
यूक्रेन का रिकॉर्ड ड्रोन हमला: रूस ने 660 मार गिराने का दावा किया, ज़ेलेंस्की ने 40-दिवसीय दबाव अभियान की घोषणा की
रूस के 13 क्षेत्रों और क्रीमिया में एक रात में 660 ड्रोन नष्ट करने की सूचना के बीच यूक्रेन ने ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाकर युद्ध समाप्ति के लिए दीर्घकालिक रणनीति अपनाई है।
25-26 जून की रात यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने रूसी क्षेत्र पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायु रक्षा प्रणालियों ने 660 मानवरहित विमानों को मार गिराया, जो बेलगोरोद, ब्रियांस्क, कुर्स्क, मॉस्को, तुला और रोस्तोव समेत 13 क्षेत्रों के साथ-साथ क्रीमिया, काला सागर और आज़ोव सागर के ऊपर नष्ट किए गए। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि राजधानी की ओर आते 47 ड्रोन रोके गए, जबकि तुला क्षेत्र के गवर्नर दमित्री मिलयाएव ने नोवोमोस्कोव्स्क स्थित एक औद्योगिक संयंत्र और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुँचने तथा एक महिला के घायल होने की पुष्टि की।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले से ठीक पहले एक 40-दिवसीय “प्रभाव अभियान” को मंज़ूरी देने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य रूस पर युद्ध समाप्त करने का दबाव बनाना है। यूक्रेनी सुरक्षा सेवा के प्रमुख के परामर्श के बाद लिए गए इस निर्णय के तहत लंबी दूरी के ड्रोन हमलों को मुख्य रूप से ऊर्जा अवसंरचना—तेल रिफ़ाइनरियों, ईंधन डिपो और विद्युत संयंत्रों—पर केंद्रित किया गया है। पश्चिमी सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, इस रणनीति का लक्ष्य क्रेमलिन को युद्ध प्रयासों के लिए ज़रूरी राजस्व स्रोतों से वंचित करना और रूसी जनता के बीच यह संदेश पहुँचाना है कि युद्ध अब उनके अपने घरों तक पहुँच सकता है।
रूसी पक्ष ने इन हमलों को “आतंकवादी कृत्य” करार दिया है और दावा किया है कि अधिकांश ड्रोन नष्ट कर दिए गए, फिर भी स्थानीय प्रशासन ने बुनियादी ढाँचे को हुए नुकसान को स्वीकार किया है। राज्य ड्यूमा की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के उपाध्यक्ष अलेक्सेई चेपा ने कहा कि यूक्रेन युद्धविराम की आड़ में अपनी ड्रोन क्षमता बढ़ाना चाहता है और साथ ही रूस के भीतर अस्थिरता फैलाने का प्रयास कर रहा है। दूसरी ओर, नाटो सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों में चेतावनी दी गई है कि रूस बाल्टिक देशों या पोलैंड के विरुद्ध “उकसाने वाली कार्रवाई” की तैयारी कर सकता है, ताकि पश्चिमी गठबंधन की एकजुटता की परीक्षा ली जा सके और यूक्रेन को समर्थन देने से रोका जा सके।
क्रीमिया इस अभियान का एक प्रमुख केंद्र बिंदु बनकर उभरा है। 2014 में रूस द्वारा अधिग्रहित इस प्रायद्वीप पर लगातार हो रहे ड्रोन हमलों ने ईंधन की भारी कमी पैदा कर दी है, जिससे स्थानीय प्रशासन को निजी वाहनों के लिए पेट्रोल-डीज़ल की बिक्री स्थगित करनी पड़ी है। यूक्रेनी रक्षा मंत्री मिखाइलो फ़ेदोरोव के अनुसार, इसका उद्देश्य क्रीमिया को मुख्य भूमि रूस से जोड़ने वाले पुलों, रेलवे और ऊर्जा आपूर्ति को व्यवस्थित रूप से नष्ट कर उसे “द्वीप” में बदलना है, जिससे मॉस्को के लिए सैन्य और राजनीतिक लागत बढ़े।
फ़िलहाल 40-दिवसीय अभियान जारी है और आने वाले सप्ताहों में रूसी ऊर्जा ठिकानों तथा सैन्य अवसंरचना पर और हमले अपेक्षित हैं। रूसी वायु रक्षा की प्रभावशीलता और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया पर नज़र रखी जा रही है, जबकि नाटो अपने पूर्वी सदस्यों की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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रूसी वायु सुरक्षा ने रातों-रात 660 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया, जो एक रिकॉर्ड संख्या है। तुला में एक रासायनिक संयंत्र क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन सुरक्षा बलों की प्रशंसा की जा रही है। बेलगोरोद में एक नागरिक घायल हुआ।
यूक्रेनी ड्रोन हमले ने रूस के तुला स्थित एक रासायनिक संयंत्र को निशाना बनाया, जिससे आग लग गई और ऊर्जा ढाँचे को नुकसान पहुँचा। रूस ने 660 ड्रोन मार गिराने का दावा किया, लेकिन यह हमला यूक्रेन की दूरगामी क्षमता दिखाता है। अमोनिया रिसाव की चिंता पर्यावरणीय खतरा बढ़ा रही है।
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