
अर्जेंटीना को केप वर्डे ने दी कड़ी टक्कर, मेसी के सिर पर चोट और आखिरी क्षण की जीत
मियामी में अतिरिक्त समय के रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने 3-2 से जीत दर्ज की, लेकिन केप वर्डे की बहादुरी और मेसी का संघर्ष सुर्खियों में रहा।
दो बार की मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने शुक्रवार को मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में फीफा विश्व कप 2026 के 32वें दौर के मैच में केप वर्डे को अतिरिक्त समय के बाद 3-2 से हराकर आखिरी-16 में जगह बनाई, लेकिन इस जीत ने पूरी टीम को झकझोर कर रख दिया। लियोनेल मेसी ने 29वें मिनट में लिसांड्रो मार्टिनेज की सहायता से गोल कर अर्जेंटीना को आगे किया—यह उनका टूर्नामेंट का सातवां और कुल 20वां विश्व कप गोल था—पर डेरॉय डुआर्टे ने 59वें मिनट में बराबरी दिला दी। अतिरिक्त समय में मार्टिनेज ने 93वें मिनट में फिर बढ़त दिलाई, लेकिन सिडनी लोप्स काब्राल ने 103वें मिनट में शानदार व्यक्तिगत प्रयास से दोबारा स्कोर 2-2 कर दिया। आखिरकार 111वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो का हेडर केप वर्डे के दीने बॉर्गेस के शरीर से लगकर गोल में बदल गया, जिसे फीफा ने आत्मघाती गोल करार दिया और अर्जेंटीना को 3-2 की मुश्किल जीत मिली।
मैच के बाद एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला जब कई केप वर्डे खिलाड़ी मेसी के साथ फोटो और ऑटोग्राफ लेने के लिए कतार में खड़े रहे। मेसी ने हंसते हुए कहा, “उन्होंने मेरी जर्सी मांगी, सब कुछ... मैदान में ये मुझे खूब लात मारते हैं, लेकिन बाद में ऐसा करते हैं।” मुकाबले के दौरान एक कठिन टक्कर के बाद मेसी के माथे पर चोट भी नज़र आई, फिर भी वह 120 मिनट तक डटे रहे और कॉर्नर से दो गोलों में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अर्जेंटीना के प्रदर्शन पर आत्म-आलोचना करते हुए कहा कि टीम ने गेंद खो दी, पीछे बैठ गई और प्रभावी दबाव नहीं बना पाई।
महज 5.25 लाख आबादी वाला द्वीपीय राष्ट्र केप वर्डे अपने पहले ही विश्व कप में नॉकआउट चरण तक पहुंचकर सबको चौंका चुका था। समूह चरण में यूरोपीय चैंपियन स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब से ड्रॉ खेलने वाली ‘ब्लू शार्क्स’ ने मियामी में भी अर्जेंटीना को हर मोड़ पर टक्कर दी। प्रशंसकों ने प्राया में देर रात तक ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया; एक समर्थक ने कहा, “हम मैच हार गए, लेकिन विश्व चैंपियन के खिलाफ अपनी पकड़ बनाए रखना एक जीत जैसा है।” अटलांटिक सागर का यह देश इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी कहानियों में से एक बन गया।
वैश्विक मीडिया ने अर्जेंटीना की इस तंग जीत पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। स्पेन के मार्का ने इसे “निःसंदेह चमत्कार” कहा और लिखा कि अर्जेंटीना को बाइ-कैम्पियन बनने के लिए कई चीज़ों पर गौर करना होगा। एएस ने “केप वर्डे ने अर्जेंटीना को पीड़ा की सीमा तक पहुंचा दिया” शीर्षक दिया। इटली की गज़ेत्ता देल्लो स्पोर्त ने “क्या डर था, अर्जेंटीना!” लिखकर आत्मघाती गोल को हास्यपूर्ण अंदाज़ में “दीने का हाथ” बताया। फ्रांसीसी ल’एक्विप ने कहा कि यह अर्जेंटीना की “दुख झेलते हुए जीतने” की आदत की याद दिलाता है। भारतीय और खाड़ी मीडिया ने भी केप वर्डे के जज़्बे और मेसी पर टीम की निर्भरता को रेखांकित किया।
अब अर्जेंटीना का सामना अगले मंगलवार, 7 जुलाई को अटलांटा के मर्सिडीज़-बेंज़ स्टेडियम में मिस्र से होगा, जिसने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी पर हराकर पहली बार अंतिम-16 में प्रवेश किया है। यह मुकाबला मेसी बनाम मोहम्मद सलाह की भिड़ंत के रूप में भी देखा जा रहा है, जहां अर्जेंटीना को अपनी कमज़ोरियों पर तुरंत काबू पाना होगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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Argentina's hard-fought victory is portrayed as a thriller, with Messi opening the scoring but the team suffering Cape Verde's comeback. The captain jokes about the kicks he received, but the press highlights the Albiceleste's weaknesses ahead of the round of 16. The mood is between euphoria for progressing and concern over performance.
Cape Verde leave with heads held high after troubling the world champions. The defeat is celebrated as a heroic achievement for the small island nation. The players asking Messi for selfies symbolizes the respect earned on the pitch.
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