
ताइवान में तूफानी बारिश से दो की मौत, जापान में 20 लाख से अधिक लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
मेकखाला और हिगोस तूफानों के चलते ताइवान में बाढ़ से दो मौतें, जापान में 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और सैकड़ों उड़ानें रद्द।
ताइवान और जापान में दो उष्णकटिबंधीय तूफानों के कारण भारी बारिश और बाढ़ से कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और जापान में 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। तूफान मेकखाला और हिगोस के प्रभाव से दोनों देशों में परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
ताइवान के काऊशुंग में एक 73 वर्षीय महिला बाढ़ के पानी में बह गईं और उनका शव नीचे की ओर मिला, जबकि सिंचु काउंटी में एक अन्य महिला अपनी कार में फंसने के बाद मृत पाई गईं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, ये मौतें भारी बारिश के कारण हुईं। जापान के कागोशिमा प्रांत में तीन लोग घायल हुए हैं। जापानी अधिकारियों ने 13 प्रांतों में लगभग 22 लाख निवासियों को निकासी के आदेश दिए, जबकि ताइवान के हुआलिएन काउंटी में एक तेजी से भर रही बैरियर झील के नीचे बसे लगभग 200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। ताइवान के दक्षिणी इलाकों में स्कूल और दफ्तर बंद कर दिए गए, जिससे 50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए।
विभिन्न स्रोतों में निकासी के आंकड़ों को लेकर मतभेद हैं—कुछ रिपोर्टों में 10 लाख और अन्य में 22.3 लाख का उल्लेख है। उड़ान रद्द होने की संख्या भी 120 से 200 से अधिक के बीच बताई जा रही है। मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोनों तूफान आपस में मिलते हैं तो 'फुजिवारा प्रभाव' उत्पन्न हो सकता है, जिससे उनकी दिशा और तीव्रता का अनुमान लगाना कठिन हो जाएगा। हालांकि, यह स्थिति अभी अनिश्चित है।
जापान में मौसमी वर्षा मोर्चे के सक्रिय होने से बारिश और तेज हो गई है, जिससे भूस्खलन और नदियों में उफान का खतरा बढ़ गया है। टोयोटा और निसान ने अपने कारखानों में उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया, जबकि ताइवान की टीएसएमसी ने बताया कि उसके संयंत्र सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। दोनों देशों में बचाव कार्य जारी है और अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +0.20 | neutral |
|---|---|---|
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.50 | critical |
Global warming is no longer a forecast: it is the direct cause of increasingly frequent disasters.
The scientific attribution of the event to climate change transforms a single weather episode into a universal wake-up call.
The plane crash proves that safety measures are insufficient and authorities are unprepared.
Dramatizing the incident and calling for accountability shifts the focus to blame.
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