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फ्रांस-मोरक्को क्वार्टर फाइनल: 2022 की सेमीफाइनल की पुनरावृत्ति, सैबारी की चोट ने बिगाड़ा संतुलनपश्चिमी यूरोप में जून 2026 रिकॉर्ड सबसे गर्म, औसत तापमान 20.74°Cआईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि दर घटाकर 3% की, भारत के लिए 6.4% का अनुमानएपल-ब्रॉडकॉम के बीच 30 अरब डॉलर की चिप डील, अमेरिकी विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावाथाईलैंड में अमेरिकी फिटनेस इन्फ्लुएंसर कॉनर मर्फी की झील में डूबने से मौत, जांच जारीमोरक्को के स्टार सैबारी क्वार्टर फ़ाइनल से बाहर, कोच बोले—रणनीति नहीं बदलेगीजब दुबई में परिणाम आए, रूस में पाठ्यक्रम बदला और ब्राज़ील में कक्षाएँ खामोश हुईंरूसी वॉलीबॉल टीमों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी, FIVB ने हटाए सभी प्रतिबंधफ्रांस-मोरक्को क्वार्टर फाइनल: 2022 की सेमीफाइनल की पुनरावृत्ति, सैबारी की चोट ने बिगाड़ा संतुलनपश्चिमी यूरोप में जून 2026 रिकॉर्ड सबसे गर्म, औसत तापमान 20.74°Cआईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि दर घटाकर 3% की, भारत के लिए 6.4% का अनुमानएपल-ब्रॉडकॉम के बीच 30 अरब डॉलर की चिप डील, अमेरिकी विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावाथाईलैंड में अमेरिकी फिटनेस इन्फ्लुएंसर कॉनर मर्फी की झील में डूबने से मौत, जांच जारीमोरक्को के स्टार सैबारी क्वार्टर फ़ाइनल से बाहर, कोच बोले—रणनीति नहीं बदलेगीजब दुबई में परिणाम आए, रूस में पाठ्यक्रम बदला और ब्राज़ील में कक्षाएँ खामोश हुईंरूसी वॉलीबॉल टीमों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी, FIVB ने हटाए सभी प्रतिबंध
समाज और संस्कृतिबुधवार, 8 जुलाई 2026

जब एक बच्चे ने इंसान की जगह मशीन से मांगी सलाह: AI के दौर में बचपन की नई तस्वीर

जिनेवा के एक वैश्विक मंच से लेकर जकार्ता की नीतिगत बहस तक, दुनिया इस बात से जूझ रही है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विस्तार के बीच बच्चों की सुरक्षा और विकास को कैसे सुनिश्चित किया जाए।

जिनेवा के एक सभागार में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक चेतावनी भरे वाक्य के साथ दुनिया का ध्यान खींचा: कोई भी बच्चा ‘अनियंत्रित एआई का प्रायोगिक खरगोश’ नहीं बनना चाहिए। यह पहला वैश्विक एआई गवर्नेंस संवाद था, जिसमें 193 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। गुटेरेस ने बताया कि इंटरनेट को एक अरब उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने में पंद्रह साल लगे, जबकि एआई ने यह आंकड़ा महज दो साल में छू लिया। उन्होंने तीन सिद्धांत रखे: कंपनियां बच्चों के लिए सिस्टम जारी करने से पहले सुरक्षा साबित करें, एआई से बाल यौन शोषण की छवियां बनाने पर जीरो टॉलरेंस हो, और जब कोई प्लेटफॉर्म किसी बच्चे में मानसिक पीड़ा या आत्म-क्षति के संकेत पहचाने तो उसे तुरंत मानवीय सहायता की ओर भेजे।

यह दृश्य महज एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था। उसी सप्ताह, यूनिसेफ के आंकड़ों ने बताया कि दस देशों में कम से कम दो करोड़ बच्चों ने एआई उपकरणों का इस्तेमाल किया, और उनकी अपनाने की दर वयस्कों से तीन गुना अधिक थी। लगभग 1.3 करोड़ बच्चे इन उपकरणों का उपयोग सीखने के लिए कर रहे थे, जबकि बीस लाख से अधिक बच्चों ने निजी मसलों पर सलाह के लिए एआई का रुख किया। यह आंकड़ा एक सांस्कृतिक बदलाव की ओर इशारा करता है: ज्ञान और भावनात्मक सहारे का पारंपरिक स्रोत—परिवार और स्कूल—अब एक ऐसी मशीन से स्पर्धा कर रहा है जो तुरंत जवाब तो देती है, लेकिन जिसके आंतरिक मूल्य या डेटा उपयोग की पारदर्शिता बच्चे की समझ से परे है।

इस बदलाव ने अलग-अलग समाजों में अलग-अलग तरह की बेचैनी पैदा की है। अमेरिका में प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वेक्षणों के अनुसार, 2021 में 37 प्रतिशत नागरिक एआई को लेकर उत्साह से अधिक चिंतित थे, जो 2023 में बढ़कर 52 प्रतिशत हो गया। यह अविश्वास केवल आंकड़ों की अज्ञानता से नहीं उपजा; लोगों को डर है कि यह तकनीक नौकरियां छीन लेगी, निगरानी का औजार बनेगी, और इसका लाभ ताकतवरों के हाथों में केंद्रित हो जाएगा। ब्रिटेन के चार विश्वविद्यालयों के एक व्यापक अध्ययन ने दो साल से कम उम्र के बच्चों को नियमित स्क्रीन समय देने के खिलाफ चेतावनी दी, यह पाते हुए कि कुछ शिशु माता-पिता से सांत्वना लेने के बजाय डिजिटल उपकरणों की ओर मुड़ रहे हैं। शोधकर्ताओं ने इसे ‘जागने की घंटी’ बताया और माता-पिता को बिना पर्याप्त सहारे के इस डिजिटल दुनिया में अकेला छोड़ दिए जाने पर चिंता जताई।

विकासशील देशों की चिंता का स्वर कुछ अलग है। इंडोनेशिया ने जी20 शेरपा बैठक में स्पष्ट कहा कि वैश्विक एआई मानक लचीले होने चाहिए ताकि वे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नई अनुपालन बाधा न बनें। जकार्ता का आग्रह था कि विकासशील देश मानकों के निर्माण में सह-लेखक बनें, न कि केवल अनुपालनकर्ता। खाड़ी देशों में, जहां संयुक्त अरब अमीरात में इंटरनेट की पहुंच 99 प्रतिशत है, विशेषज्ञों ने सुरक्षा को नेटवर्क स्तर पर ही अंतर्निहित करने की वकालत की, ताकि हर बच्चा, हर कनेक्शन पर, ऑनलाइन होते ही सुरक्षित हो—यह जिम्मेदारी केवल माता-पिता के तकनीकी साक्षरता पर न छोड़ी जाए।

इन सबके बीच, एक स्थायी छवि उभरती है: एक ऐसा बच्चा जो अपने स्कूल के दबाव या अकेलेपन के क्षण में, किसी इंसानी कंधे की बजाय एक चैटबॉक्स की ओर हाथ बढ़ाता है। यह तस्वीर न तो पूरी तरह आशावादी है और न ही निराशाजनक—यह एक ऐसे युग का सच है जहां बचपन का भावनात्मक भूगोल, पहली बार, सिलिकॉन की परतों पर भी अंकित हो रहा है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
अक्ष: Alarma vs. Solución
30%मध्यम
4 ब्लॉक · स्थिति −0.70 से +0.10 तक
Críticos y alarmistasPragmáticos y solucionistas
LATALMGLFIND
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
लैटिन अमेरिकी प्रेस−0.30critical
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस−0.50critical
अरब खाड़ी प्रेस+0.10neutral
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस−0.70critical
लैटिन अमेरिकी प्रेस−0.30
स्वर

संयुक्त राष्ट्र एक वैश्विक समझौते की मांग करता है ताकि कोई भी बच्चा AI का गिनी पिग न बने।

तंत्रuniversalizzazione

संयुक्त राष्ट्र के नैतिक अधिकार और मानवाधिकार भाषा का उपयोग करके विनियमन की आवश्यकता को सार्वभौमिक बनाना।

चूक

विकासशील देशों की आर्थिक चिंताओं का उल्लेख नहीं करता, जैसे AI नियमों का SMEs पर प्रभाव।

चेतावनीअत्यावश्यकता
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस−0.50
स्वर

दुनिया तैयार नहीं है: 20 मिलियन बच्चे पहले से ही बिना सुरक्षा के AI का उपयोग कर रहे हैं।

तंत्रdrammatizzazione dei dati

यूनिसेफ के चौंकाने वाले आंकड़ों का उपयोग करके तात्कालिकता पैदा करना और सरकारों पर दबाव डालना।

चूक

वैश्विक शासन प्रयासों जैसे UN समझौते और खाड़ी में प्रस्तावित तकनीकी समाधानों का उल्लेख नहीं करता।

चेतावनीआक्रोश
अरब खाड़ी प्रेस+0.10
स्वर

सुरक्षा नेटवर्क में निर्मित होनी चाहिए, माता-पिता पर नहीं छोड़ी जानी चाहिए; खाड़ी सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए।

तंत्रsoluzione tecnocratica

तकनीकी समाधान को एकमात्र व्यवहार्य के रूप में प्रस्तुत करना, माता-पिता की जिम्मेदारी के विपरीत।

चूक

बच्चों द्वारा AI उपयोग के पैमाने या विनियमन के लिए वैश्विक आह्वान का उल्लेख नहीं करता, केवल तकनीकी समाधान पर ध्यान केंद्रित करता है।

व्यावहारिकतासंरक्षणवाद
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस−0.70
स्वर

अमेरिकी डरते हैं कि AI उनके जीवन को नुकसान पहुंचाएगा; अविश्वास बढ़ रहा है।

तंत्रlegittimazione del timore

प्यू सर्वेक्षणों का हवाला देकर जनमत में बदलाव दिखाना, भय को वैध बनाना।

चूक

बाल संरक्षण फोकस और अंतर्राष्ट्रीय पहलों को अनदेखा करता है, केवल अमेरिका में सामान्य वयस्क भय पर ध्यान केंद्रित करता है।

चेतावनीसंदेह

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फ्रांस-मोरक्को क्वार्टर फाइनल: 2022 की सेमीफाइनल की पुनरावृत्ति, सैबारी की चोट ने बिगाड़ा संतुलन·पश्चिमी यूरोप में जून 2026 रिकॉर्ड सबसे गर्म, औसत तापमान 20.74°C·आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि दर घटाकर 3% की, भारत के लिए 6.4% का अनुमान·एपल-ब्रॉडकॉम के बीच 30 अरब डॉलर की चिप डील, अमेरिकी विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा·थाईलैंड में अमेरिकी फिटनेस इन्फ्लुएंसर कॉनर मर्फी की झील में डूबने से मौत, जांच जारी·मोरक्को के स्टार सैबारी क्वार्टर फ़ाइनल से बाहर, कोच बोले—रणनीति नहीं बदलेगी·जब दुबई में परिणाम आए, रूस में पाठ्यक्रम बदला और ब्राज़ील में कक्षाएँ खामोश हुईं·रूसी वॉलीबॉल टीमों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी, FIVB ने हटाए सभी प्रतिबंध·फ्रांस-मोरक्को क्वार्टर फाइनल: 2022 की सेमीफाइनल की पुनरावृत्ति, सैबारी की चोट ने बिगाड़ा संतुलन·पश्चिमी यूरोप में जून 2026 रिकॉर्ड सबसे गर्म, औसत तापमान 20.74°C·आईएमएफ ने वैश्विक वृद्धि दर घटाकर 3% की, भारत के लिए 6.4% का अनुमान·एपल-ब्रॉडकॉम के बीच 30 अरब डॉलर की चिप डील, अमेरिकी विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा·थाईलैंड में अमेरिकी फिटनेस इन्फ्लुएंसर कॉनर मर्फी की झील में डूबने से मौत, जांच जारी·मोरक्को के स्टार सैबारी क्वार्टर फ़ाइनल से बाहर, कोच बोले—रणनीति नहीं बदलेगी·जब दुबई में परिणाम आए, रूस में पाठ्यक्रम बदला और ब्राज़ील में कक्षाएँ खामोश हुईं·रूसी वॉलीबॉल टीमों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वापसी, FIVB ने हटाए सभी प्रतिबंध·
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बुधवार, 8 जुलाई 2026

जब एक बच्चे ने इंसान की जगह मशीन से मांगी सलाह: AI के दौर में बचपन की नई तस्वीर

जिनेवा के एक वैश्विक मंच से लेकर जकार्ता की नीतिगत बहस तक, दुनिया इस बात से जूझ रही है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विस्तार के बीच बच्चों की सुरक्षा और विकास को कैसे सुनिश्चित किया जाए।

जिनेवा के एक सभागार में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक चेतावनी भरे वाक्य के साथ दुनिया का ध्यान खींचा: कोई भी बच्चा ‘अनियंत्रित एआई का प्रायोगिक खरगोश’ नहीं बनना चाहिए। यह पहला वैश्विक एआई गवर्नेंस संवाद था, जिसमें 193 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। गुटेरेस ने बताया कि इंटरनेट को एक अरब उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने में पंद्रह साल लगे, जबकि एआई ने यह आंकड़ा महज दो साल में छू लिया। उन्होंने तीन सिद्धांत रखे: कंपनियां बच्चों के लिए सिस्टम जारी करने से पहले सुरक्षा साबित करें, एआई से बाल यौन शोषण की छवियां बनाने पर जीरो टॉलरेंस हो, और जब कोई प्लेटफॉर्म किसी बच्चे में मानसिक पीड़ा या आत्म-क्षति के संकेत पहचाने तो उसे तुरंत मानवीय सहायता की ओर भेजे।

यह दृश्य महज एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था। उसी सप्ताह, यूनिसेफ के आंकड़ों ने बताया कि दस देशों में कम से कम दो करोड़ बच्चों ने एआई उपकरणों का इस्तेमाल किया, और उनकी अपनाने की दर वयस्कों से तीन गुना अधिक थी। लगभग 1.3 करोड़ बच्चे इन उपकरणों का उपयोग सीखने के लिए कर रहे थे, जबकि बीस लाख से अधिक बच्चों ने निजी मसलों पर सलाह के लिए एआई का रुख किया। यह आंकड़ा एक सांस्कृतिक बदलाव की ओर इशारा करता है: ज्ञान और भावनात्मक सहारे का पारंपरिक स्रोत—परिवार और स्कूल—अब एक ऐसी मशीन से स्पर्धा कर रहा है जो तुरंत जवाब तो देती है, लेकिन जिसके आंतरिक मूल्य या डेटा उपयोग की पारदर्शिता बच्चे की समझ से परे है।

इस बदलाव ने अलग-अलग समाजों में अलग-अलग तरह की बेचैनी पैदा की है। अमेरिका में प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वेक्षणों के अनुसार, 2021 में 37 प्रतिशत नागरिक एआई को लेकर उत्साह से अधिक चिंतित थे, जो 2023 में बढ़कर 52 प्रतिशत हो गया। यह अविश्वास केवल आंकड़ों की अज्ञानता से नहीं उपजा; लोगों को डर है कि यह तकनीक नौकरियां छीन लेगी, निगरानी का औजार बनेगी, और इसका लाभ ताकतवरों के हाथों में केंद्रित हो जाएगा। ब्रिटेन के चार विश्वविद्यालयों के एक व्यापक अध्ययन ने दो साल से कम उम्र के बच्चों को नियमित स्क्रीन समय देने के खिलाफ चेतावनी दी, यह पाते हुए कि कुछ शिशु माता-पिता से सांत्वना लेने के बजाय डिजिटल उपकरणों की ओर मुड़ रहे हैं। शोधकर्ताओं ने इसे ‘जागने की घंटी’ बताया और माता-पिता को बिना पर्याप्त सहारे के इस डिजिटल दुनिया में अकेला छोड़ दिए जाने पर चिंता जताई।

विकासशील देशों की चिंता का स्वर कुछ अलग है। इंडोनेशिया ने जी20 शेरपा बैठक में स्पष्ट कहा कि वैश्विक एआई मानक लचीले होने चाहिए ताकि वे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नई अनुपालन बाधा न बनें। जकार्ता का आग्रह था कि विकासशील देश मानकों के निर्माण में सह-लेखक बनें, न कि केवल अनुपालनकर्ता। खाड़ी देशों में, जहां संयुक्त अरब अमीरात में इंटरनेट की पहुंच 99 प्रतिशत है, विशेषज्ञों ने सुरक्षा को नेटवर्क स्तर पर ही अंतर्निहित करने की वकालत की, ताकि हर बच्चा, हर कनेक्शन पर, ऑनलाइन होते ही सुरक्षित हो—यह जिम्मेदारी केवल माता-पिता के तकनीकी साक्षरता पर न छोड़ी जाए।

इन सबके बीच, एक स्थायी छवि उभरती है: एक ऐसा बच्चा जो अपने स्कूल के दबाव या अकेलेपन के क्षण में, किसी इंसानी कंधे की बजाय एक चैटबॉक्स की ओर हाथ बढ़ाता है। यह तस्वीर न तो पूरी तरह आशावादी है और न ही निराशाजनक—यह एक ऐसे युग का सच है जहां बचपन का भावनात्मक भूगोल, पहली बार, सिलिकॉन की परतों पर भी अंकित हो रहा है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
अक्ष: Alarma vs. Solución
30%मध्यम
4 ब्लॉक · स्थिति −0.70 से +0.10 तक
Críticos y alarmistasPragmáticos y solucionistas
LATALMGLFIND
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
लैटिन अमेरिकी प्रेस−0.30critical
अरब लेवांत-मगरिब प्रेस−0.50critical
अरब खाड़ी प्रेस+0.10neutral
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस−0.70critical
लैटिन अमेरिकी प्रेस−0.30
स्वर

संयुक्त राष्ट्र एक वैश्विक समझौते की मांग करता है ताकि कोई भी बच्चा AI का गिनी पिग न बने।

तंत्रuniversalizzazione

संयुक्त राष्ट्र के नैतिक अधिकार और मानवाधिकार भाषा का उपयोग करके विनियमन की आवश्यकता को सार्वभौमिक बनाना।

चूक

विकासशील देशों की आर्थिक चिंताओं का उल्लेख नहीं करता, जैसे AI नियमों का SMEs पर प्रभाव।

चेतावनीअत्यावश्यकता
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स्वर

दुनिया तैयार नहीं है: 20 मिलियन बच्चे पहले से ही बिना सुरक्षा के AI का उपयोग कर रहे हैं।

तंत्रdrammatizzazione dei dati

यूनिसेफ के चौंकाने वाले आंकड़ों का उपयोग करके तात्कालिकता पैदा करना और सरकारों पर दबाव डालना।

चूक

वैश्विक शासन प्रयासों जैसे UN समझौते और खाड़ी में प्रस्तावित तकनीकी समाधानों का उल्लेख नहीं करता।

चेतावनीआक्रोश
अरब खाड़ी प्रेस+0.10
स्वर

सुरक्षा नेटवर्क में निर्मित होनी चाहिए, माता-पिता पर नहीं छोड़ी जानी चाहिए; खाड़ी सरकारों को कार्रवाई करनी चाहिए।

तंत्रsoluzione tecnocratica

तकनीकी समाधान को एकमात्र व्यवहार्य के रूप में प्रस्तुत करना, माता-पिता की जिम्मेदारी के विपरीत।

चूक

बच्चों द्वारा AI उपयोग के पैमाने या विनियमन के लिए वैश्विक आह्वान का उल्लेख नहीं करता, केवल तकनीकी समाधान पर ध्यान केंद्रित करता है।

व्यावहारिकतासंरक्षणवाद
भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस−0.70
स्वर

अमेरिकी डरते हैं कि AI उनके जीवन को नुकसान पहुंचाएगा; अविश्वास बढ़ रहा है।

तंत्रlegittimazione del timore

प्यू सर्वेक्षणों का हवाला देकर जनमत में बदलाव दिखाना, भय को वैध बनाना।

चूक

बाल संरक्षण फोकस और अंतर्राष्ट्रीय पहलों को अनदेखा करता है, केवल अमेरिका में सामान्य वयस्क भय पर ध्यान केंद्रित करता है।

चेतावनीसंदेह

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