक्षा उत्पादन अनुबंधों की घोषणा होगी और यूक्रेन को 2026 में 70 अरब यूरो की सहायता जारी रखने पर जोर दिया जाएगा। ट्रंप यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की से मुलाकात कर युद्ध समाप्ति के लिए 'तत्काल प्रयास' की वकालत करेंगे। यह सम्मेलन नाटो के भविष्य के बोझ-बंटवारे और ट्रान्साटलांटिक संबंधों की दिशा तय करेगा।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.30 | critical |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | −0.10 | neutral |
अमेरिका जोर देता है कि सहयोगियों को तुरंत 5% लक्ष्य पूरा करना होगा या परिणाम भुगतने होंगे; नाटो प्रमुख रुटे विश्वसनीय योजनाओं की मांग करते हैं।
यह ब्लॉक अल्टीमेटम फ्रेमिंग का उपयोग करता है, जिसमें स्पष्ट समय सीमा और स्पष्ट परिणाम प्रस्तुत किए जाते हैं ताकि सहयोगियों पर अनुपालन के लिए दबाव डाला जा सके।
यह ब्लॉक इस तथ्य को छोड़ देता है कि यूरोपीय सहयोगी और कनाडा पहले ही रक्षा खर्च में जीडीपी का लगभग 4% तक पहुंच चुके हैं, स्थिति को प्रगति के बजाय विफलता के रूप में प्रस्तुत करता है।
यूरोपीय सहयोगी और कनाडा 5% लक्ष्य को पूरा करने की राह पर हैं, रक्षा खर्च पहले से ही जीडीपी के 4% के करीब है, और नाटो प्रमुख रुटे प्रगति में विश्वास व्यक्त करते हैं।
यह ब्लॉक सैन्य निर्माण को सामान्य बनाता है, बढ़ते खर्च को एक नियमित, अपरिहार्य प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत करता है, किसी भी तनाव या तात्कालिकता को कम करता है।
यह ब्लॉक तत्काल कार्रवाई के लिए अमेरिकी मांग और परिणामों की धमकी को छोड़ देता है, इसके बजाय सकारात्मक प्रक्षेपवक्र और रुटे के आशावाद पर ध्यान केंद्रित करता है।
गठबंधन की रिपोर्ट की गई प्रगति बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई है, लेकिन अमेरिका का अधिक खर्च करने का दबाव एक वैध पुनर्संतुलन है।
यह ब्लॉक दोहरे फ्रेमिंग का उपयोग करता है: डेटा की विश्वसनीयता पर संदेह के साथ-साथ अमेरिकी मांग को आवश्यक सुधार के रूप में स्वीकार करना, एक संतुलित लेकिन आलोचनात्मक कथा बनाना।
यह ब्लॉक अनुपालन न करने पर स्पष्ट अमेरिकी परिणामों की धमकी को छोड़ देता है, इसके बजाय डेटा की विश्वसनीयता और पुनर्संतुलन की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करता है।
नाटो सहयोगियों को विश्वसनीय योजनाएं प्रस्तुत करनी होंगी या परिणाम भुगतने होंगे; अमेरिका अपनी सुरक्षा भूमिका कम कर रहा है और यूरोप से अधिक की मांग कर रहा है।
यह ब्लॉक एक छिपी धमकी का उपयोग करता है, रुटे के 'हमारे पास तरीके हैं' का हवाला देते हुए अनिर्दिष्ट लेकिन गंभीर परिणामों का संकेत देता है, जिससे दबाव और अनिश्चितता का माहौल बनता है।
यह ब्लॉक 4% खर्च की सकारात्मक प्रगति और रुटे के आशावाद को छोड़ देता है, केवल चेतावनी और अमेरिकी मांग पर ध्यान केंद्रित करता है।
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