
पालतू जानवरों के व्यवहार के पीछे छिपे संकेत: नए अध्ययनों ने तोड़े कई भ्रम
बिल्लियों का एक-दूसरे को चाटना हमेशा स्नेह नहीं, बल्कि सूक्ष्म आक्रामकता भी हो सकता है, यह खुलासा पशु व्यवहार की हमारी समझ को बदल रहा है।
बेल्जियम की गेंट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 53 घरों के 106 बिल्लियों के वीडियो विश्लेषण के बाद पाया कि आपसी चाट (एलोग्रूमिंग) केवल सामाजिक बंधन का संकेत नहीं है। 20 प्रतिशत मामलों में यह कानों पर होती थी, जिससे बिल्लियाँ कान पीछे घुमाती थीं – जलन या भय का संकेत। 87 प्रतिशत चाट सिर और गर्दन पर केंद्रित थी, जो स्वयं सफाई के लिए कठिन स्थान हैं, यह दर्शाता है कि यह व्यवहार स्नेह से अधिक सफाई या संघर्ष टालने की रणनीति हो सकता है।
यह खोज पालतू पशुओं के संवाद को समझने के एक बड़े वैश्विक प्रयास का हिस्सा है। इटली के एक प्रशिक्षक ने कुत्तों में हीटस्ट्रोक के शुरुआती संकेत की ओर ध्यान खींचा है: जब हाँफते समय जीभ अंदर की ओर मुड़ने लगे, तो यह आपात स्थिति का संकेत है, क्योंकि कुत्ते पसीने की बजाय जीभ से गर्मी निकालते हैं। दूसरी ओर, ब्राज़ील के व्यवहार विशेषज्ञ बताते हैं कि कुत्ते शब्दों से अधिक मालिक की ऊर्जा, मुद्रा और भावनाओं को पढ़ते हैं – एक चिंतित मालिक चिंतित कुत्ता पैदा कर सकता है।
इन संकेतों की अनदेखी पशु-मालिक संबंधों में तनाव पैदा कर सकती है। कनाडा के मनोवैज्ञानिक स्टैनली कोरेन के अनुसार, कुत्ते का मालिक के साथ सोना केवल आराम नहीं, बल्कि सुरक्षा और समूह से जुड़ाव की भावना को मजबूत करता है, जिससे रात्रि तनाव कम होता है। वहीं, इंडोनेशिया के विशेषज्ञ बताते हैं कि बिल्लियों का सोते समय मालिक का चेहरा सूँघना केवल लाड़ नहीं, बल्कि गंध के माध्यम से पहचान, स्वास्थ्य और मनोदशा की जानकारी जुटाने का वैज्ञानिक तरीका है – उनकी सूँघने की क्षमता मनुष्य से लगभग 14 गुना अधिक संवेदनशील होती है।
ये अध्ययन एक साझा निष्कर्ष देते हैं: पशु व्यवहार को मानवीय भावनाओं का प्रक्षेपण मानने के बजाय, उनकी अपनी जैविक और सामाजिक भाषा को पढ़ना आवश्यक है। गेंट यूनिवर्सिटी की टीम अब इस बात की गहन जाँच कर रही है कि किन परिस्थितियों में चाट स्नेह से आक्रामकता में बदलती है, ताकि बहु-बिल्ली घरों में तनाव कम करने के लिए ठोस दिशानिर्देश बनाए जा सकें।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.30 | critical |
वैज्ञानिकों को संदेह होने लगा है कि बिल्लियों के बीच चाटना पीड़ा का एक सूक्ष्म तरीका हो सकता है।
'शायद यह सिर्फ परेशान करने के लिए है' वाक्यांश का उपयोग करके, पाठ एक बोलचाल का स्वर अपनाता है जो खोज को कम चिंताजनक और अधिक संबंधित बनाता है।
यह शोधकर्ता के नाम या विश्लेषण किए गए विशिष्ट व्यवहार समूहों का उल्लेख नहीं करता, वैज्ञानिक विशिष्टता को कम करता है।
एक नए अध्ययन में पाया गया है कि बिल्लियों का एक-दूसरे को चाटना दोस्ती के बजाय द्वेष का संकेत हो सकता है।
'भयावह' शब्द का उपयोग और द्वेष पर जोर अलार्म की भावना पैदा करता है और एक सामान्य व्यवहार को संघर्ष के संभावित संकेत में बदल देता है।
यह उल्लेख नहीं करता कि आपसी संवारना कई जानवरों में आम है, विकासवादी संदर्भ को छोड़कर जो व्यवहार को सामान्य कर सकता है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
न्यूयॉर्क के मेयर ने नेतन्याहू की गिरफ्तारी की संभावना तलाशी, कानूनी अड़चनें बरकरार
8 भाषाएँ · 16 स्रोत
Economy & Markets सेवैश्विक अर्थव्यवस्था में निवेश की मजबूती और डिजिटल वित्तीय जोखिमों का दबाव
5 भाषाएँ · 8 स्रोत
Technology सेAI कौशल के लिए प्रीमियम, अन्य भूमिकाओं में ठहराव: वैश्विक श्रम बाजार का नया विभाजन
1 भाषा · 3 स्रोत