
उरुग्वे को रोककर सऊदी अरब ने फिर दिखाई एशियाई ताकत, ग्रुप एच में रोमांचक शुरुआत
सऊदी अरब ने 2026 विश्व कप के ग्रुप एच में उरुग्वे को 1-1 से रोककर एक और बड़ा उलटफेर करने का माद्दा दिखाया, जिससे स्पेन के ख़िलाफ़ केप वर्डे के ड्रॉ के बाद यह ग्रुप पूरी तरह खुल गया।
मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में सोमवार रात खेले गए ग्रुप एच के मुक़ाबले में सऊदी अरब ने दो बार की विश्व विजेता उरुग्वे को 1-1 की बराबरी पर रोककर याद दिला दिया कि एशियाई फ़ुटबॉल अब किसी से कम नहीं। चार साल पहले क़तर में अर्जेंटीना को हराने वाली सऊदी टीम इस बार भी एक ऐतिहासिक जीत के बेहद क़रीब पहुंची, लेकिन मैक्सी अराउखो के 80वें मिनट के गोल ने उरुग्वे को हार से बचा लिया। इस ड्रॉ के कुछ घंटे पहले ही स्पेन को केप वर्डे के ख़िलाफ़ गोलरहित बराबरी पर संतोष करना पड़ा था, जिससे ग्रुप एच की पहली राउंड के बाद चारों टीमों के एक-एक अंक हैं और आगे का हर मैच नॉकआउट जैसा हो गया है।
मैच की कहानी दो गोलकीपरों की चूक और दो अलग-अलग अंदाज़ की फ़ुटबॉल के इर्द-गिर्द घूमी। पहले हाफ़ में उरुग्वे के दबदबे के बावजूद सऊदी अरब ने 41वें मिनट में कॉर्नर पर अब्दुलेलाह अल-अमरी के ज़रिए बढ़त ले ली, जब फ़र्नांडो मुस्लेरा का कमज़ोर बचाव गेंद को ठीक अल-अमरी के पैरों पर पहुंचा गया। इसके बाद उरुग्वे ने पूरे मैच में 28 से अधिक शॉट लगाए और दूसरे हाफ़ में लगातार दबाव बनाया, लेकिन सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवैस ने टूर्नामेंट की सबसे अधिक नौ बचत करते हुए बार-बार दक्षिण अमेरिकी हमलों को नाकाम किया। आख़िरकार 80वें मिनट में अल-ओवैस की ही एक बचत से निकली रिबाउंड पर अराउखो ने बराबरी का गोल दागा, जिससे उरुग्वे को एक अंक तो मिला लेकिन चेहरे पर हार जैसी मायूसी रही।
लैटिन अमेरिकी मीडिया और उरुग्वे के कोच मार्सेलो बिएल्सा ने इस प्रदर्शन को नाकामी करार दिया। बिएल्सा ने कहा कि टीम ने दस गोल खाए और जीत की हक़दार थी, जबकि कप्तान फ़ेदेरिको वाल्वेर्दे ने निराशा ज़ाहिर की। दूसरी ओर, सऊदी कप्तान सलेम अल-दौसारी ने जीत का दावा करते हुए कहा कि टीम अगले दौर में जाने की क्षमता रखती है। एशियाई मीडिया, ख़ासकर इंडोनेशियाई अख़बारों ने इस नतीजे को एशिया की बढ़ती ताक़त का सबूत बताया, क्योंकि सऊदी अरब ने क्वालिफ़ायर्स में इंडोनेशिया को बाहर करके ही विश्व कप का टिकट हासिल किया था। भारतीय मीडिया ने भी इसे विश्व कप का एक बड़ा आकर्षण माना, जहां एक बार फिर अंडरडॉग ने दिग्गज को चौंका दिया।
यह नतीजा सिर्फ़ एक मैच की कहानी नहीं, बल्कि वैश्विक फ़ुटबॉल में सत्ता के बदलते संतुलन का संकेत है। सऊदी अरब की अनुशासित रक्षा और मौक़ापरस्त हमलों ने साबित किया कि एशियाई टीमें अब केवल भागीदार नहीं, बल्कि नॉकआउट की दावेदार हैं। दक्षिण एशिया के लिए यह प्रेरणा और चेतावनी दोनों है—इंडोनेशिया जैसी टीमें क्वालिफ़िकेशन के दरवाज़े तक पहुंचकर चूक गईं, लेकिन सऊदी अरब ने दिखाया कि सही तैयारी और आत्मविश्वास से बड़ी टीमों को रोका जा सकता है।
आगे की राह में ग्रुप एच पूरी तरह खुल चुका है। उरुग्वे को अपनी फ़िनिशिंग सुधारनी होगी, वरना स्पेन और केप वर्डे के ख़िलाफ़ और मुश्किलें आ सकती हैं। सऊदी अरब के लिए यह एक अंक सुनहरा है, लेकिन अल-दौसारी की नज़रें 16वें दौर पर हैं। अगर ग्रीन फ़ाल्कन्स आने वाले मैचों में भी ऐसा ही अनुशासन दिखाते हैं, तो 2022 की तरह एक और एशियाई परीकथा लिखी जा सकती है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 5 भाषाएँ
उरुग्वे ने मैक्सिमिलियानो अराउजो के देर से किए गए गोल की बदौलत सऊदी अरब के खिलाफ एक शर्मनाक हार को टाला। बिएल्सा की टीम ने चिंताजनक प्रदर्शन किया, खासकर पहले हाफ में, और ड्रॉ ने आक्रामक धार और रक्षात्मक मजबूती की कमी को उजागर किया। दक्षिण अमेरिकी टीमें टूर्नामेंट में अभी भी जीत से वंचित हैं, जिससे आगामी मैचों के लिए उरुग्वे पर दबाव बढ़ गया है।
सऊदी अरब ने उरुग्वे के लगातार आक्रमणों का सामना किया, 29 शॉट और 14 कॉर्नर झेलते हुए कड़े संघर्ष के बाद 1-1 से ड्रॉ हासिल किया। गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवैस ने कई महत्वपूर्ण बचाव किए, जिससे ग्रीन फाल्कन्स को ग्रुप एच के अपने पहले मैच में एक कीमती अंक मिला। उरुग्वे का दबदबा रहा, लेकिन उसमें सऊदी की मजबूत रक्षा को भेदने की धार नहीं थी।
संबंधित लेख
सुलावेसी में 6.7 तीव्रता के भूकंप से पालू में दहशत, अस्पताल खाली, इमारतें क्षतिग्रस्त
11 भाषाएँ · 28 स्रोत
अर्थव्यवस्थाजापान का ब्याज दर 1% पर, 1995 के बाद सर्वोच्च; ईरान युद्ध और तेल संकट की छाया
9 भाषाएँ · 23 स्रोत
खेलराजनीतिक आग में जला विश्व कप डेब्यू: ईरान ने न्यूजीलैंड को 2-2 पर रोका
6 भाषाएँ · 29 स्रोत