
विंबलडन में ओसाका की धमाकेदार जीत, जापानी किमोनो से लेकर मौन तक छाया रहा रोमांच
नाओमी ओसाका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरे दौर में प्रवेश किया, जबकि कोर्ट पर सफेद परिधान, दर्शकों की पोशाक और विश्व कप के प्रति टूर्नामेंट का रवैया सुर्खियों में रहा।
नाओमी ओसाका ने बुधवार को विंबलडन के दूसरे दौर में रूस की अनास्तासिया गासानोवा को 6-3, 6-2 से हराकर तीसरे दौर में जगह बना ली। चौदहवीं वरीयता प्राप्त जापानी खिलाड़ी ने पहले दिन पारंपरिक जापानी दुल्हन के किमोनो से प्रेरित एक नाटकीय सफेद पोशाक पहनी थी, जिसे टोक्यो की डिजाइनर हाना यागी ने तैयार किया था। दूसरे मैच में उन्होंने अपेक्षाकृत सादा परिधान चुना, लेकिन उनका खेल बिल्कुल शांत नहीं था। नेट पर एक जोरदार स्मैश से उन्होंने दूसरे सेट में ब्रेक हासिल किया और फिर लगातार बढ़त बनाए रखी। मैच के बाद ओसाका ने कहा कि वह अपनी बेटी के तीसरे जन्मदिन पर हवाई यात्रा से बचना चाहती थीं, इसलिए टूर्नामेंट में बने रहना उनके लिए खास मायने रखता है।
यह जीत ऐसे माहौल में आई जब ऑल इंग्लैंड क्लब में परिधान और मौन की परंपराएं केंद्र में थीं। ब्रिटिश प्रेस के अनुसार, दर्शकों के बीच सफेद पोशाक का चलन कम हो रहा है और हस्तियां अब पेस्टल रंगों या पोल्का डॉट्स में नजर आ रही हैं। वहीं खिलाड़ियों के लिए 19वीं सदी से चला आ रहा ऑल-व्हाइट ड्रेस कोड अब भी सख्ती से लागू है, जिसमें रंगीन किनारों की चौड़ाई एक सेंटीमीटर से अधिक नहीं हो सकती। ब्राज़ीलियाई मीडिया ने बताया कि यह नियम पसीने के धब्बों को कम दिखाने के लिए बनाया गया था, हालांकि 2023 से महिला खिलाड़ियों को मासिक धर्म के दौरान गहरे रंग का अंडरशॉर्ट पहनने की छूट दी गई है।
इटालियन रिपोर्टों ने इस ओर ध्यान खींचा कि विंबलडन में मौन की रक्षा कितनी जिद्दी है। उसी दिन इंग्लैंड का विश्व कप फुटबॉल मैच था, लेकिन क्लब की मुख्य कार्यकारी सैली बोल्टन ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी बड़े स्क्रीन पर फुटबॉल नहीं दिखाया जाएगा और खिलाड़ियों के लाउंज में भी टीवी पर मैच नहीं लगेगा। हालांकि, मोबाइल फोन पर देखने पर रोक नहीं है, सिवाय रॉयल बॉक्स के जहां फोन को हतोत्साहित किया जाता है। 2024 का एक प्रसंग याद किया गया जब सेंटर कोर्ट पर नोवाक जोकोविच के मैच के दौरान दर्शकों ने इंग्लैंड के पेनल्टी शूटआउट पर जश्न मनाया था, जिस पर जोकोविच ने काल्पनिक पेनल्टी किक का अभिनय कर माहौल को हल्का किया था।
बांग्लादेशी प्रकाशनों ने ओसाका के फैशन को विंबलडन की परंपरा के लिए एक झटका बताया, जहां वह अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सफेद रंग के कैनवास पर उकेर रही हैं। अरब मीडिया ने उनके खेल पर फोकस रखा और बताया कि वह चौथी बार तीसरे दौर में पहुंची हैं, लेकिन इससे आगे कभी नहीं बढ़ पाईं। अब उनका सामना ऑस्ट्रेलिया की डारिया कासात्किना या इंडोनेशिया की जेनिस त्जेन से होगा, जो उनके करियर के इस ग्रैंड स्लैम में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ओर एक और कदम हो सकता है।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.20 | neutral |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +0.50 | aligned |
| अरब खाड़ी प्रेस | −0.30 | critical |
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