
Trump की तुर्की यात्रा में विमान बदलने का कारण ईरानी खतरा, नए एयरफोर्स वन की सुरक्षा पर सवाल
नाटो शिखर सम्मेलन के बाद अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने ईरान समर्थित समूहों द्वारा मिसाइल हमले की 'विश्वसनीय धमकी' का हवाला दिया, जिसके चलते ट्रंप को पुराने सुरक्षित विमान का इस्तेमाल करना पड़ा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जुलाई के पहले सप्ताह में तुर्की से लौटते समय अचानक अपना निजी विमान बदल लिया। अमेरिकी गुप्तचर एजेंसियों के अनुसार, यह निर्णय ईरान से जुड़े सशस्त्र समूहों द्वारा राष्ट्रपति और उनके विमान को निशाना बनाने की एक 'विश्वसनीय साजिश' के चलते लिया गया। द न्यूयॉर्क टाइम्स और सीबीएस न्यूज़ ने नाम न छापने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि खुफिया रिपोर्ट में तुर्की से लौटते समय विमान पर मिसाइल दागे जाने की आशंका जताई गई थी।
व्हाइट हाउस ने इस खतरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की, लेकिन एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने राष्ट्रपति की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने की बात कही। स्वयं ट्रंप ने शुरुआत में इसे 'पुराने दिनों की याद' बताया था। यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच हुआ, जब ट्रंप अंकारा में नाटो सम्मेलन में शामिल होने गए थे। वे कतर से उपहार में मिले 40 करोड़ डॉलर के बोइंग 747-8 से गए थे, लेकिन वापसी में पुराने एयरफोर्स वन (बोइंग 747-200बी) का इस्तेमाल किया, जो लेज़र आधारित एंटी-मिसाइल प्रणालियों से लैस है। नए विमान में ये क्षमताएं नहीं होने के कारण सीक्रेट सर्विस ने बदलाव की सिफारिश की।
ईरानी पक्ष से जुड़े मीडिया ने इस दावे पर संदेह जताया है। अल-मनार और दोन्या-ए-एक्तेसाद जैसे फ़ारसी और अरबी स्रोतों ने अमेरिकी रिपोर्टों को 'दावा' बताते हुए सतर्क भाषा अपनाई है, हालांकि तेहरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। क्षेत्रीय स्तर पर यह मामला अमेरिका-ईरान प्रतिद्वंद्विता की एक और कड़ी बन गया है। इज़राइल द्वारा साझा की गई एक अलग खुफिया जानकारी, जिसमें ईरान द्वारा ट्रंप की हत्या की साजिश का उल्लेख था, को लेकर अमेरिकी अधिकारियों ने संदेह व्यक्त किया था। यह खतरा तुर्की वाली धमकी से अलग बताया जाता है।
इस प्रकरण ने नए एयरफोर्स वन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि विमान में लगभग एक माह तक सुरक्षा उन्नयन कार्य किए जाएंगे, जिसके चलते ट्रंप पुराने विमान का ही इस्तेमाल करेंगे। वहीं, अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में लीक की जांच के दौरान पत्रकारों और उनके परिवारों के फ़ोन रिकॉर्ड मांगने के बाद सबपीना वापस ले लिया है। फिलहाल कोई नई राजनयिक या सैन्य घोषणा नहीं हुई है, लेकिन ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप ने “हम पूरी तरह तैयार हैं” जैसे बयान दोहराए हैं।
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