
हार के बाद पोचेतिनो का मीडिया पर गुस्सा: ‘ग्रुप टॉप करने पर किसी ने बधाई नहीं दी’
अमेरिकी टीम ग्रुप डी में शीर्ष पर रही, लेकिन तुर्की से 3-2 की हार के बाद कोच मौरिसियो पोचेतिनो ने पत्रकारों से नाराजगी जताई।
इंगलवुड, कैलिफोर्निया के सोफी स्टेडियम में इंजरी टाइम के आठवें मिनट में तुर्की के कान आयहान ने गेंद गोलकीपर मैट टर्नर के पैरों के बीच से निकालकर अमेरिका को 3-2 से हरा दिया। यह हार सिर्फ स्कोरलाइन तक सीमित नहीं रही—प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच मौरिसियो पोचेतिनो ने सीधे सवाल पूछ दिया: “यह थोड़ा दुखद है कि आप लोग हमें ग्रुप जीतने पर बधाई नहीं देते।” दरअसल, अमेरिका ने इससे पहले पैराग्वे को 4-1 और ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर ग्रुप डी की बादशाहत पहले ही सुनिश्चित कर ली थी, इसलिए यह मुकाबला महज औपचारिकता था।
मैच की शुरुआत में अमेरिका ने तेज रफ्तार पकड़ी: दूसरे ही मिनट में सेबेस्टियन बरहाल्टर के कॉर्नर पर ऑस्टन ट्रस्टी के हेडर ने टीम को बढ़त दिला दी। लेकिन तुर्की ने आठ मिनट बाद अर्दा गुलेर के गोल से बराबरी की और 31वें मिनट में ओरकुन कोकचू ने स्कोर 2-1 कर दिया। दूसरे हाफ में बरहाल्टर ने बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाकर 49वें मिनट में फिर से मैच बराबर कर दिया। 58वें मिनट में कप्तान क्रिस्टियन पुलिसिक चोट के बाद मैदान पर लौटे और उन्होंने एक शॉट पोस्ट पर मारा तो दूसरा बाल-बाल बचा—यह अमेरिकी खेमे के लिए सबसे बड़ी राहत रही।
पोचेतिनो ने इस मुकाबले में नौ बदलाव किए थे। टायलर एडम्स, फोलारिन बालोगुन, क्रिस रिचर्ड्स और एंटोनी रॉबिन्सन जैसे स्तंभों को पीले कार्ड के जोखिम से बचाने और थकान उतारने के लिए आराम दिया गया। सात खिलाड़ियों को टूर्नामेंट का पहला मिनट मिला। अमेरिकी मीडिया ने इसे एनएफएल के उस सप्ताह-18 मैच की तरह देखा जहाँ डिवीजन पहले ही जीती जा चुकी हो, जबकि इंडोनेशियाई आउटलेट्स ने लिखा कि यह हार नॉकआउट से पहले स्क्वॉड की गहराई परखने का एक सबक बनकर आई।
पोचेतिनो की नाराजगी सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं थी। उन्होंने कहा, “हम ग्रुप में पहले स्थान पर रहे, सारा दबाव और उम्मीदें बखूबी संभालीं।” फिर बड़े नजरिए की याद दिलाई: “इतिहास रचना है विश्व कप जीतना, तीन मैच नहीं। यह थोड़ा संकीर्ण है, बहुत छोटा सोचना है। तीन मैच जीतने का क्या फायदा अगर अगला हार गए और विश्व कप नहीं जीते?” लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इस झड़प को प्रमुखता से दिखाया, जबकि अमेरिकी रिपोर्टों में पोचेतिनो की हैरानी वाली टिप्पणी—“शायद मैं खुश नहीं दिख रहा क्योंकि आपके सवाल थोड़े अजीब हैं”—को रेखांकित किया गया।
अब अमेरिका का सामना 1 जुलाई को सांता क्लारा में बोस्निया और हर्जेगोविना से होगा, जो ग्रुप बी में कनाडा और स्विट्जरलैंड के पीछे तीसरे स्थान पर रहकर आई है। पुलिसिक की वापसी और सभी प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता के साथ, पोचेतिनो के लिए असली परीक्षा अब शुरू होती है—जहाँ हर मैच करो या मरो का होगा।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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अर्जेंटीना के कोच ने पत्रकारों को फटकार लगाई कि उन्होंने ग्रुप जीत को नज़रअंदाज़ किया और बधाई न देना दुखद बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि असली लक्ष्य 2026 विश्व कप ख़िताब के लिए लड़ना है और खिलाड़ियों का बदलाव ज़रूरी था। यह हार ट्रॉफ़ी की ओर बढ़ते अभियान में एक छोटी सी बात है।
अमेरिकी टीम तुर्की के ख़िलाफ़ अंतिम मिनट की हार से विचलित नहीं है, क्योंकि वह पहले ही ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर चुकी है। खिलाड़ियों और कोच ने आत्मविश्वास दिखाया और इस बात पर ज़ोर दिया कि असली टूर्नामेंट अब शुरू होता है। इस हार को नॉकआउट चरण की ओर बढ़ती टीम की गति पर कोई असर न डालने वाली एक छोटी सी रुकावट माना जा रहा है।
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