
रूस-यूक्रेन संघर्ष: कीव पर मिसाइल हमले, मॉस्को रिफाइनरी पर ड्रोन हमले से तनाव बढ़ा
जी7 समर्थन के बाद रूस ने कीव पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जबकि यूक्रेनी ड्रोनों ने मॉस्को की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया; दोनों ओर नागरिक हताहत।
रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमलों का सिलसिला एक बार फिर तेज़ हो गया है। गुरुवार तड़के रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे शहर में हवाई हमले की चेतावनी जारी कर दी गई और नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया। वहीं दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोनों से मॉस्को की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिससे वहां आग लग गई और धुएं के घने बादल दिखाई दिए। रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने मॉस्को की ओर आ रहे 15 ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया, लेकिन कुछ ड्रोन रिफाइनरी तक पहुंचने में सफल रहे।
ये हमले ऐसे समय पर हुए हैं जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बातचीत की थी। जी7 नेताओं ने रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए नए प्रतिबंधों की घोषणा की, जबकि ट्रंप ने मॉस्को से "कोई समझौता करने" का आग्रह किया। इस कूटनीतिक पहल के कुछ ही घंटों बाद रूस ने कीव पर हमला बोला, जिससे साफ है कि युद्ध का मैदान अब भी बातचीत की मेज पर भारी पड़ रहा है। यूक्रेन के अधिकांश इलाकों में हवाई हमले की चेतावनी जारी रही, और पोल्टावा व ज़ापोरिज्जिया जैसे क्षेत्रों पर भी मिसाइल हमलों की आशंका बनी रही।
दोनों तरफ नागरिक क्षति की खबरें भी आईं। यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी शहर सूमी में एक ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि रूस के रोस्तोव क्षेत्र में हुए हमले में एक व्यक्ति मारा गया और दो घायल हुए। कीव में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं, हालांकि तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मॉस्को में ड्रोन के मलबे से एक शॉपिंग सेंटर को नुकसान पहुंचा, लेकिन वहां कोई घायल नहीं हुआ। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि चार साल से अधिक समय से चल रहे इस संघर्ष में आम लोगों की जान पर बन रहा खतरा लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की गहराई तक मार करने की क्षमता दिखाकर संभावित वार्ता से पहले अपनी स्थिति मजबूत करना चाह रहे हैं। मॉस्को की रिफाइनरी पर हमला ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की रणनीति का हिस्सा है, जिसका वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए यह चिंता का विषय है। जी7 के नए प्रतिबंधों और ट्रंप के रुख में आए बदलाव के बावजूद, हवाई हमलों का यह चक्र युद्ध विराम की उम्मीदों को कमजोर कर रहा है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी रहेंगी कि क्या कूटनीति इस हिंसा के दायरे को रोक पाती है या संघर्ष और गहराता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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रूसी मिसाइल हमले ने सुबह-सुबह कीव को निशाना बनाया, जबकि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ट्रंप और मैक्रों के साथ समझ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। G7 ने मास्को पर दबाव बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व एकता दिखाई, और मैक्रों ने 'बहुत गहरा बदलाव' की सराहना की। कूटनीतिक आक्रमण युद्ध की खबरों के साथ-साथ चल रहा है, नागरिक शरण स्थलों की ओर भाग रहे हैं।
रूसी मिसाइलों ने कीव पर हमला किया, जबकि ट्रंप ने मास्को से 'समझौता करने' का आग्रह किया। स्थानीय अधिकारियों ने हमले की पुष्टि की, लेकिन तत्काल हताहतों की सूचना नहीं है। कवरेज तथ्यात्मक बनी हुई है, जो वृद्धि और बातचीत की अपील पर केंद्रित है।
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