
पेंटागन ने ईरानी हमलों में घायलों की संख्या छिपाने के आरोपों को 'झूठ' बताया
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार जॉर्डन में तीन अघोषित ईरानी हमलों में दर्जनों अमेरिकी सैनिक घायल हुए, पेंटागन ने इसे 'दुर्भावनापूर्ण झूठ' करार दिया।
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया था कि जॉर्डन में ईरानी हमलों में घायल हुए दर्जनों अमेरिकी सैनिकों की जानकारी जनता से छिपाई गई। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इन आरोपों को "निराधार," "दुर्भावनापूर्ण" और "सरासर झूठ" बताते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य हताहतों की सूचना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और नियमित रूप से अपडेट की जाती है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया था कि शुक्रवार के उस घातक हमले से पहले, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक लापता हो गया, ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर तीन और हमले किए थे, जिनमें दर्जनों सैनिक घायल हुए और कई हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए।
अमेरिकी सैन्य सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) हर मामूली चोट की सूचना देने के लिए बाध्य नहीं है, खासकर तब जब सैनिक शीघ्र ड्यूटी पर लौट आते हैं। एक अधिकारी ने तर्क दिया कि हमलों के स्थान और प्रभाव की जानकारी सार्वजनिक करने से ईरान को अपनी मिसाइल और ड्रोन हमलों की सटीकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। पेंटागन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना संदर्भ के चोटों के आँकड़े पेश करना भ्रामक हो सकता है, क्योंकि इनमें प्रशिक्षण के दौरान मामूली मोच से लेकर युद्ध से असंबंधित घटनाएँ तक शामिल होती हैं। हाल के सप्ताहों में पेंटागन ने कुल घायलों की संख्या का अद्यतन बंद कर दिया है, जबकि फरवरी के अंत में युद्ध शुरू होने के बाद से 400 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं।
इस विवाद ने युद्धकालीन पारदर्शिता और परिचालन सुरक्षा के बीच संतुलन पर बहस को तेज कर दिया है। रूसी मीडिया में प्रकाशित सैन्य विश्लेषणों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद अपनी रणनीति बदलते हुए कमजोर रक्षा प्रणालियों जैसे इंटरसेप्टर और वायु रक्षा उपकरणों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की कमी आई है। इस बीच, पेंटागन ने मई के प्रारंभ के बाद युद्ध की रणनीति पर कोई बड़ी ब्रीफिंग नहीं की है, जिससे सूचना के अभाव में जनता के बीच अविश्वास की संभावना बढ़ सकती है।
कूटनीतिक मोर्चे पर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि तेहरान को मध्यस्थों से तनाव कम करने के प्रस्ताव मिले हैं। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि वाशिंगटन कूटनीति के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन यह एक "वास्तविक समझौता" होना चाहिए जिसका ईरान पालन करे, खासकर तब जब उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले जारी रखे हैं। फिलहाल, अमेरिकी सेना लगातार नौवें दिन ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रही है, और पेंटागन की पारदर्शिता पर सवाल बने हुए हैं। अगली सैन्य ब्रीफिंग या हताहत आँकड़ों के अद्यतन की प्रतीक्षा है, जो इस मुद्दे पर और स्पष्टता ला सकती है।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.80 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.20 | neutral |
| इज़राइली प्रेस | −0.50 | critical |
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.60 | critical |
Russia denounces the Pentagon's concealment of losses, highlighting American hypocrisy.
Uses the NYT report as irrefutable proof, ignoring the official denial to build a narrative of systematic deceit.
The Pentagon's denial of the allegations is not mentioned.
The Pentagon rejects the accusations as baseless and defends its transparency, presenting itself as a victim of a smear campaign.
Emphasizes the official denial and downplays the original report, using language of 'lies' and 'malice' to delegitimize the source.
Israel highlights American embarrassment and lack of transparency, implicitly aligning with the criticism but without directly attacking the ally.
Uses the term 'embarrassment' to suggest strategic weakness, and relies on the NYT report to question American credibility.
The Pentagon's denial is not reported.
Iran highlights hidden American losses, presenting them as evidence of US vulnerability and dishonesty.
Selects only information showing damage to the US, omitting the denial and context of Iranian aggression, to build a narrative of moral victory.
The Pentagon's denial and the US perspective on Iranian aggression are absent.
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