
रूसी मिसाइल हमले में काला सागर में तुर्की मालवाहक पर हमला, छह नाविकों की मौत
यूक्रेन के अनुसार, अनाज लेकर युद्ध क्षेत्र से निकल रहे 'गोल्डन लियो' पर तीन क्रूज़ मिसाइलें दागी गईं, जिसमें भारतीय और सीरियाई नागरिक भी शामिल थे।
काला सागर में रविवार को एक तुर्की स्वामित्व वाले मालवाहक जहाज़ 'गोल्डन लियो' पर रूसी मिसाइल हमले में छह नाविकों की मौत हो गई और चार लापता हैं। यूक्रेनी नौसेना के अनुसार, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला यह जहाज़ अनाज लेकर ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था और युद्ध क्षेत्र से बाहर निकल रहा था, तभी तीन क्रूज़ मिसाइलों ने उसे निशाना बनाया। चालक दल में सीरिया और भारत के नागरिक शामिल थे; यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिगा ने बताया कि मृतकों में यूक्रेनी कप्तान भी है। आठ सदस्यों को बचाकर ओडेसा के अस्पताल पहुँचाया गया, जबकि शेष की तलाश जारी है।
यूक्रेनी पक्ष ने इस हमले को निहत्थे नागरिक जहाज़ पर जानबूझकर किया गया आक्रमण और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया। प्रधानमंत्री सेर्गी कोरेत्स्की ने कहा कि यह समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि का उल्लंघन है। दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके ड्रोनों ने ओडेसा बंदरगाह के पास सैन्य माल ढोने वाले दो बल्क कैरियर और सर्प द्वीप के निकट अन्य जहाज़ों को निशाना बनाया। मॉस्को ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है और कहा कि हमले सैन्य ठिकानों व रसद केंद्रों पर किए गए।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब काला सागर अनाज गलियारा पहले ही युद्ध के कारण बाधित है। वैश्विक व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, यूक्रेन दुनिया के प्रमुख अनाज निर्यातकों में से एक है और ऐसे हमलों से खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर दक्षिण एशियाई और अफ्रीकी देशों पर पड़ता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन चालक दल में भारतीय नागरिकों की मौजूदगी से नई दिल्ली की चिंता बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने क्षेत्र में नागरिक नौवहन की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
यह हमला उसी रात हुआ जब रूस ने कीव पर 40 से अधिक मिसाइलें और 120 ड्रोन दागे, जिसे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने राजधानी पर अब तक के सबसे बड़े बैलिस्टिक हमलों में से एक बताया। पूरे यूक्रेन में पिछले 24 घंटों में 20 से अधिक नागरिक मारे गए और 140 से अधिक घायल हुए। पश्चिमी सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, रूस का यह हवाई अभियान यूक्रेन की घटती वायु रक्षा क्षमता का लाभ उठाने और पश्चिमी सहायता की गति को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा है। यूक्रेन ने घोषणा की है कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में ले जाएगा और सोमवार को सैन्य नेतृत्व में बदलाव पर महत्वपूर्ण बैठकें होने वाली हैं।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
रोम में अगले सप्ताह इजरायल-लेबनान वार्ता, पायलट जोन के विस्तार पर जोर
7 भाषाएँ · 15 स्रोत
Economy & Markets सेब्राजील ने अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ WTO में परामर्श का अनुरोध किया
4 भाषाएँ · 14 स्रोत
Technology सेAI की मांग से बढ़ी मेमोरी की कीमतें, 100 डॉलर वाले स्मार्टफोन का बाजार खत्म होने की कगार पर
4 भाषाएँ · 7 स्रोत