
होर्मुज खुलने की आस में कच्चा तेल तीन महीने के निचले स्तर पर, 2027 में भारी अधिशेष का अनुमान
अमेरिका-ईरान शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी हटने की संभावना से ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर के नीचे फिसला, जबकि आईईए ने मांग में भारी कटौती और अगले साल आपूर्ति में रिकॉर्ड उछाल का पूर्वानुमान दिया।
वैश्विक तेल बाजार में बुधवार को वह राहत लौटती दिखी जिसकी उम्मीद फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद से लगातार धूमिल होती गई थी। ब्रेंट क्रूड का अगस्त वायदा 78 डॉलर प्रति बैरल के नीचे लुढ़क गया—यह स्तर 2 मार्च के बाद सबसे कम है—जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 75 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले एक अंतरिम शांति समझौते की खबरों से प्रेरित है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, ईरानी तेल निर्यात पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील देने और 60 दिन के युद्धविराम की रूपरेखा तय हुई है। पिछले तीन महीनों में इस संकरे समुद्री मार्ग के बंद रहने से 1.4 करोड़ बैरल प्रतिदिन से अधिक की मध्य-पूर्व आपूर्ति ठप रही, जिसने कीमतों को 50 फीसदी तक उछाल दिया था। अब बाजार उस ‘युद्ध प्रीमियम’ को तेजी से उतार रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की बुधवार को जारी मासिक रिपोर्ट ने इस बदलाव को आंकड़ों में बांध दिया। एजेंसी ने 2026 के लिए वैश्विक तेल मांग के अपने अनुमान में भारी कटौती करते हुए इसे 1.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन घटाकर 10.3 करोड़ बैरल प्रतिदिन कर दिया, जो मई के पूर्वानुमान से 7 लाख बैरल प्रतिदिन कम है। इसकी वजह ईंधन की ऊंची कीमतों और आपूर्ति शृंखला में व्यवधान से मांग का नष्ट होना है—दूसरी तिमाही में डिलीवरी सालाना आधार पर 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन गिरी। आपूर्ति पक्ष पर 2026 में 3.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन की गिरावट का अनुमान है, लेकिन असली झटका 2027 के पहले पूर्वानुमान में है: आपूर्ति 8 मिलियन बैरल प्रतिदिन उछलकर 11 करोड़ बैरल प्रतिदिन पहुंच सकती है, जबकि मांग केवल 2 मिलियन बैरल प्रतिदिन बढ़ेगी। नतीजतन, बाजार 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक के भारी अधिशेष की ओर बढ़ सकता है। आईईए ने यह भी चेताया कि सरकारी रणनीतिक भंडार 1990 के बाद सबसे निचले स्तर पर हैं और युद्ध के दौरान मई में भंडारण में 4.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन की रिकॉर्ड कमी आई।
विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के विश्लेषकों की नजर इस करेक्शन की गहराई पर टिकी है। रूसी ब्रोकरेज हाउसों का अनुमान है कि होर्मुज के पूरी तरह खुलने के बाद ब्रेंट तीसरी तिमाही में 75-85 डॉलर के दायरे में रहेगा, और चौथी तिमाही में 70 डॉलर तक फिसल सकता है। सोवकॉमबैंक ने तीसरी तिमाही के लिए 88 डॉलर और यूराल्स के लिए 68 डॉलर का अनुमान लगाया है। खाड़ी क्षेत्र में ओमान क्रूड का वायदा 72.99 डॉलर पर आ गया, जो मई के 166.96 डॉलर के शिखर से 94 डॉलर नीचे है। लैटिन अमेरिकी बाजारों में ‘ट्रंप पुट’ की चर्चा है—यानी भू-राजनीतिक जोखिम घटने से जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों को सहारा। एसएंडपी 500 में 3.3 फीसदी की रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में नरमी इसी कहानी को दोहराती है।
भारत और दक्षिण एशिया के लिए यह घटनाक्रम दोहरी राहत लेकर आया है। भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, और होर्मुज के जरिए आने वाली आपूर्ति में रुकावट ने चालू खाता घाटा और मुद्रास्फीति पर गंभीर दबाव डाला था। कीमतों में नरमी से पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर दबाव कम होगा और रिजर्व बैंक को मौद्रिक नीति में लचीलापन मिलेगा। पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी अर्थव्यवस्थाएं, जो ऊर्जा आयात के लिए सीमित विदेशी मुद्रा भंडार पर निर्भर हैं, उन्हें भी राहत की सांस लेने का मौका मिलेगा। हालांकि, आईईए की चेतावनी कि सरकारी भंडार ऐतिहासिक निचले स्तर पर हैं, यह संकेत देती है कि आपूर्ति की पूर्ण बहाली में महीनों लग सकते हैं और कोई भी नया भू-राजनीतिक झटका कीमतों को फिर से अस्थिर कर सकता है।
आगे की राह आशावादी पर अनिश्चित है। शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में समझौते पर दस्तखत के बाद भी होर्मुज में जहाजरानी पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा, और ईरानी तेल की वापसी ओपेक+ के उत्पादन अनुशासन को परखेगी। आईईए का 2027 का अधिशेष परिदृश्य यह मानकर चलता है कि शांति समझौता टिकेगा और प्रतिबंध हटेंगे—यदि ऐसा नहीं हुआ तो बाजार फिर कमी के दौर में लौट सकता है। फिलहाल, तेल बाजार ने युद्ध के सबसे गहरे घाव पर मरहम लगाना शुरू कर दिया है, लेकिन पूरी चिकित्सा अभी बाकी है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 4 भाषाएँ
अमेरिका-ईरान समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना से कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर के नीचे गिर गई, जिसे बाजारों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। निवेशक तेल प्रवाह की त्वरित वापसी पर दांव लगा रहे हैं, जिससे कीमतों में तेज गिरावट आई है। इस खबर को व्यावहारिकता और कुछ हद तक तटस्थता के साथ लिया गया है, क्योंकि इससे वैश्विक लागत दबाव कम होता है।
हालांकि अमेरिका-ईरान समझौते पर कच्चा तेल 80 डॉलर से नीचे गिर गया है, उद्योग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य नौवहन बहाल करने में समय लगेगा। तत्काल मूल्य गिरावट आगे की तार्किक चुनौतियों को नहीं दर्शा सकती। समयपूर्व आशावाद पर सतर्क संशय हावी है।
संबंधित लेख
वॉर्श की पहली बैठक में फेड ने दरें स्थिर रखीं, पर हॉकिश रुख से बाजार सतर्क
9 भाषाएँ · 31 स्रोत
राजनीतिG7 शिखर सम्मेलन: यूक्रेन को सैन्य सहायता बढ़ाने और रूस पर प्रतिबंध कसने पर सहमति
7 भाषाएँ · 15 स्रोत
खेलपुर्तगाल बनाम कांगो: जोआओ नेव्स के शुरुआती गोल से विश्व कप 2026 में मजबूत शुरुआत
6 भाषाएँ · 16 स्रोत