
दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद अफ़ग़ान क्रिकेट के शिल्पकार शापुर ज़दरान का 38 वर्ष की आयु में निधन
पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शापुर ज़दरान, जिन्होंने अफ़ग़ानिस्तान को क्रिकेट की दुनिया में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई, मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में दुर्लभ प्रतिरक्षा विकार से जूझते हुए चल बसे।
मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शापुर ज़दरान का दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे और अपने 39वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले इस दुनिया को अलविदा कह गए। ज़दरान पिछले कई महीनों से हीमोफ़ैगोसाइटिक लिम्फ़ोहिस्टियोसाइटोसिस (HLH) नामक एक दुर्लभ और गंभीर प्रतिरक्षा प्रणाली विकार से जूझ रहे थे। उनके छोटे भाई ग़माई ज़दरान ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की, जो उनके इलाज के दौरान दिल्ली में ही उनके साथ थे।
शापुर ज़दरान अफ़ग़ान क्रिकेट के शुरुआती दौर के सबसे प्रभावशाली सितारों में से एक थे। बाएं हाथ के इस लंबे कद के तेज़ गेंदबाज़ ने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और 44 वनडे व 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कुल 80 विकेट चटकाए। 2015 विश्व कप में स्कॉटलैंड के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान की पहली जीत में उन्होंने विजयी चौका जड़कर इतिहास रचा था। इसके अलावा, 2010 से 2016 के बीच चार टी20 विश्व कप में भी उन्होंने अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया।
ज़दरान का क्रिकेट सफ़र संघर्षों से भरा रहा। अफ़ग़ानिस्तान के लोगर प्रांत में जन्मे शापुर युद्ध के कारण पाकिस्तान के पेशावर चले गए थे, जहाँ उन्होंने अरबाब नियाज़ स्टेडियम और जिमख़ाना में चमड़े की गेंद से क्रिकेट की बारीकियाँ सीखीं। बाद में जब पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर इक़बाल सिकंदर ने अफ़ग़ानिस्तान में कोचिंग शुरू की, तो वह वापस अपने देश लौट आए और राष्ट्रीय टीम की नींव रखने वाली पीढ़ी का हिस्सा बने।
अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने एक बयान में गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ज़दरान "अफ़ग़ान क्रिकेट की बुनियाद रखने वाली शख़्सियतों में से एक थे, जिनके समर्पण और जुनून ने देश में खेल के उत्थान में अहम भूमिका निभाई।" बोर्ड ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाकू मानसिकता और खेल के प्रति प्रेम ने युवा क्रिकेटरों की एक पूरी पीढ़ी को बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी। मई में मोहम्मद नबी और राशिद ख़ान ने ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में उनसे मुलाक़ात की थी, जिसकी तस्वीर नबी ने साझा करते हुए भावुक पलों को याद किया।
शापुर ज़दरान का जाना अफ़ग़ान क्रिकेट के लिए एक युग का अंत है, लेकिन उनकी विरासत आने वाले समय में भी युवा गेंदबाज़ों को रास्ता दिखाती रहेगी। उनके जैसे खिलाड़ी ही थे जिन्होंने युद्धग्रस्त देश में क्रिकेट की अलख जगाई और अफ़ग़ानिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई। क्रिकेट जगत उन्हें एक साहसी योद्धा और सच्चे प्रेरणास्रोत के रूप में याद करेगा।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | +0.20 | neutral |
|---|---|---|
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.20 | neutral |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.30 | aligned |
Afghan cricket loses one of its architects, and his battle against a rare disease is remembered with respect through official statements and career statistics.
Quoting the ACB and providing career stats lends authority and objectivity, anchoring the narrative in official sources.
The passing of a pioneer of Afghan cricket is announced with sobriety, relying on the official ACB statement.
Extreme brevity and direct quotation of the ACB create an effect of neutrality and respect, without adding personal interpretation.
Afghanistan loses a cricket hero, whose career inspired a nation and is celebrated as foundational.
Emphasis on the term 'history-making' and repetition of the 'foundation-laying' concept build an epic narrative, linking his death to national destiny.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
अंकारा शिखर सम्मेलन में ट्रंप का स्पेन पर रुख बदला, व्यापार कटौती की धमकी के बाद ‘उदारता’ की तारीफ
5 भाषाएँ · 17 स्रोत
Economy & Markets सेराजकोषीय अनुशासन और डेटा-आधारित नीतियों से उभरती अर्थव्यवस्थाओं को मिल रहा सहारा
4 भाषाएँ · 10 स्रोत
Technology सेअमेरिकी पाबंदियों के बीच ओपनएआई का GPT-5.6 लॉन्च, ओपन-सोर्स एआई की हिस्सेदारी में उछाल
4 भाषाएँ · 6 स्रोत