
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पांच गुना बढ़ी, पर पूर्ण सामान्यीकरण अभी दूर
युद्धविराम समझौते के तुरंत बाद 18 जून को 25 व्यावसायिक पोतों ने होर्मुज पार किया, तेल कीमतों में राहत, लेकिन समुद्री सुरक्षा चुनौतियां कायम हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात में तेज़ उछाल ने वैश्विक आपूर्ति शृंखला के लिए एक प्रारंभिक सकारात्मक संकेत दिया है। अमेरिका-ईरान युद्धविराम की सहमति के बाद 18 जून को 25 व्यावसायिक पोतों ने मार्ग पार किया—यह अप्रैल के मध्य के बाद का सर्वाधिक दैनिक आंकड़ा है और जून के पहले दस दिनों के औसत (7.6) का पाँच गुना है। युद्ध के कारण रुकी आवाजाही के बाद यह पहला ठोस संकेत है कि समुद्री व्यापार फिर से पटरी पर लौट सकता है।
हालाँकि यह उछाल अभी पूर्व-युद्ध स्तर (लगभग 150 पोत प्रतिदिन) की तुलना में बहुत कम है, लेकिन बाजारों और नौवहन कंपनियों के लिए यह एक परीक्षण की घड़ी है। विंडवार्ड और एएक्सएसमरीन जैसी समुद्री ट्रैकिंग फर्मों के अनुसार, कई पोत अभी भी अपने अग्रिम-पत्र संकेत बंद कर रहे हैं या सीमित गलियारों का उपयोग कर रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनियों में शामिल मोलर-मार्स्क ने फिलहाल होर्मुज से न गुजरने का निर्णय लिया है, जो सुरक्षा को लेकर व्याप्त आशंका को दर्शाता है।
समझौता पूर्ण विश्वास बहाल करने के लिए पर्याप्त नहीं है। ईरान ने मध्य मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा रखी हैं—इंटरटैंको का अनुमान है कि कम से कम 80 सुरंगें हैं—जिन्हें हटाने में 40-50 दिन लग सकते हैं। इसके अलावा, ईरान ने सभी पोतों के लिए 48 घंटे पूर्व पारगमन अनुरोध अनिवार्य किया है और भविष्य में ‘सेवा शुल्क’ वसूलने के संकेत दिए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के विपरीत है। अमेरिकी-ईरानी ज्ञापन में 60-दिवसीय निःशुल्क मार्ग का प्रावधान है, लेकिन इसके बाद की स्थिति अस्पष्ट है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके तत्काल प्रभाव स्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे भारत जैसे बड़े आयातक देशों को सीधा लाभ हुआ है। भारत अपनी 85% से अधिक कच्चे तेल की ज़रूरत आयात से पूरी करता है, ऐसे में कीमतों में कमी चालू खाता घाटा घटाने और मुद्रास्फीति नियंत्रण में सहायक होगी। हालाँकि, यदि होर्मुज पूरी तरह खुलता है और रुके हुए माल की आपूर्ति एक साथ बाजार में आती है, तो अस्थायी अति-आपूर्ति का जोखिम भी है। संयुक्त अरब अमीरात के ओपेक से बाहर निकलने से उत्पादकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
अगला निर्णायक पड़ाव स्विट्जरलैंड में होने वाली वार्ता का पुनर्निधारण और सुरंग-सफाई की प्रगति है। बीमा प्रीमियम और दो-तरफा पोत यातायात की वापसी वास्तविक सामान्यीकरण के संकेतक होंगे। अभी खाड़ी में 500 से अधिक पोत और 11,000 नाविक फंसे हैं, जिनकी निकासी व्यवस्था पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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वाशिंगटन के दावों के विपरीत, होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला नहीं है। यातायात में थोड़ी वृद्धि हुई है, लेकिन जहाज ईरानी अधिकारियों के कड़े नियंत्रण में हैं, और पूर्ण उद्घाटन के बड़े दावे बहुत जल्दबाजी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना एक ठोस कदम है, अमेरिका-ईरान समझौते के तुरंत बाद समुद्री यातायात पांच गुना बढ़ गया। हालांकि अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन समुद्र में ठोस परिणाम बताते हैं कि कूटनीति त्वरित लाभ दे सकती है, भले ही पूर्ण सामान्यीकरण अभी भी प्रगति पर हो।
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