
अमेरिका में जून में रोजगार वृद्धि उम्मीद से कम, विश्व कप के बावजूद आतिथ्य क्षेत्र में गिरावट
अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल में मात्र 57,000 नौकरियां जुड़ीं, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दर वृद्धि की संभावना घटी और वैश्विक बाजारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखी गई।
अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो (बीएलएस) के 3 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, जून में गैर-कृषि क्षेत्र में केवल 57,000 नौकरियां जुड़ीं, जो अर्थशास्त्रियों के 110,000-115,000 के अनुमान से काफी कम है। बेरोजगारी दर 4.3% से घटकर 4.2% हो गई, लेकिन श्रम बल भागीदारी दर 61.5% तक गिर गई, जो पांच वर्षों से अधिक का न्यूनतम स्तर है। इस रिपोर्ट के बाद डॉलर सूचकांक 0.5% गिरा, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई और सितंबर में फेड दर वृद्धि की संभावना 64% से घटकर 52% रह गई।
रोजगार वृद्धि में नरमी का प्रमुख कारण आतिथ्य एवं मनोरंजन क्षेत्र में 61,000 नौकरियों की कमी रही, जबकि विश्व कप की मेजबानी से इस क्षेत्र में 40,000 नौकरियां बढ़ने की उम्मीद थी। गोल्डमैन साक्स के विश्लेषकों ने पहले अनुमान लगाया था कि फुटबॉल प्रतियोगिता से रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन वास्तविकता उलट रही। स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सहायता क्षेत्रों में क्रमशः 22,000 और 25,000 नौकरियां जुड़ीं, जबकि विनिर्माण, खुदरा और वित्तीय गतिविधियों में स्थिरता रही। इसके अतिरिक्त, अप्रैल और मई के आंकड़ों में 74,000 की कमी की गई, जो श्रम बाजार की कमजोर होती गति को दर्शाता है।
फेडरल रिजर्व के नए अध्यक्ष केविन वॉर्श मुद्रास्फीति पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं, लेकिन कमजोर रोजगार आंकड़ों ने निकट भविष्य में दर वृद्धि की संभावना को कम कर दिया है। लोम्बार्ड ओडियर के फ्लोरियन इएल्पो ने इसे ‘बेहतरीन आंकड़ा’ बताया, जो बताता है कि श्रम बाजार गर्म नहीं है। हालांकि, अमेरिका-ईरान तनाव और ऊर्जा कीमतों से मुद्रास्फीति का दबाव बना हुआ है। वैश्विक बाजारों में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही: डाओ जोंस ने नई ऊंचाई छुई, जबकि नैस्डैक में गिरावट आई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक 8% तक टूटा, जिसका कारण सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली थी। भारतीय बाजारों पर भी वैश्विक अनिश्चितता का प्रभाव देखा जा सकता है, हालांकि घरेलू कारक अधिक महत्वपूर्ण रहेंगे।
अब निवेशकों की निगाहें फेडरल रिजर्व की इस माह के अंत में होने वाली नीतिगत बैठक पर होंगी, जहां ब्याज दरों पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, आने वाले मुद्रास्फीति आंकड़े और अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति भी बाजार की दिशा तय करेंगे। राजनीतिक मोर्चे पर, कमजोर रोजगार आंकड़े ट्रंप प्रशासन के लिए मध्यावधि चुनावों से पहले चुनौती पेश कर सकते हैं।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | −0.30 | critical |
| अरब खाड़ी प्रेस | 0.00 | neutral |
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.40 | critical |
The number is a wake-up call for those betting on endless growth, but no reason to panic: the Fed has the tools to manage the phase.
The slowdown is normalized as a natural correction, avoiding dramatization and anchoring the narrative to institutional responsiveness.
The US slowdown is bad news for Latin America: fewer remittances, less exports, more volatility. Markets react by fleeing to gold.
The US figure is linked to local interests, turning a foreign statistic into a concrete risk for the region.
The US labor market slows, but for the Gulf what matters more is oil demand and the stability of local investments.
The impact of the US figure is minimized by shifting focus to variables considered more relevant for the regional economy.
The American model shows its cracks: fragile growth, inequalities, dependence on the Fed. Europe must look to itself.
The US data is used to question the superiority of the American economic model and legitimize a more independent European policy line.
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