
पाकेतá की चोट से ब्राजील को झटका, नॉर्वे के खिलाफ अंतिम-16 में उतरेगी नई रणनीति
लुकास पाकेतá के हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट ने ब्राजील के विश्व कप अभियान को हिला दिया है, और रविवार को नॉर्वे के खिलाफ मैदान में उतरने से पहले कोच आंसेलोटी को मिडफील्ड का ढांचा बदलने पर मजबूर होना पड़ेगा।
ब्राजील के मिडफील्डर लुकास पाकेतá जापान के खिलाफ 2-1 की नाटकीय जीत के दौरान बाईं जांघ की पिछली मांसपेशी में खिंचाव के बाद विश्व कप से लगभग बाहर हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार यह ग्रेड-2 की चोट है, जिसमें मांसपेशी का आंशिक रूप से फटना शामिल है। ब्राजीली फुटबॉल परिसंघ (सीबीएफ) ने पुष्टि की है कि वह रविवार को नॉर्वे के खिलाफ अंतिम-16 के मुकाबले में नहीं खेलेंगे, और टूर्नामेंट में उनकी वापसी तभी संभव है जब टीम 19 जुलाई को फाइनल में पहुंचे। फिलहाल वह एलईडी बूट जैसी आधुनिक तकनीक और दिन में दो बार फिजियोथेरेपी के सहारे रिकवरी में जुटे हैं, जबकि परिवार की मौजूदगी मानसिक दबाव कम करने में मदद कर रही है।
पाकेतá की गैरमौजूदगी कोच कार्लो आंसेलोटी के लिए रणनीतिक उलझन लेकर आई है। अब तक कासेमीरो और ब्रूनो गिमाराएश के साथ मिडफील्ड त्रिकोण में बायां छोर संभालने वाले पाकेतá आक्रमण में रचनात्मकता और बचाव में 4-4-2 का संतुलन देते थे। सबसे सीधा विकल्प बोटाफोगो के 25 वर्षीय डैनिलो सैंटोस हैं, जो बाएं पैर के खिलाड़ी हैं और ‘बॉक्स-टू-बॉक्स’ क्षमता रखते हैं। ब्राजीली विश्लेषकों का मानना है कि डैनिलो पाकेतá से अधिक गोल करने की क्षमता और रचनात्मकता ला सकते हैं, हालांकि उन्हें विश्व कप में अब तक केवल 20 मिनट का अनुभव है। दूसरी तरफ, आंसेलोटी एंड्रिक या गाब्रिएल मार्टिनेली को उतारकर अधिक आक्रामक रुख अपना सकते हैं, जैसा उन्होंने जापान के खिलाफ दूसरे हाफ में किया था।
नॉर्वे की टीम अर्लिंग हालांड की अगुआई में खतरनाक जरूर है, लेकिन उसकी रक्षापंक्ति अब तक चार मैचों में आठ गोल खा चुकी है, जो ब्राजील के लिए मौका हो सकता है। ब्राजील ने न्यू जर्सी की भीषण गर्मी में अभ्यास किया है, और राफिन्हा के वैकल्पिक बेंच पर लौटने की उम्मीद भी बनी हुई है। यह मुकाबला नॉकआउट चरण का है, जहां एक भूल पूरे अभियान को खत्म कर सकती है।
इस चोट का असर सिर्फ विश्व कप तक सीमित नहीं है। ब्राजील के क्लब फ्लामेंगो, जिसने पाकेतá पर लगभग 260 मिलियन रियाल खर्च किए थे, को आशंका है कि वह घरेलू लीग के अहम मुकाबलों से चूक सकते हैं। फीफा के नियमों के तहत 28 दिन से अधिक की चोट पर प्रतिदिन लगभग 125,000 रियाल का मुआवजा मिलता है, लेकिन क्लब की चिंता खिलाड़ी की फिटनेस को लेकर है। भारत जैसे दक्षिण एशियाई देशों में ब्राजील के करोड़ों प्रशंसक रविवार को यह देखने को बेताब होंगे कि आंसेलोटी की नई रणनीति टीम को क्वार्टर फाइनल तक ले जाती है या नहीं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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Lucas Paquetá's absence is a severe blow for Brazil, forcing the coach to rethink the offensive strategy. The team loses a creative element at a crucial moment, and there are fears that tactical balance will be compromised. Brazilian fans are anxious about the match outcome.
Brazil will be without Lucas Paquetá for the match against Norway, reported in an aseptic tone. The focus is on the tactical fact: the coach will have to choose a replacement. The match is seen as a normal sporting event, without particular emphasis.
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