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अमेरिका ने इक्वाडोर के 'चोने किलर्स' गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया, मैक्सिकन कार्टेल से सहयोग का आरोपजर्मनी में यूरो 2024 भ्रष्टाचार पर छापे, फ्रांस में ले पेन के भविष्य पर संकट और अल्जीरिया से तनावदक्षिण फ्रांस में जंगल की भीषण आग: 800 हेक्टेयर तक जले, 200 लोगों को निकाला गयायूएई ने सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष तय की, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर वैश्विक बहस तेजइंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद कांगो के कोच को पिता के निधन की सूचना, प्रेस कॉन्फ्रेंस में छाया मातमनॉटिंघम फ़ॉरेस्ट ने ईमेल से दी विदाई, वीटोर परेरा का इंग्लिश क्लब से अचानक अंतअरब सागर में अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग, एक कर्मी लापतास्पेसएक्स के AI हैंडहेल्ड प्रोटोटाइप की रिपोर्ट, मस्क का 'पूरी तरह झूठ' और बाजार पर असरअमेरिका ने इक्वाडोर के 'चोने किलर्स' गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया, मैक्सिकन कार्टेल से सहयोग का आरोपजर्मनी में यूरो 2024 भ्रष्टाचार पर छापे, फ्रांस में ले पेन के भविष्य पर संकट और अल्जीरिया से तनावदक्षिण फ्रांस में जंगल की भीषण आग: 800 हेक्टेयर तक जले, 200 लोगों को निकाला गयायूएई ने सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष तय की, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर वैश्विक बहस तेजइंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद कांगो के कोच को पिता के निधन की सूचना, प्रेस कॉन्फ्रेंस में छाया मातमनॉटिंघम फ़ॉरेस्ट ने ईमेल से दी विदाई, वीटोर परेरा का इंग्लिश क्लब से अचानक अंतअरब सागर में अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग, एक कर्मी लापतास्पेसएक्स के AI हैंडहेल्ड प्रोटोटाइप की रिपोर्ट, मस्क का 'पूरी तरह झूठ' और बाजार पर असर
भू-राजनीति और राजनीतिशनिवार, 27 जून 2026

इज़राइल-लेबनान रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर, हिज़्बुल्लाह ने इसे 'आत्मसमर्पण' बताकर खारिज किया

वाशिंगटन में अमेरिकी मध्यस्थता में हुए त्रिपक्षीय समझौते में चरणबद्ध इसराइली वापसी को हिज़्बुल्लाह के पूर्ण निरस्त्रीकरण से जोड़ा गया है, जिसका संगठन ने कड़ा विरोध किया है।

शुक्रवार को वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल की सरकारों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उपस्थिति में एक 'त्रिपक्षीय रूपरेखा समझौते' पर हस्ताक्षर किए। यह दस्तावेज़ दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने, स्थायी शांति स्थापित करने और दोनों देशों की संप्रभुता सुनिश्चित करने के साझा लक्ष्य की घोषणा करता है। समझौते के केंद्र में एक पारस्परिक प्रक्रिया है: पहले गैर-राज्य सशस्त्र समूहों—विशेषकर हिज़्बुल्लाह—के निरस्त्रीकरण और उनके बुनियादी ढाँचे को समाप्त करने की पुष्टि होगी, फिर लेबनानी सेना सम्पूर्ण भूभाग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी, जिसके बाद इसराइली रक्षा बलों (आईडीएफ) की चरणबद्ध वापसी होगी।

लेबनानी सरकार ने इस समझौते को राष्ट्रीय संप्रभुता की पूर्ण बहाली की दिशा में 'पहला कदम' बताया है। राष्ट्रपति जोसेफ औन के अनुसार, यह राज्य के पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण लौटाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। दूसरी ओर, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक उपलब्धि' और ईरान व हिज़्बुल्लाह के लिए 'रणनीतिक आघात' करार दिया। रक्षा मंत्री यिसराइल कात्स ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरे लेबनान में हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता, इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान के 'सुरक्षा क्षेत्र'—जिसमें अल-शकीफ़ की पहाड़ी भी शामिल है—से पीछे नहीं हटेगी और उसे कार्रवाई की पूर्ण स्वतंत्रता बनी रहेगी।

हिज़्बुल्लाह ने इस समझौते को तीव्र रूप से अस्वीकार किया है। महासचिव नईम कासिम ने एक लिखित बयान में इसे 'भयावह पतन', 'अपमानजनक' और 'संप्रभुता का समर्पण' बताया। उन्होंने तर्क दिया कि इसराइली वापसी को प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण से जोड़ना सभी लाल रेखाओं को पार करता है और आने वाले वर्षों के लिए कब्ज़े को वैधता प्रदान करता है। हिज़्बुल्लाह का आग्रह है कि इसके स्थान पर ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन (एमओयू) लागू किया जाए, जो उसके अनुसार बिना शर्त संघर्ष विराम और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता की गारंटी देता है। संगठन से जुड़े सांसद हसन फ़ज़लुल्लाह ने चेतावनी दी कि सरकार इस समझौते को तब तक लागू नहीं कर सकती जब तक वह अमेरिकी समर्थन से गृहयुद्ध की ओर न बढ़े।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस ने समझौते का स्वागत करते हुए पूर्ण लेबनानी संप्रभुता, राज्य के एकाधिकार में हथियार और इसराइली सेना की वापसी पर बल दिया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसे स्थायी शांति के लिए एक रूपरेखा की शुरुआत बताया। क्षेत्रीय प्रतिक्रिया में संयुक्त अरब अमीरात ने स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया। विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता लेबनानी मसले को ईरानी वार्ता पथ से अलग करने का प्रयास है, हालाँकि तेहरान की सहमति के बिना हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण लगभग असंभव माना जा रहा है।

लेबनानी सेना ने बेरूत और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शनों के आह्वान के बीच सुरक्षा भंग करने, सड़कें अवरुद्ध करने या सार्वजनिक-निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी कार्रवाई की अनुमति न देने की चेतावनी दी है। समझौते के तहत पहले दो 'पायलट क्षेत्रों'—ज़ौतर अल-ग़रबिया और फ़रून—में लेबनानी सेना की तैनाती से प्रक्रिया शुरू होगी। एक त्रिपक्षीय सैन्य समन्वय समूह कार्यान्वयन की निगरानी करेगा, और अमेरिका पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाएगा। फिलहाल, हिज़्बुल्लाह के सशस्त्र बल और राजनीतिक भार इस रूपरेखा को ज़मीनी हकीकत में बदलने की राह की सबसे बड़ी परीक्षा बने हुए हैं।

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

61%
लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
ईरानी और संबद्ध प्रेसअटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस
ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
आक्रोशपीड़ितभावचेतावनी

यह रूपरेखा समझौता लेबनानी सरकार का एक विश्वासघाती आत्मसमर्पण है, जो इज़राइली कब्ज़े को वैधता देता है और प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण की माँग करता है। हिज़्बुल्लाह ने इसे अमान्य और संप्रभुता का घोर उल्लंघन बताकर सही किया है। एकमात्र वैध आधार ईरान-अमेरिका ज्ञापन है, न कि यह समर्पण दस्तावेज़।

अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ सुरक्षा
विजयव्यावहारिकता

यह रूपरेखा समझौता एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और ईरान व हिज़्बुल्लाह के लिए एक रणनीतिक झटका है। इज़राइल तब तक सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा जब तक हिज़्बुल्लाह पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता, जबकि लेबनानी सरकार के हस्ताक्षर मिलिशिया की पकड़ से मुक्त संप्रभुता के एक नए युग का संकेत देते हैं। अमेरिकी मध्यस्थता ने ईरानी प्रभाव को सफलतापूर्वक अलग-थलग कर दिया है और स्थायी शांति का मार्ग खोल दिया है।

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अमेरिका ने इक्वाडोर के 'चोने किलर्स' गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया, मैक्सिकन कार्टेल से सहयोग का आरोप·जर्मनी में यूरो 2024 भ्रष्टाचार पर छापे, फ्रांस में ले पेन के भविष्य पर संकट और अल्जीरिया से तनाव·दक्षिण फ्रांस में जंगल की भीषण आग: 800 हेक्टेयर तक जले, 200 लोगों को निकाला गया·यूएई ने सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष तय की, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर वैश्विक बहस तेज·इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद कांगो के कोच को पिता के निधन की सूचना, प्रेस कॉन्फ्रेंस में छाया मातम·नॉटिंघम फ़ॉरेस्ट ने ईमेल से दी विदाई, वीटोर परेरा का इंग्लिश क्लब से अचानक अंत·अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग, एक कर्मी लापता·स्पेसएक्स के AI हैंडहेल्ड प्रोटोटाइप की रिपोर्ट, मस्क का 'पूरी तरह झूठ' और बाजार पर असर·अमेरिका ने इक्वाडोर के 'चोने किलर्स' गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया, मैक्सिकन कार्टेल से सहयोग का आरोप·जर्मनी में यूरो 2024 भ्रष्टाचार पर छापे, फ्रांस में ले पेन के भविष्य पर संकट और अल्जीरिया से तनाव·दक्षिण फ्रांस में जंगल की भीषण आग: 800 हेक्टेयर तक जले, 200 लोगों को निकाला गया·यूएई ने सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम आयु 15 वर्ष तय की, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर वैश्विक बहस तेज·इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद कांगो के कोच को पिता के निधन की सूचना, प्रेस कॉन्फ्रेंस में छाया मातम·नॉटिंघम फ़ॉरेस्ट ने ईमेल से दी विदाई, वीटोर परेरा का इंग्लिश क्लब से अचानक अंत·अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर की आपात लैंडिंग, एक कर्मी लापता·स्पेसएक्स के AI हैंडहेल्ड प्रोटोटाइप की रिपोर्ट, मस्क का 'पूरी तरह झूठ' और बाजार पर असर·
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शनिवार, 27 जून 2026

इज़राइल-लेबनान रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर, हिज़्बुल्लाह ने इसे 'आत्मसमर्पण' बताकर खारिज किया

वाशिंगटन में अमेरिकी मध्यस्थता में हुए त्रिपक्षीय समझौते में चरणबद्ध इसराइली वापसी को हिज़्बुल्लाह के पूर्ण निरस्त्रीकरण से जोड़ा गया है, जिसका संगठन ने कड़ा विरोध किया है।

शुक्रवार को वाशिंगटन में लेबनान और इसराइल की सरकारों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उपस्थिति में एक 'त्रिपक्षीय रूपरेखा समझौते' पर हस्ताक्षर किए। यह दस्तावेज़ दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने, स्थायी शांति स्थापित करने और दोनों देशों की संप्रभुता सुनिश्चित करने के साझा लक्ष्य की घोषणा करता है। समझौते के केंद्र में एक पारस्परिक प्रक्रिया है: पहले गैर-राज्य सशस्त्र समूहों—विशेषकर हिज़्बुल्लाह—के निरस्त्रीकरण और उनके बुनियादी ढाँचे को समाप्त करने की पुष्टि होगी, फिर लेबनानी सेना सम्पूर्ण भूभाग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगी, जिसके बाद इसराइली रक्षा बलों (आईडीएफ) की चरणबद्ध वापसी होगी।

लेबनानी सरकार ने इस समझौते को राष्ट्रीय संप्रभुता की पूर्ण बहाली की दिशा में 'पहला कदम' बताया है। राष्ट्रपति जोसेफ औन के अनुसार, यह राज्य के पूरे क्षेत्र पर नियंत्रण लौटाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। दूसरी ओर, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक उपलब्धि' और ईरान व हिज़्बुल्लाह के लिए 'रणनीतिक आघात' करार दिया। रक्षा मंत्री यिसराइल कात्स ने स्पष्ट किया कि जब तक पूरे लेबनान में हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता, इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान के 'सुरक्षा क्षेत्र'—जिसमें अल-शकीफ़ की पहाड़ी भी शामिल है—से पीछे नहीं हटेगी और उसे कार्रवाई की पूर्ण स्वतंत्रता बनी रहेगी।

हिज़्बुल्लाह ने इस समझौते को तीव्र रूप से अस्वीकार किया है। महासचिव नईम कासिम ने एक लिखित बयान में इसे 'भयावह पतन', 'अपमानजनक' और 'संप्रभुता का समर्पण' बताया। उन्होंने तर्क दिया कि इसराइली वापसी को प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण से जोड़ना सभी लाल रेखाओं को पार करता है और आने वाले वर्षों के लिए कब्ज़े को वैधता प्रदान करता है। हिज़्बुल्लाह का आग्रह है कि इसके स्थान पर ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन (एमओयू) लागू किया जाए, जो उसके अनुसार बिना शर्त संघर्ष विराम और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता की गारंटी देता है। संगठन से जुड़े सांसद हसन फ़ज़लुल्लाह ने चेतावनी दी कि सरकार इस समझौते को तब तक लागू नहीं कर सकती जब तक वह अमेरिकी समर्थन से गृहयुद्ध की ओर न बढ़े।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस ने समझौते का स्वागत करते हुए पूर्ण लेबनानी संप्रभुता, राज्य के एकाधिकार में हथियार और इसराइली सेना की वापसी पर बल दिया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इसे स्थायी शांति के लिए एक रूपरेखा की शुरुआत बताया। क्षेत्रीय प्रतिक्रिया में संयुक्त अरब अमीरात ने स्पष्ट समर्थन व्यक्त किया। विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता लेबनानी मसले को ईरानी वार्ता पथ से अलग करने का प्रयास है, हालाँकि तेहरान की सहमति के बिना हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण लगभग असंभव माना जा रहा है।

लेबनानी सेना ने बेरूत और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शनों के आह्वान के बीच सुरक्षा भंग करने, सड़कें अवरुद्ध करने या सार्वजनिक-निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाली किसी भी कार्रवाई की अनुमति न देने की चेतावनी दी है। समझौते के तहत पहले दो 'पायलट क्षेत्रों'—ज़ौतर अल-ग़रबिया और फ़रून—में लेबनानी सेना की तैनाती से प्रक्रिया शुरू होगी। एक त्रिपक्षीय सैन्य समन्वय समूह कार्यान्वयन की निगरानी करेगा, और अमेरिका पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाएगा। फिलहाल, हिज़्बुल्लाह के सशस्त्र बल और राजनीतिक भार इस रूपरेखा को ज़मीनी हकीकत में बदलने की राह की सबसे बड़ी परीक्षा बने हुए हैं।

स्रोतों में मतभेद

भू-राजनीति और राजनीति · 5 स्रोत · 1 भाषा

61%उच्च

स्रोत कैसे एक ही तथ्यों को अलग-अलग तरीके से बयाँ करते हैं।

विभाजन कैसे है

समर्थक33%
न्यूनत्र17%
निंदक50%

वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।

2 संपादकीय समूह · 1 भाषाएँ

लहज़ातापमानफ़ोकसस्थितिक्षितिज
ईरानी और संबद्ध प्रेसअटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस
ईरानी और संबद्ध प्रेस/ शासन
आक्रोशपीड़ितभावचेतावनी

यह रूपरेखा समझौता लेबनानी सरकार का एक विश्वासघाती आत्मसमर्पण है, जो इज़राइली कब्ज़े को वैधता देता है और प्रतिरोध के निरस्त्रीकरण की माँग करता है। हिज़्बुल्लाह ने इसे अमान्य और संप्रभुता का घोर उल्लंघन बताकर सही किया है। एकमात्र वैध आधार ईरान-अमेरिका ज्ञापन है, न कि यह समर्पण दस्तावेज़।

अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस/ सुरक्षा
विजयव्यावहारिकता

यह रूपरेखा समझौता एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और ईरान व हिज़्बुल्लाह के लिए एक रणनीतिक झटका है। इज़राइल तब तक सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगा जब तक हिज़्बुल्लाह पूरी तरह निरस्त्र नहीं हो जाता, जबकि लेबनानी सरकार के हस्ताक्षर मिलिशिया की पकड़ से मुक्त संप्रभुता के एक नए युग का संकेत देते हैं। अमेरिकी मध्यस्थता ने ईरानी प्रभाव को सफलतापूर्वक अलग-थलग कर दिया है और स्थायी शांति का मार्ग खोल दिया है।

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