
अमेरिकी हमलों के बीच वाशिंगटन ने ईरान से कूटनीति का दरवाजा खुला रखने का दावा किया
विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि बातचीत विफल हुई तो ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं होगा, जबकि ऊर्जा मंत्री राइट ने हर कीमत पर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह सुनिश्चित करने की बात दोहराई।
लगातार नौवीं रात ईरान पर हवाई हमले जारी रखने के साथ ही अमेरिकी प्रशासन ने कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार रहने का संकेत दिया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मनीला में आसियान शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले कहा कि अमेरिका हमेशा राजनयिक हल के लिए तैयार रहा है और यदि ईरान से बातचीत का दरवाजा खुलता है तो वाशिंगटन उसका स्वागत करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेहरान जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जो जून में हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन है। इस समझौते का उद्देश्य युद्धविराम का विस्तार और होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात बहाल करना था।
वाशिंगटन के इस रुख के समानांतर, ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने स्पष्ट किया कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राष्ट्रपति ट्रंप के युद्ध लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि योजना शुरू में चार से छह सप्ताह की थी, लेकिन अब साढ़े पांच सप्ताह बीत चुके हैं। राइट के अनुसार, अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल, गैस और अन्य उत्पादों का प्रवाह सुनिश्चित करेगा, चाहे इसमें ईरान का सहयोग हो या न हो। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रंप कूटनीतिक रास्ता चाहते हैं, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों की जरूरत है।
ईरानी मीडिया में प्रकाशित प्रतिक्रियाओं में इस्लामाबाद समझौते के उल्लंघन का ठीकरा अमेरिका पर फोड़ा गया है। खबर ऑनलाइन के अनुसार, समझौते पर हस्ताक्षर के दो सप्ताह के भीतर ही वाशिंगटन ने ओमान पर दबाव डालकर और क्षेत्रीय देशों के समर्थन से होर्मुज के दक्षिणी मार्ग को ईरान की सहमति के बिना खोल दिया, जिससे तनाव फिर भड़क उठा। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है और अमेरिकी अधिकारी भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि ईरान इस मामले में खतरा पैदा नहीं कर रहा।
इस बीच, जमीनी स्तर पर संघर्ष की कीमत सैन्य क्षति के रूप में सामने आ रही है। रुबियो ने बताया कि उत्तरी इराक में एक अमेरिकी सैनिक की मौत एक दुर्घटना थी, जो गिराए गए ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करते समय हुई। जॉर्डन में दो सैनिक एक मिसाइल हमले में मारे गए, जो रक्षा प्रणाली को भेदने में सफल रही। इस तरह करीब पांच महीने से जारी इस युद्ध में अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। रुबियो ने ईरान की अर्थव्यवस्था को “चरमराई हुई” बताते हुए चेतावनी दी कि कूटनीति विफल होने पर नुकसान तेहरान को ही उठाना पड़ेगा।
दक्षिण एशिया के लिए इस टकराव का सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला कच्चा तेल भारत और पाकिस्तान जैसे देशों की आपूर्ति शृंखला के लिए अहम है। फिलहाल, अमेरिकी हमले जारी हैं और कूटनीतिक संकेतों के बावजूद युद्धविराम की कोई ठोस समय-सीमा नहीं दिखती। अगला कदम आसियान शिखर सम्मेलन के इतर संभावित वार्ता प्रयासों पर निर्भर करेगा, जहां रुबियो की मौजूदगी में क्षेत्रीय शक्तियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की उम्मीद है।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.70 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.30 | aligned |
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.10 | neutral |
| रूसी और सीआईएस प्रेस | 0.00 | neutral |
ईरान अमेरिकी पाखंड की निंदा करता है: वाशिंगटन बमबारी करते हुए कूटनीति की बात करता है।
कारण-प्रभाव संबंध उलट दिया गया है: अमेरिकी कूटनीतिक खुलेपन को एक छिपे हुए खतरे के रूप में प्रस्तुत किया गया है, और वार्ता की विफलता अमेरिकी दोहरेपन के कारण बताई गई है।
ईरानी उकसावे (जहाजों पर हमले) का संदर्भ छोड़ दिया गया है, जिसे अमेरिका औचित्य के रूप में उद्धृत करता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका संवाद के लिए अपनी तत्परता दोहराता है, लेकिन सुरक्षा पर समझौता किए बिना: कूटनीति तभी संभव है जब ईरान समुद्री यातायात को खतरा देना बंद करे।
खतरों का एक पदानुक्रम बनाया गया है: प्राथमिकता तेल प्रवाह सुनिश्चित करना है, और कूटनीति इस रणनीतिक उद्देश्य की प्राप्ति के अधीन है।
हमलों के कारणों पर ईरानी दृष्टिकोण को छोड़ दिया गया है, ईरान को एकमात्र आक्रामक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
खाड़ी देश व्यावहारिकता के साथ देखते हैं: अमेरिका ईरान के साथ या उसके बिना तेल प्रवाह की गारंटी देगा, और कूटनीति सिर्फ एक विकल्प है।
बल के उपयोग को सामान्य बनाने के लिए एक तकनीकी-आर्थिक स्वर अपनाया जाता है: अमेरिकी मिशन को वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक बताया गया है।
हमलों की मानवीय लागत और वृद्धि के संभावित क्षेत्रीय परिणामों को छोड़ दिया गया है।
रूस बिना किसी टिप्पणी के अमेरिकी बयानों को दर्ज करता है, एक अलग पर्यवेक्षक की स्थिति बनाए रखता है।
पक्ष लेने से बचने के लिए प्रत्यक्ष उद्धरण और तटस्थ सारांश का उपयोग किया जाता है, जिससे तथ्यों को स्वयं बोलने दिया जाता है।
ईरानी प्रेरणाओं के किसी भी विश्लेषण या अमेरिकी आचरण की आलोचना को छोड़ दिया गया है।
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