
विश्व कप 2026: अफ्रीका की सात टीमें 32 में बाहर, अब मिस्र-मोरक्को पर दारोमदार
रिकॉर्ड नौ अफ्रीकी टीमों के साथ शुरू हुआ सफर घाना और केप वर्डे की हार के बाद सिमटकर दो पर आ गया, अब क्वार्टर फाइनल की राह में कनाडा और अर्जेंटीना चुनौती।
शुक्रवार की रात अफ्रीकी फुटबॉल के लिए मिली-जुली रही। एक ओर घाना कोलंबिया के खिलाफ पूरे मैच में एक भी शॉट ऑन टारगेट नहीं लगा सका और 14वें मिनट में जॉन एरियस के गोल से 1-0 से हारकर बाहर हो गया, तो दूसरी ओर डेब्यू कर रही केप वर्डे ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय तक खींचकर रोमांच पैदा कर दिया। लियोनेल मेसी के 20वें विश्व कप गोल से पिछड़ने के बाद डेरॉय डुआर्टे ने बराबरी की, अतिरिक्त समय में लिसांद्रो मार्टिनेज़ के गोल के जवाब में सिडनी लोपेज़ काब्राल ने फिर से 2-2 किया, लेकिन 111वें मिनट में एक दुर्भाग्यपूर्ण आत्मघाती गोल ने केप वर्डे के सपने तोड़ दिए। इन नतीजों के बाद विश्व कप 2026 में अफ्रीका की रिकॉर्ड नौ टीमों वाली मौजूदगी अब सिर्फ दो—मिस्र और मोरक्को—तक सिमट गई है।
मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-1 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से जीत दर्ज कर पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत का स्वाद चखा। पहले हाफ में इमाम अशूर ने गोल किया, पर 55वें मिनट में मोहम्मद हानी के आत्मघाती गोल से स्कोर बराबर हो गया। वहीं मोरक्को ने भी नीदरलैंड्स को इसी अंदाज में अतिरिक्त समय के बाद 1-1 की स्थिति में पेनल्टी पर 3-2 से हराया। लेकिन शेष अफ्रीकी टीमें करीबी मुकाबलों में चूक गईं: सेनेगल 2-0 की बढ़त गंवाकर बेल्जियम से अतिरिक्त समय में 3-2 से हारा, कांगो ने इंग्लैंड के खिलाफ हैरी केन के दो देर के गोलों से 2-1 से हार झेली, आइवरी कोस्ट एर्लिंग हालैंड के 86वें मिनट के गोल से नॉर्वे से 2-1 से पिछड़ा, दक्षिण अफ्रीका मेज़बान कनाडा से 1-0 से हारा और अल्जीरिया स्विट्जरलैंड के सामने गोल करने में नाकाम रहा। ट्यूनीशिया तो ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया था।
कांगो के कोच सेबेस्टियन देसाब्रे ने इतनी अफ्रीकी टीमों के अंतिम 32 में पहुंचने को “बहुत गर्व की बात” बताया, जबकि घाना के फॉरवर्ड ब्रैंडन थॉमस-असांटे ने कहा कि अफ्रीकी प्रतिभा अब दुनिया में किसी से कम नहीं है। एशिया के लिए यह विश्व कप और भी निराशाजनक रहा—जापान और ऑस्ट्रेलिया 32 के दौर में हारकर बाहर हो गए, जिससे 16 के दौर में कोई भी एशियाई टीम जगह नहीं बना सकी। इससे वैश्विक फुटबॉल में एशिया की बढ़ती चुनौती को झटका लगा है, लेकिन अफ्रीकी टीमों ने दिखाया कि वे अब सिर्फ संख्या में नहीं, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर भी बड़ी ताकतों को टक्कर दे रही हैं।
अब सबकी निगाहें शनिवार को मोरक्को बनाम कनाडा और मंगलवार को मिस्र बनाम अर्जेंटीना मुकाबलों पर होंगी। मोरक्को के लिए मेज़बान कनाडा को हराकर लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का मौका है, जबकि मिस्र के सामने लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना जैसी दिग्गज टीम होगी। अफ्रीका की पहली विश्व कप खिताबी उम्मीद अब इन्हीं दो टीमों के कंधों पर टिकी है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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Of the nine African countries that qualified for the knockout stage, only Egypt and Morocco remain. Ghana and Cape Verde were eliminated in the Round of 32. Focus is now on the two teams carrying the continent's hopes.
Lionel Messi keeps scoring, while Egypt earns its first historic knockout win by beating Australia on penalties. Argentina edged past Cape Verde only in extra time.
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