
फिनलैंड ने परमाणु हथियारों पर से प्रतिबंध हटाया, नाटो की सामूहिक रक्षा को मिलेगा बल
125-61 मतों से पारित संशोधन के बाद फिनलैंड अब परमाणु हथियारों के आयात, निर्माण और भंडारण की अनुमति दे सकता है, हालांकि सरकार ने फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं होने का आश्वासन दिया है।
फिनलैंड की संसद ने बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए परमाणु ऊर्जा अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी, जिससे देश में परमाणु हथियारों के पारगमन, निर्माण, भंडारण और उपयोग पर लगा लगभग चार दशक पुराना प्रतिबंध समाप्त हो गया। सरकार द्वारा प्रस्तावित इस विधेयक के पक्ष में 125 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 61 ने विरोध में वोट डाला और 13 सदस्य अनुपस्थित रहे। 1987 से लागू कानून में अब तक परमाणु विस्फोटक पदार्थों के आयात, उत्पादन और भंडारण पर पूर्ण रोक थी, लेकिन नए संशोधन के तहत इन गतिविधियों को रक्षा उद्देश्यों के लिए अपवाद स्वरूप अनुमति दी जा सकेगी। यह निर्णय फिनलैंड के 2023 में नाटो में शामिल होने के बाद गठबंधन की सामूहिक रक्षा और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है।
फिनिश रक्षा मंत्री आंटी हाकानेन ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि 1987 का कानून नाटो सदस्यता के बाद एक कठिन स्थिति पैदा कर रहा था, क्योंकि गठबंधन की रणनीति परमाणु प्रतिरोध पर निर्भर करती है। सरकार ने संसद में तर्क दिया कि मौजूदा 'अप्रत्याशित सुरक्षा माहौल' में देश को अपनी रक्षा के लिए सभी विकल्प खुले रखने चाहिए। हालांकि, हेलसिंकी ने यह भी आश्वासन दिया है कि फिलहाल वह अपनी धरती पर किसी परमाणु हथियार की मेजबानी करने की योजना नहीं बना रहा है और वह परमाणु अप्रसार संधि समेत सभी अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन करता रहेगा। संशोधन का विरोध करने वाले सोशल डेमोक्रेट, वाम गठबंधन और ग्रीन पार्टी ने इसे देश की परंपरागत परमाणु-मुक्त नीति से विचलन बताया।
रूस की ओर से इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। हेलसिंकी स्थित रूसी दूतावास ने पहले ही चेतावनी दी थी कि फिनलैंड में परमाणु हथियारों की सैद्धांतिक संभावना को भी रूसी सैन्य योजना में शामिल किया जाएगा। क्रेमलिन ने मार्च 2026 में ही कहा था कि यदि फिनलैंड में परमाणु हथियार तैनात किए गए तो जवाबी कदम उठाए जाएंगे। ईरानी आर्थिक दैनिक 'दुनिया-ए-एक्तेसाद' ने रॉयटर्स के हवाले से लिखा कि यह कानून नाटो और रूस के बीच गठबंधन की पूर्वी सीमाओं पर बढ़ते तनाव को दर्शाता है। फिनलैंड की रूस के साथ 1,340 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो नाटो की सबसे लंबी सीमा बन गई है, और यह बदलाव सीधे तौर पर बाल्टिक क्षेत्र के सुरक्षा संतुलन को प्रभावित करेगा।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखें तो यह घटनाक्रम नाटो की परमाणु साझेदारी व्यवस्था को एक नया आयाम देता है। अब तक बेल्जियम, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और तुर्की में अमेरिकी परमाणु हथियार मौजूद हैं, लेकिन नॉर्डिक देशों में ऐसी कोई तैनाती नहीं थी। फिनलैंड का यह कानूनी बदलाव भविष्य में संकट की स्थिति में नाटो को त्वरित परमाणु प्रतिक्रिया का विकल्प दे सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि हालांकि अभी कोई ठोस तैनाती की योजना नहीं है, लेकिन कानूनी बाधा हटने से गठबंधन के लचीलेपन में वृद्धि हुई है।
दक्षिण एशिया के लिए यह घटनाक्रम अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण है। भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु प्रतिरोध के मॉडल पर यूरोप में नाटो की परमाणु नीति का प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन वैश्विक अप्रसार व्यवस्था में किसी भी ढील से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर मनोवैज्ञानिक असर हो सकता है। फिनलैंड का यह कदम यह भी दिखाता है कि छोटे और मझोले देश किस तरह बड़े गठबंधन की परमाणु छतरी के नीचे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। आने वाले महीनों में रूस की ओर से सैन्य अभ्यास या बयानबाजी में तेजी आ सकती है, जिससे आर्कटिक और बाल्टिक क्षेत्र में नई शीत युद्ध जैसी प्रतिस्पर्धा के संकेत मिल रहे हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 3 भाषाएँ
फिनलैंड की संसद ने परमाणु हथियारों के पारगमन और भंडारण पर चार दशक पुराना प्रतिबंध हटा दिया, जिसका औचित्य नाटो की प्रतिरोधक क्षमता और अप्रत्याशित सुरक्षा माहौल बताया गया। मॉस्को इसे एक खतरनाक वृद्धि मानता है और पहले ही जवाबी कदमों की चेतावनी दे चुका है, इसे गठबंधन के अपनी सीमाओं की ओर बढ़ने के हिस्से के रूप में देखता है।
फिनलैंड की संसद ने परमाणु हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध को समाप्त करने वाले सुधार को मंजूरी दे दी, जिसके पक्ष में 125 और विरोध में 61 मत पड़े। दक्षिणपंथी सरकार द्वारा प्रस्तावित इस कदम को रूस के खिलाफ रक्षात्मक मजबूती के रूप में पेश किया गया, जिसने लगभग चार दशकों से लागू प्रतिबंधों को हटा दिया।
संबंधित लेख
मेसी के पिता की सेहत पर परिवार का बयान: अफवाहों पर रोष, निजता की अपील
11 भाषाएँ · 37 स्रोत
राजनीतिअमेरिका-ईरान समझौता: वर्साय में ऐतिहासिक हस्ताक्षर, 60 दिन की नाज़ुक बातचीत की राह
8 भाषाएँ · 34 स्रोत
खेलअटलांटा में रोमांचक ड्रॉ: चेक गणराज्य का शुरुआती गोल बेकार, दक्षिण अफ्रीका ने पेनल्टी से बचाया विश्व कप अभियान
7 भाषाएँ · 27 स्रोत