
रूसी ड्रोन हमले से काला सागर में मालवाहक जहाज में आग, मिस्र के रसोइए की मौत
यूक्रेन के अनुसार, रूसी ड्रोन हमले में पनामा ध्वज के जहाज 'विक्ट्रेस' में आग लगी, मिस्र के रसोइए की मौत; दो अन्य जहाजों पर भी हमला।
22 जून की रात काला सागर में रूसी ड्रोन हमले के बाद तुर्की स्वामित्व वाले और पनामा ध्वज वाले मालवाहक जहाज 'विक्ट्रेस' में भीषण आग लग गई। यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ओलेक्सी कुलीबा ने बताया कि हमले में जहाज पर कार्यरत 58 वर्षीय मिस्र का रसोइया मारा गया, जबकि शेष आठ चालक दल के सदस्यों—जिनमें मिस्र, तुर्की और भारत के नागरिक शामिल थे—को सुरक्षित निकाल लिया गया। यूक्रेनी नौसेना के अनुसार, जहाज को गंभीर क्षति पहुँची और वह समुद्री यात्रा के लायक नहीं रहा। ये तीनों जहाज ओडेसा क्षेत्र के बंदरगाहों की ओर जा रहे थे।
यूक्रेनी अधिकारियों ने इस हमले को नागरिक व्यापारिक जहाजों और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया। कुलीबा ने कहा कि रूस ने उसी रात बेलीज़ और पलाऊ ध्वज वाले दो अन्य मालवाहक जहाजों को भी निशाना बनाया, हालाँकि उनमें कोई हताहत नहीं हुआ और वे क्षतिग्रस्त अवस्था में आगे बढ़े। रूसी पक्ष की ओर से इस विशिष्ट हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। वहीं, यूक्रेनी सैन्य सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि यूक्रेनी बल रूस के 'छाया बेड़े' के टैंकरों और रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी बंदरगाहों पर जाने वाले जहाजों पर हमले करते रहे हैं, जिससे समुद्री क्षेत्र में दोतरफा तनाव बना हुआ है।
काला सागर यूक्रेन के अनाज निर्यात का प्रमुख मार्ग है, और इस तरह के हमलों से वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ सकता है। समुद्री बीमा कंपनियों के अनुसार, लगातार हमलों के कारण काला सागर में नौवहन की लागत और जोखिम पहले ही बढ़ चुके हैं। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण एशिया, विशेषकर भारत, जो काला सागर क्षेत्र से सूरजमुखी तेल और गेहूँ का बड़ा आयातक है, ऐसी घटनाओं से प्रभावित हो सकता है। इस हमले में भारतीय नागरिकों की मौजूदगी ने भारतीय समुद्री समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ फिर से उभार दी हैं; भारत सरकार ने अभी तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जुलाई 2023 में काला सागर अनाज पहल के समाप्त होने के बाद से यूक्रेन ने तटीय गलियारे के जरिए निर्यात जारी रखा है, लेकिन रूस ने इसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी है। पिछले सप्ताह 19 जून को भी रूसी हमले में एक पनामा ध्वज के जहाज पर एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दो अन्य घायल हुए थे। यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से 'निर्णायक प्रतिक्रिया' की माँग की है, जबकि रूस की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। इस घटनाक्रम से काला सागर में नागरिक नौवहन की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता और गहराने की आशंका है, और आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन की ओर से स्थिति की समीक्षा संभावित है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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रूसी ड्रोन ने काला सागर में एक नागरिक मालवाहक जहाज पर हमला किया, जिससे आग लग गई और एक मिस्री नाविक की मौत हो गई। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि मृतक 58 वर्षीय रसोइया था। यह घटना संघर्ष क्षेत्र में वाणिज्यिक नौवहन के लिए खतरों को रेखांकित करती है।
काला सागर में पनामा ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर रूसी ड्रोन हमले में एक मिस्री नाविक की मौत हो गई और भीषण आग लग गई। यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ने 58 वर्षीय रसोइए की मौत की पुष्टि की, जबकि आठ अन्य चालक दल के सदस्यों को निकाला गया। जहाज समुद्री यात्रा के लायक नहीं रहा, जो नागरिक जहाजों के लिए बढ़ते खतरे को दर्शाता है।
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