
देश-विदेश में बढ़ते जघन्य अपराध: चेन्नई में 24 घंटे में 12 यौन हमले, ब्राजील में डिलीवरी बॉय की हत्या
भारत, ब्राजील और इंडोनेशिया से आई खबरें बच्चों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा, आर्थिक षड्यंत्र और मामूली विवादों के घातक परिणामों की भयावह तस्वीर पेश करती हैं।
चेन्नई में महज 24 घंटों के भीतर बच्चों और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की 12 वारदातों ने पूरे देश को झकझोर दिया। तिरुवल्लूर जिले के गुम्मिडिपूंडी में बिहार के प्रवासी मजदूरों की तीन साल की बेटी को शराब के नशे में धुत 19 वर्षीय बिबिन मांझी ने नाश्ते का लालच देकर अगवा किया, दुष्कर्म के बाद बेरहमी से मार डाला और झाड़ियों में फेंक दिया। इसी दौरान पूनमल्ली में एक सात वर्षीय बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने श्मशान घाट ले जाकर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया। यह सिलसिला सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा—इंडोनेशिया के करावांग में एक 37 वर्षीय पिता ने अपनी ही तीन साल की मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म किया, जिसका खुलासा बच्ची के चलने-बैठने में दर्द की शिकायत के बाद मेडिकल जांच से हुआ। जयपुर के हरमाड़ा इलाके में एक महिला ने पति के कथित अवैध संबंध और पानी भरने को लेकर हुए झगड़े की रंजिश में पड़ोसन की पांच साल की बच्ची की हत्या कर दी। ये मामले बताते हैं कि बच्चों की सुरक्षा का संकट केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर गहराती चिंता है।
दूसरी ओर, आर्थिक लालच और सुनियोजित षड्यंत्रों से प्रेरित हत्याओं ने जांच एजेंसियों को चौंकाया है। कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक पूर्व सैनिक संदीप कलगौड़ा मंजरगी की मौत को पहले सड़क दुर्घटना बताया गया, लेकिन पुलिस ने दो करोड़ रुपये की बीमा राशि हड़पने की साजिश का पर्दाफाश कर पत्नी, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी और एक पुलिसकर्मी समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया। बेंगलुरु के ब्यादरहल्ली इलाके में 22 वर्षीय भवानी की संदिग्ध मौत के पीछे गुप्त विवाह, इंस्टाग्राम पोस्ट और आत्महत्या का नाटक रचने वाले प्रेमी चंदन की कहानी सामने आई, जिसने खुद को बेहोशी की हालत में दिखाकर जांच को भटकाने की कोशिश की। मसूरी के एक होमस्टे में दिल्ली की 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर पी. राधा गायत्री की मौत ने भी सवाल खड़े कर दिए—पति का रातभर बाहर रहने का दावा पुलिस की जांच के दायरे में है। ये घटनाएं दिखाती हैं कि कैसे निजी रिश्तों और संस्थागत भ्रष्टाचार का घातक मेल अपराध को नया आयाम दे रहा है।
ब्राजील से आई खबरें भी इस वैश्विक हिंसा की श्रृंखला में जुड़ती हैं। साओ पाउलो के जार्डिम हेब्रोन इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने फिलिप सैंटियागो बॉम्फिम को चार गोलियां मारकर लूटपाट की, जबकि ताराबाई शहर में दो अपराधियों ने फर्जी ऑनलाइन ऑर्डर देकर 19 वर्षीय डिलीवरी बॉय जोस फ्रांसिस्को को बुलाया और गोली मारकर उसकी मोटरसाइकिल छीन ली—दोनों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। गुआरुजा में पानी की आपूर्ति काटने को लेकर पड़ोसी से हुए विवाद में 65 वर्षीय बुजुर्ग ने 42 वर्षीय सबरीना की गोली मारकर हत्या कर दी। यह पानी का झगड़ा जयपुर की उस रंजिश की याद दिलाता है जिसमें एक मासूम बच्ची की जान चली गई। मामूली वजहों से शुरू हुए ये विवाद कैसे जानलेवा हिंसा में बदल जाते हैं, यह सभी समाजों के लिए एक चेतावनी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बदलते सामाजिक ताने-बाने, आर्थिक असमानता और कानून व्यवस्था पर से भरोसा उठने जैसे कारक इन अपराधों को बढ़ावा दे रहे हैं। दक्षिण एशिया में शहरीकरण और प्रवासन के कारण पारंपरिक सामुदायिक निगरानी कमजोर हुई है, जबकि बच्चों की सुरक्षा के लिए बनी संस्थाएं अक्सर विफल साबित होती हैं। ब्राजील और इंडोनेशिया के मामले बताते हैं कि यह संकट किसी एक देश या संस्कृति तक सीमित नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील और त्वरित बनाया जाए, फोरेंसिक जांच प्रणालियों में पारदर्शिता लाई जाए और सामुदायिक स्तर पर बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। यदि समय रहते इन जड़ों पर चोट नहीं की गई, तो ऐसी खबरें महज आंकड़े बनकर रह जाएंगी और पीड़ितों का दर्द अनसुना ही रहेगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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अबुजा के बाहरी इलाके में एक परित्यक्त इमारत से बदबू उठने पर पड़ोसियों ने जांच की तो एक महिला का सिर कटा शव मिला। स्थानीय लोग इस बर्बरता से स्तब्ध हैं, पुलिस ने हत्या की जांच शुरू कर दी है और बताया कि शव पर बंधन के निशान थे। इस घटना ने इलाके में महिलाओं के खिलाफ जानलेवा हिंसा की आशंका को और बढ़ा दिया है।
भारत में जघन्य हत्याओं की लहर ने दहशत फैला दी है: ऑफिस पार्टी के दौरान स्विमिंग पूल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर का शव मिला, एक छात्रा की उसके प्रेमी ने हत्या कर दी, एक महिला को उसके पति ने बच्चों के सामने चाकू से गोदा, और तीन साल की बच्ची को बिस्किट का लालच देकर उठाया गया, उसके साथ यौन हिंसा कर उसे मार डाला गया। परिजनों ने साजिश की आशंका जताई है और जनाक्रोश के बीच पुलिस पर न्याय देने का भारी दबाव है।
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