
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी और 20% शुल्क की घोषणा के बाद कच्चा तेल एक महीने के उच्चतम स्तर पर
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू करने और जलडमरूमध्य से गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता गहरा गई है।
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी की पुनर्स्थापना और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी माल पर 20 प्रतिशत शुल्क वसूलने की घोषणा के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का वायदा 2 प्रतिशत उछलकर 84.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 17 जून को अमेरिका-ईरान युद्धविराम ज्ञापन के बाद का सर्वोच्च स्तर है। इससे पिछले सत्र में ब्रेंट में 9.6 प्रतिशत की रिकॉर्ड तेजी आई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह नाकाबंदी मंगलवार शाम से सभी ईरानी बंदरगाहों, तेल टर्मिनलों और किसी भी ध्वज के जहाजों पर लागू होगी।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वह जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा कर रहा है और इसके बदले में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देशों से मुआवजा लेगा। दूसरी ओर, ईरानी सैन्य सूत्रों ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार को दोहराया है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के अनुसार, साधारण आवागमन के लिए अनिवार्य शुल्क लगाने का कोई कानूनी आधार नहीं है, और इस तरह का कदम ताइवान जलडमरूमध्य जैसे अन्य रणनीतिक मार्गों पर भी मिसाल कायम कर सकता है। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि ओमानी जलक्षेत्र में होर्मुज के दक्षिणी मार्ग पर ईरानी क्रूज मिसाइलों ने दो अमीराती तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिसमें एक भारतीय चालक दल सदस्य की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए।
एशियाई बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस घटनाक्रम ने तेल बाजार में नया जोखिम भर दिया है, क्योंकि दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी उद्देश्यों ने आपूर्ति की स्थिति को अत्यधिक अनिश्चित बना दिया है। शिपिंग आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले 24 घंटों में होर्मुज से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या दो महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गई है। फिलिप नोवा के विश्लेषकों का मानना है कि यदि भौतिक रूप से कच्चे तेल की आवाजाही बाधित होती है, तो कीमतों में और तेजी आ सकती है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए इसका सीधा अर्थ आयात बिल में वृद्धि और मुद्रास्फीति का दबाव है। साथ ही, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर मिसाइल हमले और लाल सागर में कच्चे तेल के प्रवाह को लेकर चिंता ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा दिया है।
युद्ध से पहले, दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और एलएनजी इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता था। जून के समझौते के बाद आपूर्ति बहाल हुई थी और कीमतें 68 डॉलर तक गिर गई थीं, लेकिन अब यह प्रक्रिया उलट गई है। अमेरिकी सेना लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले कर रही है, और ट्रंप ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन की घोषणा की है। बाजार अब नाकाबंदी के वास्तविक क्रियान्वयन और टैंकरों की आवाजाही पर नजर रखे हुए हैं, जबकि कूटनीतिक समाधान की कोई तत्काल संभावना नहीं दिख रही है।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | −0.30 | critical |
|---|---|---|
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
| अरब खाड़ी प्रेस | 0.00 | neutral |
भारत अपने मारे गए नागरिकों का शोक मनाता है और चल रही हिंसा के लिए जवाबदेही की मांग करता है।
भारतीय पीड़ितों की कहानी के माध्यम से संघर्ष का वैयक्तिकरण, एक भू-राजनीतिक संकट को राष्ट्रीय त्रासदी में बदलना।
ईरानी स्थिति या हमलों के पीछे की प्रेरणाओं की रिपोर्ट नहीं करता, न ही जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा।
The Latin American consumer fears rising gasoline prices and views Trump's measures with skepticism.
Reduction of a complex geopolitical conflict to a direct impact on the wallet, using the 'toll' as a symbol of an imposed cost.
Omits the human victims of the conflict, focusing only on economic consequences.
The Gulf fears a supply crisis and calls for regional stability.
Emphasis on the systemic threat through the oil shock scenario, legitimizing regional concern as a global interest.
Does not mention civilian casualties or Iranian motivations, focusing on stability of energy flows.
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
AI की लागत दक्षता की होड़ और विकासशील देशों में शासन की चुनौतियाँ
6 भाषाएँ · 16 स्रोत
Technology सेएआई के दौर में ज्ञान का उल्टा विरोधाभास: क्यों कंपनियां अपनी ही पूंजी खो रही हैं
4 भाषाएँ · 7 स्रोत
Science & Health सेअंतरिक्ष में पहली बार मिली शुद्ध शर्करा, साथ ही जीवाश्मों और महासागरों से जुड़ी तीन अन्य बड़ी खोजों ने जीवन के रहस्यों पर डाली रोशनी
4 भाषाएँ · 12 स्रोत