
कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से सोना 4,200 डॉलर के पार, भारत में भी तेजी
अमेरिका में जून में महज 57,000 नौकरियां बढ़ने से ब्याज दर वृद्धि की आशंका घटी और सोने ने पांच हफ्तों में पहली साप्ताहिक बढ़त दर्ज की।
अमेरिकी श्रम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून में गैर-कृषि क्षेत्र में केवल 57,000 नौकरियां जुड़ीं, जो 1,15,000 के अनुमान से काफी कम थीं। इस अप्रत्याशित कमजोरी ने वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों को जोरदार बढ़ावा दिया। हाजिर सोना 1.4% उछलकर 4,179.94 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो 23 जून के बाद का सर्वोच्च स्तर है। भारत में एमसीएक्स पर अगस्त वायदा 1,48,046 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया, जबकि दुबई में 24 कैरेट सोना 503.50 दिरहम प्रति ग्राम पर पहुंच गया।
कमजोर रोजगार आंकड़ों ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड) द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना को कम कर दिया। सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, सितंबर में दर वृद्धि की संभावना 66% से घटकर 54% रह गई। ऑस्ट्रेलियाई बैंक वेस्टपैक के विश्लेषकों का कहना है कि इन आंकड़ों ने इस धारणा को चुनौती दी है कि फेड इस साल की दूसरी छमाही में दरें बढ़ाएगा। चूंकि ऊंची ब्याज दरें बिना ब्याज वाले सोने की चमक को फीका करती हैं, इसलिए दर वृद्धि की आशंका घटने से सोने की मांग बढ़ी। साथ ही, डॉलर सूचकांक में साप्ताहिक गिरावट ने अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता बना दिया।
भारतीय बाजार में इस तेजी का सीधा असर गोल्ड फाइनेंस कंपनियों पर पड़ा। मुथूट फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और आईआईएफएल फाइनेंस के शेयर 5% तक चढ़ गए, क्योंकि सोने की बढ़ी कीमतों से गिरवी रखे गए गहनों की मूल्य वृद्धि होती है और कर्जदारों को समान राशि के लिए कम गहने गिरवी रखने पड़ते हैं। अन्य बहुमूल्य धातुओं में भी तेजी रही: चांदी 2.3% बढ़कर 62.43 डॉलर प्रति औंस, प्लेटिनम 2.7% चढ़कर 1,660.05 डॉलर और पैलेडियम 1.3% उछलकर 1,284.40 डॉलर पर पहुंच गया। ये तीनों धातुएं एक सप्ताह से अधिक के उच्चतम स्तर पर रहीं। इसके अतिरिक्त, अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता में प्रगति से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव कम होने की उम्मीद है और सोने को समर्थन मिला है।
प्रिथ्वी फिनमार्ट के मनोज कुमार जैन के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने को 1,44,400-1,43,350 रुपये पर समर्थन और 1,47,100-1,48,800 रुपये पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल बाजार की निगाहें फेडरल रिजर्व की जुलाई में होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां दरों को स्थिर रखने की संभावना 82.4% आंकी गई है। निवेशक आने वाले सत्रों में डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव पर करीबी नजर रखेंगे।
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.10 | neutral |
|---|---|---|
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | +0.30 | aligned |
Weak US labor market data push gold to new highs, confirming expectations of monetary easing.
The report uses a factual register, citing macro data without explicit judgment, to present the news as a mere market reaction.
Speculative effects or potential price bubbles are not mentioned.
Gold rises to $4,200, offering Indian investors a stability anchor in an uncertain global context.
It emphasizes gold's role as a safe haven and opportunities for investors, using a positive tone to encourage buying, balanced with caution on equity markets.
Potential losses for buyers at high prices are not mentioned.
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