
मरीन ले पेन के राजनीतिक भविष्य पर आज फैसला, राष्ट्रपति पद की दौड़ में उथल-पुथल तय
पेरिस की अपीलीय अदालत मंगलवार को यूरोपीय संसदीय धन के दुरुपयोग मामले में सुनाएगी अहम फैसला, 2027 के चुनाव से बाहर हो सकती हैं ले पेन।
फ्रांसीसी राष्ट्रीय रैली (आरएन) की नेता मरीन ले पेन के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ मंगलवार को पेरिस की अपीलीय अदालत में आने वाला है। अदालत यह तय करेगी कि यूरोपीय संसद के धन के कथित दुरुपयोग में दोषी पाई गईं ले पेन 2027 के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बन सकेंगी या नहीं। मार्च 2025 में निचली अदालत ने उन्हें पाँच वर्ष की अयोग्यता और दो वर्ष की जेल (इलेक्ट्रॉनिक टैग के साथ घर में नज़रबंदी) की सजा सुनाई थी, लेकिन अयोग्यता को तत्काल प्रभावी बना दिया गया था। अपीलीय फैसले के साथ ही तय हो जाएगा कि अगामी चुनावी दौड़ में आरएन का चेहरा ले पेन होंगी या 30 वर्षीय जॉर्डन बार्देला।
ले पेन इसे राजनीतिक मामला बताती रही हैं और उनके वकील ने अदालत को “राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए इस फैसले का चकराने वाला महत्त्व” बताया। स्वयं ले पेन ने कहा है कि यदि जजों ने इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट लगाया तो प्रचार करना “संभव नहीं” होगा। दूसरी ओर, आरएन के अध्यक्ष बार्देला ने ले पेन के प्रति “पूर्ण समर्थन” जताते हुए कहा कि वे उन्हें राष्ट्रपति देखने के लिए राजनीति में आए हैं, लेकिन पार्टी के भीतर यह स्वीकार किया जा रहा है कि बार्देला ही स्वाभाविक विकल्प होंगे। वहीं, वामपंथी नेता ज्यां-लुक मेलेंशों ने दावा किया है कि चाहे ले पेन हों या बार्देला, वे आरएन के उम्मीदवार को पहले या दूसरे दौर में “नष्ट” कर देंगे।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अपीलीय अदालत के सामने तीन विकल्प हैं: सजा बरकरार रखना, बरी करना या सज़ा में बदलाव करना। अभियोजन पक्ष ने इस बार पाँच वर्ष की अयोग्यता तो माँगी है, लेकिन जेल की अवधि एक वर्ष कम करने का अनुरोध किया है। यदि अदालत अयोग्यता को दो वर्ष तक सीमित करती है तो ले पेन सैद्धांतिक रूप से चुनाव लड़ सकती हैं, क्योंकि यह अवधि 31 मार्च 2027 को समाप्त होगी, जो मतदान से ठीक पहले है। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक निगरानी बाधा बन सकती है। साथ ही, किसी भी पक्ष के सर्वोच्च न्यायालय जाने की संभावना अनिश्चितता को और बढ़ा देती है।
फ्रांसीसी राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि आरएन का जनाधार लगातार बढ़ रहा है, हाल ही में पश्चिमी फ्रांस के ला फ्लेश शहर में उसकी जीत इसका प्रमाण है। पिछले वर्ष पिता ज्यां-मरी ले पेन के निधन और इस मुकदमे ने उनके लिए “भयानक वर्ष” रचा। चुनावी सर्वेक्षणों में ले पेन या बार्देला आगे चल रहे हैं, लेकिन ले पेन आगाह करती हैं कि दूसरे दौर में “अक्षमताओं का गठबंधन” उनके खिलाफ खड़ा होगा।
अदालत का फैसला स्थानीय समयानुसार मंगलवार दोपहर आने की उम्मीद है। ले पेन उसी शाम एक टीवी चैनल पर अपनी प्रतिक्रिया और भविष्य की रणनीति की घोषणा करेंगी। इसके बाद फ्रांस की राजनीतिक तस्वीर नए सिरे से उभरेगी।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 7 भाषाएँ
Continental Europe follows with apprehension the ruling that will decide Marine Le Pen's fate. The Paris Court of Appeal's decision is seen as a watershed not only for the far-right leader but for the entire National Rally. The discourse focuses on immediate political implications and the party's future.
Atlantic press focuses on the denial of Trump's request to delay the payment to E. Jean Carroll. The matter is framed as a legal failure for the president, emphasizing the finality of the judgment. There is no reference to the Le Pen case, which is ignored.
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