
सना हवाई अड्डे पर सऊदी हमले के बाद यमन संघर्ष में नया मोड़, हूथियों ने युद्धविराम समाप्ति की घोषणा की
ईरानी यात्री विमान के उतरने के बाद सऊदी अरब ने सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में हूथी बलों ने तनाव कम करने के चरण को खत्म करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
13 जुलाई 2026 को सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई हवाई हमले किए, जिसमें रनवे को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब एक ईरानी यात्री विमान, जिसके बारे में स्थानीय स्रोतों ने महान एयर का होने का अनुमान लगाया, सना में उतरा और एक घंटे बाद रवाना हुआ। यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर याह्या सरी ने इसे 'सऊदी अपराधी दुश्मन का खुला और अन्यायपूर्ण आक्रमण' बताते हुए कहा कि इससे तनाव कम करने का दौर समाप्त हो गया है और इस आक्रमण का जवाब दिया जाएगा।
विभिन्न पक्षों की स्थिति स्पष्ट रूप से विभाजित है। हूथी-नियंत्रित यमनी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को 'युद्ध की शुरुआत' करार दिया और कहा कि सऊदी शासन को पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी। हूथी नेता मोहम्मद अली अल-हूथी ने अमेरिका और उसके 'सऊदी एजेंट' को जिम्मेदार ठहराया। दूसरी ओर, सऊदी समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह हमला ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए किया गया, क्योंकि उनका आरोप है कि ऐसी उड़ानों से सैन्यकर्मी और विशेषज्ञ भेजे जा रहे हैं। इस सरकार ने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही थी।
इस घटनाक्रम के क्षेत्रीय निहितार्थ व्यापक हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय ने पहले ही चेतावनी दी थी कि किसी भी देश के क्षेत्र का उपयोग ईरान पर हमले के लिए किया गया तो उसे रक्षात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी हस्तक्षेप को वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का एकमात्र रास्ता अमेरिकी सेना का हस्तक्षेप समाप्त करना है। इस बीच, रॉयटर्स के अनुसार अमेरिकी क्रूड और ब्रेंट क्रूड के वायदा भाव 5 प्रतिशत बढ़ गए। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे ईरान की नाकेबंदी तुरंत बहाल करेंगे और अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य का रक्षक बनेगा, जिसके बदले सभी शिपमेंट पर 20 प्रतिशत शुल्क लगेगा।
यह तनाव यमन पर वर्षों से जारी हवाई नाकेबंदी के संदर्भ में है, जिसे हूथी ईरानी उड़ानों के माध्यम से तोड़ने का दावा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह भी एक ईरानी विमान सना में उतरा था, जिसे हूथियों ने नाकेबंदी का अंत बताया था। सऊदी अरब ने 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले युद्धविराम के तहत सीमित उड़ानों की अनुमति दी थी, लेकिन हूथियों का कहना है कि रियाद ने हवाई अड्डे के पूर्ण संचालन की अनुमति नहीं दी। अब हूथी प्रवक्ता ने कहा है कि 'दुश्मन को अपने आक्रमण के परिणाम भुगतने होंगे' और यमनी विदेश मंत्रालय ने 'नए चरण' की शुरुआत की बात कही है। इस बीच, ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संचालन संस्था ने अदन के दक्षिण में एक समुद्री घटना की सूचना दी है, जिससे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अगले कदम के रूप में हूथी बलों की ओर से संभावित सैन्य जवाबी कार्रवाई की आशंका है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.80 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.30 | aligned |
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.90 | critical |
Iran and the Houthis denounce the Saudi aggression and celebrate the breaking of the siege as a victory of resistance.
The narrative relies on humanizing the Iranian plane as a symbol of resistance and presenting the attack as a desperate act to maintain the siege, evoking empathy and indignation.
Does not mention the claim of responsibility by the legitimate Yemeni government nor the accusation of carrying Iranian military personnel.
The legitimate Yemeni government justifies the attack as a defense of national sovereignty against Iranian interference.
The use of legal and procedural language (sovereignty, airspace violation) legitimizes the action as necessary and legal, obscuring the context of the truce.
Omits the breaking of the truce and the humanitarian consequences for civilians, as well as the Houthi version denying provocations.
Hezbollah and its allies condemn the Saudi attack as a crime and threaten immediate retaliation.
The religious and moral rhetoric (crime, oppression) combined with threats of escalation creates a clear polarization between good and evil, driving mobilization.
Does not report the legitimate government's claim nor the accusations of Iranian military involvement.
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