
यमल की चुनौती पर कोनाटे का पलटवार: फ्रांस-स्पेन सेमीफाइनल से पहले जुबानी जंग तेज
स्पेन के लामिन यमल ने फ्रांस को डरने की सलाह दी तो फ्रांसीसी डिफेंडर इब्राहिमा कोनाटे ने कहा—हम किसी से नहीं डरते, मैच के बाद देखेंगे किसका पलड़ा भारी रहा।
फ्रांस के सेंटर-बैक इब्राहिमा कोनाटे ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कह दिया—'वह जो चाहे कह सकता है, हम किसी से नहीं डरते।' यह जवाब था स्पेन के युवा विंगर लामिन यमल के उस बयान पर जिसमें उन्होंने दावा किया था कि फ्रांस को स्पेन से डरना चाहिए। यमल ने पिछले दो मुकाबलों—यूरो 2024 सेमीफाइनल (2-1) और 2025 नेशंस लीग फाइनल (5-4)—में स्पेन की जीत का हवाला देते हुए कहा था, 'अगर किसी को डरना चाहिए तो वे हैं, हम नहीं।' इस जुबानी जंग ने मंगलवार को होने वाले विश्व कप सेमीफाइनल की गर्मी को और बढ़ा दिया।
स्पेन का आत्मविश्वास आंकड़ों पर टिका है। लुइस दे ला फुएंते की टीम लगातार 36 मैचों से अपराजित है और इस विश्व कप में अब तक सिर्फ एक गोल खाया है—वह भी ग्रुप चरण में। यमल ने बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल जीत के बाद कहा, 'हम दोनों इस विश्व कप की सर्वश्रेष्ठ टीमें हैं, लेकिन हमें ज़रा भी डर नहीं है।' बार्सिलोना के इस विंगर का किलियन एम्बाप्पे के खिलाफ नॉकआउट मुकाबलों में शत-प्रतिशत जीत का रिकॉर्ड भी इस मनोवैज्ञानिक बढ़त को मजबूत करता है। स्पेन ने ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल और बेल्जियम को हराकर अंतिम-4 में जगह बनाई, जबकि फ्रांस ने स्वीडन, पैराग्वे और मोरक्को को पीछे छोड़ा।
फ्रांसीसी खेमे ने इस चुनौती को खारिज करते हुए स्पेन की सामूहिक ताकत पर ध्यान केंद्रित किया। कोनाटे, जो हाल ही में लिवरपूल से रियल मैड्रिड गए हैं, ने कहा, 'हम सिर्फ यमल पर फोकस नहीं करेंगे, स्पेन एक असाधारण टीम है जिसमें हर लाइन में गुणवत्ता है।' दूसरे सेंटर-बैक मैक्सेंस लैक्रोइक्स ने भी 'डर' शब्द से इनकार किया लेकिन स्वीकार किया कि स्पेन ने केप वर्डे के खिलाफ एकमात्र गोलरहित ड्रॉ को छोड़कर सभी मैच जीते हैं। फ्रांस के लिए यह मुकाबला ऐतिहासिक मौका लेकर आया है—जीतने पर वे लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी टीम बन जाएंगे, ऐसा पहले सिर्फ पश्चिमी जर्मनी (1982-90) और ब्राजील (1994-2002) ने किया है।
अब मंगलवार (भारतीय समयानुसार बुधवार तड़के) को आर्लिंगटन के एटीएंडटी स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला तय करेगा कि कौन फाइनल में अर्जेंटीना-इंग्लैंड विजेता से भिड़ेगा। कोनाटे के शब्दों में, 'हम विनम्र रहेंगे और इस जाल में नहीं फंसेंगे—अंत में नतीजा ही बताएगा कि तैयारी किसकी बेहतर थी।' दोनों टीमों के बीच पिछले चार मुकाबलों में से तीन स्पेन ने जीते हैं, लेकिन फ्रांस का लक्ष्य उस इतिहास को पलटना है।
| अरब खाड़ी प्रेस | +0.10 | neutral |
|---|---|---|
| उप-सहारा अफ़्रीकी प्रेस | +0.20 | neutral |
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
French defender Konate dismisses Yamal's provocations, stating that France fears no one, but emphasizes the importance of humility in a crucial stage of the tournament. The tone is defensive and confident, aiming to downplay the opponent's statements.
Yamal states that Spain should not fear France, having already eliminated them twice. Konate replies dismissively, calling for silence and focus. The clash is framed as a psychological battle between two great teams.
Southeast Asian outlets report statements from both players, balancing Spanish confidence with French respect for the opponent's quality. The picture is one of mutual recognition of each other's strengths, without sharp polarization.
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