
बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से रौंदा, मिस्र ने ईरान से ड्रॉ खेलकर अंतिम-32 में जगह बनाई
ग्रुप जी के आखिरी मुकाबलों में बेल्जियम ने शानदार जीत से शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि मिस्र ने ईरान को रोमांचक ड्रॉ पर रोककर नॉकआउट का टिकट कटाया।
वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में बेल्जियम ने न्यूजीलैंड को 5-1 से कुचलते हुए ग्रुप जी की कमान अपने हाथ में ले ली, वहीं सिएटल में मिस्र ने ईरान को 1-1 की रोमांचक बराबरी पर रोककर विश्व कप के इतिहास में पहली बार नॉकआउट चरण का टिकट काटा। दोनों मैच एक साथ खेले गए और हर गोल के साथ ग्रुप की तस्वीर बदलती रही। अंततः बेल्जियम पांच अंकों के साथ गोल अंतर से शीर्ष पर रहा, मिस्र भी पांच अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहा, जबकि तीन अंकों वाला ईरान तीसरे स्थान पर खिसक गया और अब उसे बेहतरीन आठ तीसरे स्थान वाली टीमों में जगह मिलने का इंतजार है। न्यूजीलैंड महज एक अंक के साथ बाहर हो गया।
बेल्जियम की यह जीत उसकी शुरुआती दो बराबरी के बाद आई और टीम ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा। लिएंड्रो ट्रोसार्ड ने 28वें मिनट में केविन डी ब्रुने के कॉर्नर पर गोल करके खाता खोला, फिर 50वें मिनट में दूसरा गोल दागा। इससे पहले 20वें मिनट में वीएआर ने बेल्जियम को मिला पेनल्टी रद्द कर दिया था, लेकिन टीम पर कोई असर नहीं पड़ा। डी ब्रुने ने 66वें मिनट में बॉक्स के बाहर से शानदार निचला शॉट लगाकर स्कोर 3-0 किया। न्यूजीलैंड के एलिजा जस्ट ने 84वें मिनट में एक गोल वापस किया, जिससे बेल्जियम क्षण भर के लिए दूसरे स्थान पर लुढ़क गया, लेकिन स्थानापन्न रोमेलू लुकाकू ने मैदान पर आते ही 86वें मिनट में हेडर से चौथा गोल कर टीम को फिर शीर्ष पर पहुंचा दिया। अतिरिक्त समय में एलेक्सिस सलेमेकर्स ने पांचवां गोल जोड़कर जश्न पूरा किया। यूरोपीय मीडिया ने इसे बेल्जियम की ‘स्वर्णिम पीढ़ी’ के बाद के संक्रमण काल में एक सफल कदम बताया, जबकि एशियाई रिपोर्टों ने न्यूजीलैंड की लगातार नौवीं विश्व कप हार पर ध्यान खींचा।
दूसरी ओर, मिस्र और ईरान के बीच शुरू से ही कांटे की टक्कर रही। मिस्र ने पांचवें मिनट में ही महमूद साबेर के गोल से बढ़त ले ली, लेकिन ईरान ने 14वें मिनट में रामिन रजाईयान की बराबरी से जवाब दिया। इससे पहले ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी का पेनल्टी मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबीर ने बचा लिया था। मिस्र के सुपरस्टार मोहम्मद सलाह 58वें मिनट में जांघ पर आइस पैक लगाए मैदान से बाहर गए, जिससे टीम की चिंता बढ़ गई। अंतिम क्षणों में ईरान ने शोजा खलीलजादेह के जरिए गोल कर दिया, लेकिन वीएआर ने ऑफसाइड का इशारा कर उसे रद्द कर दिया। इसके तुरंत बाद ईरान का एक और शॉट क्रॉसबार से टकराया। मध्य-पूर्व की रिपोर्टों ने मिस्र की ऐतिहासिक उपलब्धि को रेखांकित किया, जबकि एशियाई विश्लेषकों ने ईरान के भाग्य को अधूरी कहानी बताया।
अब बेल्जियम का सामना 32 के दौर में ग्रुप ए, आई या जे के किसी तीसरे स्थान वाली टीम से होगा, जबकि मिस्र की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से तय है। ईरान को अन्य ग्रुपों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा—यदि चार अन्य तीसरे स्थान वाली टीमें उससे खराब प्रदर्शन करती हैं, तो वह अगले दौर में पहुंच जाएगा। दक्षिण एशिया के फुटबॉल प्रेमियों के लिए ईरान की यह प्रतीक्षा खास मायने रखती है, क्योंकि एशियाई फुटबॉल में ईरान की मजबूत मौजूदगी पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 6 भाषाएँ
दो निराशाजनक ड्रॉ के बाद, बेल्जियम ने आखिरकार जागते हुए न्यूजीलैंड को 5-1 से रौंद दिया और ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया। मिस्र ईरान के साथ ड्रॉ के बाद कांपते हुए आगे बढ़ा, जबकि ईरान को अभी भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान की उम्मीद है। लैटिन अमेरिकी प्रेस इस गोलबारी और रेड डेविल्स के पुनरुत्थान का जश्न मनाती है।
कमजोर विश्व कप शुरुआत के बाद, बेल्जियम ने छोटी टीम न्यूजीलैंड पर अनिवार्य 5-1 की जीत के साथ अचानक ग्रुप विजेता बनकर शर्मनाक निकासी टाल दी। जर्मन प्रेस पहले के फीके प्रदर्शन और निर्णायक गोलबारी के बीच के तीखे अंतर को रेखांकित करता है, जिसमें संदेह और राहत का मिश्रण है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
इज़राइल-लेबनान समझौता: अमेरिकी मध्यस्थता में हस्ताक्षर, हिज़्बुल्लाह ने ख़ारिज किया
9 भाषाएँ · 38 स्रोत
Economy & Markets सेवोक्सवैगन की ऐतिहासिक छंटनी: 100,000 नौकरियां खत्म, चार जर्मन प्लांट बंद करने की योजना
5 भाषाएँ · 11 स्रोत
Technology सेइंडोनेशिया के EV बाजार में चीनी ब्रांड्स की बाढ़, लैटिन अमेरिका में प्यूजो-जीप की नई पारी
3 भाषाएँ · 5 स्रोत