
अमेरिका की नज़र क्लीन स्वीप पर, तुर्की के सामने सम्मान बचाने की चुनौती
ग्रुप डी के इस मृत रबर में मेज़बान अमेरिका पूर्ण विजय अभियान चाहता है, जबकि तुर्की बिना अंक के लौटने से बचना चाहेगा।
लॉस एंजिल्स के सोफ़ी स्टेडियम में गुरुवार रात ग्रुप डी का आखिरी मुक़ाबला एक ऐसी तस्वीर पेश करेगा जहाँ दोनों टीमों की मंज़िलें पहले ही तय हो चुकी हैं। अमेरिका ने पैराग्वे को 4-1 और ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर लगातार दो जीत के साथ ग्रुप की बादशाहत पर क़ब्ज़ा कर लिया है, जबकि तुर्की ऑस्ट्रेलिया से 0-2 और पैराग्वे से 0-1 की हार झेलकर टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है। फ़ीफ़ा के हेड-टू-हेड नियम के चलते अमेरिका का शीर्ष स्थान पक्का है, इसलिए यह मुक़ाबला महज़ एक औपचारिकता बनकर रह गया है।
मेज़बान टीम की इस धमाकेदार शुरुआत के पीछे फ़ोलारिन बालोगुन के दो गोल और क्रिस्टियन पुलिसिक की चोट से पहले की चमक रही। पुलिसिक पैराग्वे के ख़िलाफ़ पहले हाफ़ में पिंडली की तकलीफ़ के कारण बाहर हो गए थे और ऑस्ट्रेलिया मैच से पूरी तरह ग़ायब रहे, लेकिन अब वह फ़िटनेस हासिल कर चुके हैं और सीमित मिनटों के लिए मैदान पर उतर सकते हैं। कोच मॉरिसियो पोचेतिनो के सामने बड़ा सवाल यह है कि क्या वह अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश उतारकर लय बनाए रखें या नॉकआउट से पहले अहम खिलाड़ियों को आराम दें। क्रिस रिचर्ड्स, एंटोनी रॉबिन्सन, टायलर एडम्स और बालोगुन पर एक और पीला कार्ड अगले दौर से बाहर कर सकता है, इसलिए रोटेशन लगभग तय माना जा रहा है।
दूसरी ओर, 24 साल बाद विश्व कप में लौटी तुर्की की टीम उम्मीदों के बिल्कुल उलट रही। अरदा गुलेर और केनान यिल्दिज़ जैसे युवा सितारों के बावजूद टीम दो मैचों में एक भी गोल नहीं कर सकी, जबकि पैराग्वे के ख़िलाफ़ दस आदमियों के सामने भी दर्जनों मौक़े बेकार गए। तुर्की मीडिया इसे ‘एंटीक्लाइमेक्स’ बता रहा है और टीम के सामने अब सिर्फ़ सम्मानजनक विदाई का लक्ष्य है। यूनुस अकगुन चोट के कारण बाहर हैं, लेकिन बाक़ी टीम शारीरिक रूप से तैयार है।
अमेरिकी प्रशंसकों के लिए यह मैच जश्न का मौक़ा है, क्योंकि टीम 1930 के बाद पहली बार विश्व कप के शुरुआती दो मैच जीतकर नॉकआउट में पहुँची है। पोचेतिनो की रणनीति साफ़ है: सांता क्लारा में 1 जुलाई को होने वाले अंतिम-32 मुक़ाबले के लिए तरोताज़ा रहना, जहाँ सामना ग्रुप के किसी तीसरे स्थान वाली टीम (फ़िलहाल बोस्निया) से होगा। अमेरिकी प्रसारक फ़ॉक्स और तेलेमुंदो इस ऐतिहासिक पल को सीधा दिखाएँगे, जबकि ब्राज़ील में काज़ेटीवी और अरब जगत में बीइन स्पोर्ट्स मैक्स 1 पर इसका प्रसारण होगा।
इस मृत रबर में अमेरिका के लिए सबसे अहम सवाल पुलिसिक की वापसी और बेंच स्ट्रेंथ की परीक्षा होगी, जबकि तुर्की अपने गोल के सूखे को ख़त्म करने की कोशिश करेगा। नतीजा चाहे जो भी हो, अमेरिका का अगला पड़ाव सांता क्लारा में तय है, और तुर्की का सफ़र लॉस एंजिल्स में ही थम जाएगा।
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.50 | aligned |
The match is a formality, the USA wins without surprises.
The report avoids any judgment, presenting the match as a pure sports event.
Comparison with other matches or geopolitical implications are omitted.
The United States wins because it is stronger, it's in the nature of things.
The language of economic competition is used to naturalize American supremacy, equating sports and politics.
Turkey's weakness and possible criticisms of US foreign policy are omitted.
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