तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान-अमेरिका तनाव से सोने में छह हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट
वैश्विक बाजार में सोने की कीमत इस सप्ताह 3.2 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गई, क्योंकि ईरान-अमेरिका संघर्ष से तेल की कीमतों में उछाल ने मुद्रास्फीति की चिंता और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका को बल दिया।
वैश्विक सोना बाजार शुक्रवार को छह सप्ताह की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा था। हाजिर सोना 3,988 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जो सप्ताह की शुरुआत से लगभग 3.2 से 3.4 प्रतिशत की हानि दर्शाता है। यह गिरावट जून के पहले सप्ताह के बाद सबसे तीव्र है। अमेरिकी वायदा बाजार में अगस्त डिलीवरी का भाव 3,992 डॉलर पर स्थिर रहा।
इस गिरावट का केंद्रीय कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 12 प्रतिशत का साप्ताहिक उछाल है, जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव से उपजा है। दोनों देशों के बीच गुरुवार को तीव्र हवाई हमलों का आदान-प्रदान हुआ, जिसने पिछले महीने हुए युद्धविराम को काफी हद तक समाप्त कर दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह सीमित होने और ईरान द्वारा यमन के हूती आंदोलन को लाल सागर निर्यात मार्ग बंद करने की तैयारी का आदेश दिए जाने की खबरों ने आपूर्ति संबंधी भय को और बढ़ा दिया।
तेल की कीमतों में तेजी ने मुद्रास्फीति के दोबारा भड़कने की आशंका को जन्म दिया है, जिससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड) द्वारा ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावना प्रबल हुई है। डलास फेड की अध्यक्ष लोरी लोगान ने सार्वजनिक रूप से दर बढ़ाने का आह्वान किया, जबकि फेड के उपाध्यक्ष फिलिप जेफरसन ने संकेत दिया कि यदि अल्पावधि में मुद्रास्फीति में सुधार नहीं हुआ तो वे दर वृद्धि के लिए तैयार हैं। सीएमई फेडवॉच उपकरण के अनुसार, व्यापारी अब दिसंबर में ब्याज दर बढ़ने की 73 प्रतिशत संभावना जता रहे हैं। ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बिना ब्याज वाली सोने जैसी परिसंपत्तियां निवेशकों को कम आकर्षित करती हैं, क्योंकि वे बेहतर प्रतिफल वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
हालांकि इसी सप्ताह जारी अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के आंकड़े अपेक्षाकृत नरम रहे, लेकिन तेल की कीमतों में उछाल ने इन आंकड़ों के सकारात्मक प्रभाव को ढक दिया। केसीएम ट्रेड के मुख्य बाजार विश्लेषक टिम वाटरर के अनुसार, भू-राजनीतिक जोखिम और मुद्रास्फीति-प्रतिफल संबंधी चिंताएं सोने की तेजी पर अंकुश लगाने वाली प्रमुख शक्तियां बनी हुई हैं।
अन्य बहुमूल्य धातुओं में भी गिरावट दर्ज की गई। चांदी 0.5 प्रतिशत घटकर 55.22 डॉलर प्रति औंस, प्लेटिनम 0.7 प्रतिशत गिरकर 1,605.62 डॉलर और पैलेडियम 0.4 प्रतिशत फिसलकर 1,244.86 डॉलर पर आ गया। तीनों धातुएं साप्ताहिक नुकसान की ओर अग्रसर हैं। आगे का ध्यान फेड की अगली नीति बैठक और होर्मुज-लाल सागर क्षेत्र में तनाव के किसी भी नए मोड़ पर रहेगा, जो तेल आपूर्ति और मुद्रास्फीति की दिशा तय करेगा।
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Iran sees the gold drop as a direct consequence of the bilateral tensions with the US, which drive oil prices and inflation fears.
Iran presents the causal chain from tensions to oil to gold as an objective market reaction, avoiding any attribution of blame and thereby normalizing the conflict's economic impact.
Iran omits the specific mention of the Strait of Hormuz as the location of strikes, which would highlight the strategic oil chokepoint and strengthen the supply disruption narrative.
The Gulf states frame the gold decline as a result of mutual hostilities between the US and Iran, emphasizing the reciprocal nature of the escalation.
The Gulf uses the term 'mutual strikes' to distribute responsibility evenly, avoiding a one-sided narrative and maintaining a balanced regional perspective.
The Gulf reports omit the specific location of the Strait of Hormuz, which would underscore the strategic importance of the waterway for global oil supplies.
South Asia characterizes the situation as an 'Iran war' that fans inflation, directly linking the conflict to gold's decline.
By labeling the conflict a 'war', South Asia creates a sense of urgency and severity, making the inflation and rate hike narrative more compelling.
South Asia omits the specific location of the Strait of Hormuz and the reciprocal nature of the strikes, presenting a more one-sided 'Iran war' narrative.
The Atlantic world links the Hormuz strikes directly to Fed rate hike bets, framing the Middle East hostilities as a macroeconomic input.
By focusing on the Fed's reaction function, the Atlantic abstracts the conflict into a variable in monetary policy calculations, depoliticizing the event.
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