
ईरान के विश्व कप से बाहर होने पर अमेरिकी मंत्री का 'खुशी का नृत्य', खेल पर भू-राजनीति की गहरी छाया
अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री ने सार्वजनिक रूप से ईरानी टीम की विदाई पर राहत और उल्लास व्यक्त किया, जबकि ईरान ने इसे अभूतपूर्व प्रतिबंधों और अनुचित व्यवहार का परिणाम बताया।
अमेरिकी गृह सुरक्षा मंत्री मार्कवेन मुलिन ने 29 जून 2026 को वाशिंगटन में एक सुरक्षा ब्रीफिंग के दौरान स्वीकार किया कि ईरानी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के 2026 फीफा विश्व कप से बाहर होने पर उन्होंने 'खुशी का नृत्य' किया। स्पोर्ट्स बिजनेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, मुलिन ने कहा कि वे 'बहुत खुश हैं कि वे जा रहे हैं, क्योंकि किसी भी अन्य टीम ने हमें उतना परेशान नहीं किया जितना उन्होंने।' यह बयान तब आया जब ईरान ग्रुप जी में तीनों मैच ड्रॉ खेलने के बाद नौवीं सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान की टीम के रूप में नॉकआउट दौर में जगह बनाने से चूक गया।
अमेरिकी प्रशासन ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान ईरानी दल पर कड़े प्रतिबंध लगाए रखे। ईरानी फुटबॉल महासंघ के अनुसार, टीम को अपना प्रशिक्षण शिविर अमेरिका के टक्सन, एरिजोना से हटाकर मेक्सिको के तिजुआना में स्थानांतरित करना पड़ा। अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को मैच से केवल 24 घंटे पहले अमेरिकी धरती पर प्रवेश की अनुमति दी और हर मैच के तुरंत बाद देश छोड़ने का आदेश दिया। मुलिन ने इन कदमों का बचाव करते हुए कहा कि 'लगभग आधे' प्रस्तावित ईरानी प्रतिनिधियों के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से सीधे संबंध थे, हालांकि ईरानी महासंघ ने इस आरोप को 'पूरी तरह निराधार' बताया।
ईरानी पक्ष ने इन पाबंदियों को प्रतिस्पर्धात्मक असंतुलन पैदा करने वाला बताया। मुख्य कोच अमीर गलेनोई ने सिएटल में मिस्र के खिलाफ अंतिम मैच के बाद कहा, 'मेज़बान का व्यवहार हमारे प्रति बहुत खराब रहा। मैं फीफा से आग्रह करता हूं कि भविष्य में किसी मेज़बान को टीमों और खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार न करने दे।' गलेनोई ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से इस रवैये के खिलाफ खड़े होने की अपील की, जबकि यह जगजाहिर है कि इन्फेंटिनो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी हैं और उन्हें 'फीफा शांति पुरस्कार' भी दे चुके हैं। ईरानी खिलाड़ियों ने अपने अंतिम दो मैचों के बाद लॉकर रूम में मेज़बान शहरों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नोट छोड़े, जिनमें 'निष्पक्षता और सम्मान' को खेल की आत्मा बताया गया।
यह प्रकरण अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य और राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया। फरवरी 2026 में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद से ही दोनों देशों के बीच संबंध अत्यंत तनावपूर्ण रहे, हालांकि हाल ही में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। दक्षिण एशिया के संदर्भ में, यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप के बढ़ते चलन को रेखांकित करता है, जो भविष्य में भारत जैसे देशों द्वारा बड़े टूर्नामेंटों की मेज़बानी के दौरान कूटनीतिक चुनौतियां खड़ी कर सकता है। फिलहाल, ईरानी टीम तिजुआना से अंताल्या होते हुए तेहरान लौट रही है, और फीफा ने इस मामले पर कोई औपचारिक जांच की घोषणा नहीं की है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ
The US Homeland Security Secretary's gleeful reaction to Iran's World Cup exit is presented as justified, given the alleged ties between the Iranian team and the IRGC. The elimination is framed as a blow to the regime, and the 'dance of joy' is portrayed as a natural response to a political adversary's defeat.
The US official's comment is condemned as a hostile and disrespectful act, revealing American animosity towards Iran. The 'dance of joy' is seen as a provocation and a sign of US arrogance, while Iran's World Cup participation is framed as a source of national pride despite the elimination.
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