
घाना ने पनामा को अंतिम क्षणों में हराकर विश्व कप 2026 की शानदार शुरुआत की
कालेब यिरेनकी के इंजरी टाइम गोल ने घाना को 1-0 से जीत दिलाई, जिससे अफ्रीकी टीम ने ग्रुप एल में महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए और पनामा की विश्व कप में पहली बार अंक लेने की उम्मीदें फिर धराशायी हो गईं।
टोरंटो के बीएमओ फील्ड पर बुधवार रात खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एल मुकाबले में घाना ने पनामा को 1-0 से नाटकीय अंदाज में हराया। मैच के 95वें मिनट में युवा स्ट्राइकर कालेब यिरेनकी ने ब्रैंडन थॉमस-असांते के शानदार क्रॉस पर गोल करके ब्लैक स्टार्स को तीन अंक दिलाए। यह जीत न केवल घाना के लिए अहम थी, बल्कि इसने अफ्रीकी टीमों के इस विश्व कप में शानदार प्रदर्शन को भी जारी रखा—कोटे डी आइवर के इक्वाडोर पर जीत के बाद यह महाद्वीप की दूसरी जीत थी, जबकि केप वर्डे, मोरक्को, मिस्र और कांगो ने भी बड़ी टीमों के खिलाफ ड्रॉ खेलकर प्रभावित किया था।
पहले हाफ में पनामा हावी रहा। शुरुआती मिनटों में सेसिलियो वॉटरमैन और सीजर ब्लैकमैन के प्रयासों को घाना के गोलकीपर लॉरेंस अति जिगी ने विफल किया, लेकिन घाना की टीम एक भी शॉट गोल पर नहीं लगा सकी। हाफ टाइम पर जिगी चोटिल होकर बाहर हुए, जिससे घाना की मुश्किलें बढ़ीं। दूसरे हाफ में बारिश के बीच खेल तेज हुआ, लेकिन दोनों टीमें स्पष्ट मौके बनाने में नाकाम रहीं। अंत में, घाना ने तेज जवाबी हमला किया और यिरेनकी ने गोल करके पनामा के सारे सपने चकनाचूर कर दिए।
घाना के कोच कार्लोस क्विरोज ने कहा, "हमने यह मैच अपने दिमाग से जीता।" उनकी टीम ने धैर्य और रणनीतिक अनुशासन दिखाया। इस जीत से घाना ग्रुप एल में इंग्लैंड के बाद दूसरे स्थान पर आ गया, जिसने पहले क्रोएशिया को 4-2 से हराया था। पनामा के लिए यह हार बेहद दर्दनाक रही—2018 में अपने पहले विश्व कप में तीनों मैच हारने वाली टीम अब भी विश्व कप में एक अंक की तलाश में है। लैटिन अमेरिकी मीडिया ने इसे "आखिरी सांस में मिली हार" बताया, जबकि अफ्रीकी प्रेस ने घाना की सूझबूझ की सराहना की।
अब घाना का सामना 23 जून को बोस्टन में इंग्लैंड से होगा, जबकि पनामा को उसी दिन टोरंटो में क्रोएशिया से खेलना है। घाना 2010 के बाद पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंचने का सपना देख रहा है, और यह जीत उसके लिए बड़ा कदम है। दूसरी ओर, पनामा को अब बचे हुए मैचों में किसी तरह अंक जुटाने होंगे, वरना उसका सफर जल्दी खत्म हो सकता है। एशियाई और भारतीय दर्शकों के लिए यह मुकाबला इस बात का सबूत है कि विश्व कप में छोटी टीमें भी कड़ी टक्कर दे सकती हैं, लेकिन अंतिम क्षणों की एकाग्रता ही जीत-हार तय करती है।
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घाना ने पनामा पर अंतिम क्षणों में जीत हासिल कर न केवल तीन महत्वपूर्ण अंक लिए, बल्कि नाइजीरिया के विश्व कप रिकॉर्ड की बराबरी भी की, जिससे अफ्रीका की टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत को बल मिला। ब्लैक स्टार्स की दृढ़ता अतिरिक्त समय में रंग लाई, जिसने कोटे डी आइवर की पहले की जीत और कई प्रभावशाली ड्रॉ सहित महाद्वीपीय सकारात्मक लहर को जारी रखा।
पनामा ने मैच के अधिकांश समय पर नियंत्रण रखा, लेकिन गोल करने में अक्षमता की भारी कीमत चुकाई और अतिरिक्त समय में एक दिल तोड़ने वाले गोल से हार गया। यह हार उन्हें ऐतिहासिक पहले विश्व कप अंक से कुछ सेकंड दूर खाली हाथ छोड़ देती है, जिससे आगे बढ़ने की उनकी उम्मीदों को गहरा झटका लगा है।
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