
उरुग्वे का विश्व कप सपना टूटा, चार्टर्ड उड़ान रद्द, बिएल्सा का अंत
स्पेन से 1-0 की हार के साथ उरुग्वे बिना किसी जीत के ग्रुप चरण से बाहर, फेडरेशन ने टीम की चार्टर्ड फ्लाइट रद्द कर खिलाड़ियों को वाणिज्यिक विमानों से अलग-अलग लौटने का निर्देश दिया।
ग्वादलाजारा के अकरॉन स्टेडियम में शुक्रवार रात उरुग्वे का विश्व कप अभियान एक ऐसी हार के साथ समाप्त हुआ जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। स्पेन के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में गोलकीपर फर्नांडो मुस्लेरा की एक चूक ने एलेक्स बाएना को गोल का मौका दिया और यही 1-0 की जीत का अंतर बना। यह हार सिर्फ एक मैच की नहीं थी; इसने दो बार की विश्व विजेता टीम को लगातार दूसरे विश्व कप के ग्रुप चरण से बाहर कर दिया। 48 टीमों के इस विस्तारित प्रारूप में, जहां 32 को नॉकआउट में जगह मिलनी थी, उरुग्वे महज दो अंक लेकर ग्रुप एच में तीसरे स्थान पर रहा और एक भी जीत दर्ज नहीं कर सका।
इससे पहले सऊदी अरब और डेब्यू कर रही केप वर्डे के साथ ड्रॉ ने टीम की राह मुश्किल कर दी थी। मुस्लेरा ने मैच के बाद सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि वे इस तरह कभी नहीं तड़पे। कोच मार्सेलो बिएल्सा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने कार्यकाल का आकलन करते हुए कहा, “हम सात अंक लेने उतरे थे, दो मिले। यही मेरे प्रबंधन का परिणाम है।” मैदान पर उरुग्वे की बेचैनी साफ झलकी—न तो कब्जे वाला खेल नियंत्रण में बदला और न ही आक्रामक दबाव गोल में। चोटों के कारण जियोर्जियन डे अरास्काएता और रोनाल्ड अराउहो जैसे सितारे एक मिनट भी नहीं खेल पाए, जबकि एमिलियानो मार्टिनेज और जोआकिन पिकेरेज को तकनीकी कारणों से बेंच पर बैठे रहना पड़ा।
हार के तुरंत बाद उरुग्वे फुटबॉल संघ (एयूएफ) ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने अंदरूनी संकट को उजागर कर दिया। उरुग्वे के मीडिया ने बताया कि मोंटेवीडियो वापसी के लिए बुक चार्टर्ड उड़ान रद्द कर दी गई और 26 खिलाड़ियों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्लब देशों या घर के लिए वाणिज्यिक विमानों से अलग-अलग रवाना हों। दक्षिण अमेरिकी प्रेस में इसे “गोलपाज़ो” यानी गहरी निराशा का प्रतीक बताया गया। इस फैसले के पीछे सिर्फ खेल परिणाम नहीं था; स्पेन मैच से पहले ही कप्तान फेडेरिको वाल्वेर्डे, रोड्रिगो बेंटानकुर, मैनुएल उगार्टे और गोलकीपर सर्जियो रोशे ने बिएल्सा से मुलाकात कर प्रशिक्षण की अत्यधिक तीव्रता और सामरिक दृष्टिकोण पर सवाल उठाए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, अराउहो ने कहा था, “यह अब और बर्दाश्त नहीं होता।” लुइस सुआरेज जैसे दिग्गज भी बिएल्सा के प्रबंधन के पहलुओं पर सवाल उठा चुके थे।
उरुग्वे की यह विफलता इसलिए और चौंकाने वाली है क्योंकि टीम ने क्वालीफायर्स में दमदार प्रदर्शन किया था और 2024 कोपा अमेरिका में तीसरा स्थान हासिल किया था। अक्टूबर में उज्बेकिस्तान के खिलाफ एक दोस्ताना मैच के बाद से टीम को कोई जीत नहीं मिली थी। ब्राजीलियाई मीडिया ने इस बात पर जोर दिया कि कोनमेबोल की यह इकलौती टीम है जो अंतिम-32 में भी नहीं पहुंच पाई। अब बिएल्सा का अनुबंध समाप्त हो चुका है और उरुग्वे को नए कोच की तलाश शुरू करनी होगी। दूसरी ओर, ग्रुप एच से स्पेन के साथ केप वर्डे ने क्वालीफाई किया, जिसने तीनों मैच ड्रॉ खेलकर इतिहास रचा और अगले दौर में उसका सामना अर्जेंटीना से होगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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उरुग्वे का विश्व कप सपना बिना किसी जीत के चूर-चूर हो गया, जिससे एक संस्थागत संकट पैदा हो गया। महासंघ ने दंडात्मक कार्रवाई के रूप में चार्टर्ड उड़ान रद्द कर दी, जिससे खिलाड़ियों को वाणिज्यिक उड़ानों से घर लौटना पड़ा। आंतरिक कलह और उरुग्वे फुटबॉल के लिए एक ऐतिहासिक विफलता के बीच बिएल्सा का कार्यकाल समाप्त हुआ।
उरुग्वे महासंघ ने विश्व कप से बाहर होने के बाद चार्टर्ड उड़ान रद्द कर दी। खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ अपने आप घर लौटेंगे। यह निर्णय स्पेन से 0-1 की हार के बाद लिया गया, जिससे टीम दो अंकों के साथ ग्रुप में तीसरे स्थान पर रही।
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