
2026 विश्व कप: 32 के दौर में 28 टीमें पक्की, अंतिम चार स्थानों के लिए रोमांचक जंग
नए 48-टीम प्रारूप में पहली बार 32 टीमों के नॉकआउट चरण ने कई अफ्रीकी और यूरोपीय टीमों को आगे बढ़ाया, जबकि कुछ एशियाई दावेदार अभी भी उम्मीद लगाए हैं।
फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबलों से ठीक पहले, 32 के दौर की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। शनिवार देर रात तक 28 टीमें नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर चुकी थीं, जिनमें छह अफ्रीकी देश शामिल हैं। यह पहला मौका है जब 48 टीमों के इस विस्तारित प्रारूप ने 16 नहीं, बल्कि 32 टीमों के साथ नॉकआउट चरण की शुरुआत की है, और हर ग्रुप से शीर्ष दो के अलावा आठ सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों को भी आगे बढ़ने का मौका मिला है।
बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से रौंदकर ग्रुप जी में शीर्ष स्थान हासिल किया, जहां लिएंड्रो ट्रोसार्ड के दो गोल और केविन डी ब्रुने व रोमेलु लुकाकू के योगदान ने ‘रेड डेविल्स’ को गोल अंतर पर मिस्र से आगे पहुंचा दिया। स्पेन ने उरुग्वे पर 1-0 की मेहनती जीत से ग्रुप एच पर कब्जा जमाया, जबकि केप वर्डे ने बिना कोई मैच जीते—लगातार तीन ड्रॉ के दम पर—रनर-अप के तौर पर अगले चरण में कदम रखा। सेनेगल ने इराक को 5-0 से कुचलकर तीसरे स्थान की रेस में अपनी दावेदारी को अटल बना दिया, और घाना ने मैदान पर उतरे बिना ही क्रोएशिया के खिलाफ अपने अंतिम ग्रुप मैच से पहले क्वालीफिकेशन सुनिश्चित कर लिया, क्योंकि अन्य ग्रुपों के नतीजों ने चार अंकों की सीमा को पर्याप्त बना दिया।
तीसरे स्थान की होड़ ने इस नए प्रारूप की पूरी नाटकीयता को सामने ला दिया। स्वीडन, इक्वाडोर, बोस्निया एंड हर्जेगोविना और पैराग्वे सभी चार अंकों के साथ आगे बढ़े, जबकि सेनेगल महज तीन अंकों के बावजूद बेहतर गोल अंतर (+2) की बदौलत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने वाली पहली टीम बनी। अफ्रीकी महाद्वीप का प्रदर्शन विशेष रूप से प्रभावशाली रहा—मोरक्को, दक्षिण अफ्रीका, कोटे डी आइवर, मिस्र, घाना, सेनेगल और केप वर्डे सभी ने नॉकआउट में जगह बनाई, जबकि ट्यूनीशिया बाहर हो चुका है और अल्जीरिया व डीआर कांगो अभी भी संभावनाओं की दहलीज पर खड़े हैं।
अब सिर्फ चार स्थान खाली हैं, जिनके लिए रविवार को अंतिम ग्रुप मुकाबले खेले जाएंगे। ईरान, दक्षिण कोरिया, स्कॉटलैंड, क्रोएशिया, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, डीआर कांगो और उज्बेकिस्तान में से कुछ को रनर-अप या सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान के जरिए आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इन मैचों के नतीजे 32 के दौर की जोड़ियां भी तय करेंगे—पहले ही तय हो चुका है कि पैराग्वे का सामना जर्मनी से और मिस्र का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा, जबकि घाना की राह ग्रुप एल में उसकी अंतिम स्थिति पर निर्भर करेगी: शीर्ष पर रहने पर सेनेगल, दूसरे स्थान पर पुर्तगाल और तीसरे पर कोलंबिया से भिड़ंत होगी। नॉकआउट चरण की शुरुआत 28 जून से ही हो जाएगी, जहां हर मैच अब करो या मरो की लड़ाई होगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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2026 विश्व कप में अफ्रीकी टीमें आगे चल रही हैं, महाद्वीप के दस प्रतिनिधियों में से छह पहले ही 32 के दौर में पहुँच चुके हैं। घाना ने क्रोएशिया मुकाबले से पहले ही अपनी जगह पक्की कर ली, जो अफ्रीका की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। यह प्रदर्शन वैश्विक फुटबॉल शक्ति में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।
विश्व कप के 32 के दौर के लिए क्वालीफाई करने वाली टीमों की सूची लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें स्पेन, केप वर्डे, बेल्जियम, मिस्र और सेनेगल नवीनतम हैं। अंतिम ग्रुप मैच शेष चार स्थानों का निर्धारण करेंगे। टूर्नामेंट नए 48-टीम प्रारूप के अनुसार जारी है।
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