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चीन ने परमाणु पनडुब्बी से प्रशांत महासागर में मिसाइल परीक्षण किया, क्षेत्रीय देशों ने चिंता जताईभारी बारिश से दक्षिण एशिया में तबाही: मुंबई में इमारत ढहने से 6 की मौत, बांग्लादेश में 8 रोहिंग्या शरणार्थियों की मौतन्यूकैसल ने 43 मिलियन पाउंड में आइवरी कोस्ट के युवा विंगर बज़ौमाना टूरे को अनुबंधित कियाविश्व कप से बाहर होने के बाद भी केप वर्डे का भव्य स्वागत, गोलकीपर वोज़िन्हा बने वैश्विक सनसनीएर्लिंग हालांड के दो देर से गोल, ब्राजील की विश्व कप से विदाई; नॉर्वे क्वार्टर फाइनल मेंएज़्टेका में इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत, जश्न में हेंडरसन की गंभीर चोटमिस्र ने दुनिया के सबसे बड़े सैन्य मुख्यालय 'ऑक्टागन' का उद्घाटन किया, आर्थिक संकट के बीच नई योजनाओं का ऐलानकल्याणकारी राज्य पर दबाव: यूरोप और लैटिन अमेरिका में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर बहसचीन ने परमाणु पनडुब्बी से प्रशांत महासागर में मिसाइल परीक्षण किया, क्षेत्रीय देशों ने चिंता जताईभारी बारिश से दक्षिण एशिया में तबाही: मुंबई में इमारत ढहने से 6 की मौत, बांग्लादेश में 8 रोहिंग्या शरणार्थियों की मौतन्यूकैसल ने 43 मिलियन पाउंड में आइवरी कोस्ट के युवा विंगर बज़ौमाना टूरे को अनुबंधित कियाविश्व कप से बाहर होने के बाद भी केप वर्डे का भव्य स्वागत, गोलकीपर वोज़िन्हा बने वैश्विक सनसनीएर्लिंग हालांड के दो देर से गोल, ब्राजील की विश्व कप से विदाई; नॉर्वे क्वार्टर फाइनल मेंएज़्टेका में इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत, जश्न में हेंडरसन की गंभीर चोटमिस्र ने दुनिया के सबसे बड़े सैन्य मुख्यालय 'ऑक्टागन' का उद्घाटन किया, आर्थिक संकट के बीच नई योजनाओं का ऐलानकल्याणकारी राज्य पर दबाव: यूरोप और लैटिन अमेरिका में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर बहस
भू-राजनीति और राजनीतिसोमवार, 29 जून 2026

इराक ने ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों को 30 सितंबर तक हथियार सौंपने की समय-सीमा दी

अमेरिकी दबाव और प्रधानमंत्री की वाशिंगटन यात्रा से पहले बगदाद ने सभी गैर-राजकीय हथियारों को कानूनी दायरे में लाने की नीति को सख्ती से लागू करने की घोषणा की।

इराकी सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि देश में सक्रिय सभी सशस्त्र समूहों को 30 सितंबर 2026 तक अपने हथियार राज्य को सौंपने होंगे। सरकारी प्रवक्ता हैदर अल-अबूदी के अनुसार, यह तिथि अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के सैन्य मिशन की समाप्ति के साथ मेल खाती है, जिसके बाद किसी भी गैर-सरकारी हथियार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ‘हथियारों को राज्य तक सीमित करना केवल नारा नहीं, बल्कि लागू की जा रही नीति है’ और सितंबर में गठबंधन सेना की पूर्ण वापसी होगी।

इस निर्णय के केंद्र में ईरान समर्थित दर्जनों शिया गुट हैं, जो मुख्यतः हश्द अल-शाबी (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) के अंतर्गत संगठित हैं। इराकी सरकार के अनुसार, कताइब इमाम अली, असाइब अहल अल-हक और सराया अल-सलाम जैसे कुछ गुटों ने पहले ही अपने हथियार सेना को सौंप दिए हैं, जबकि कताइब हिजबुल्लाह, कताइब सैय्यद अल-शुहदा और हरकत अल-नुजबा जैसे तेहरान के करीबी संगठनों ने गठबंधन बलों की मौजूदगी का हवाला देकर अब तक इनकार किया है। अमेरिकी प्रशासन इनमें से कई गुटों को आतंकवादी सूची में रखता है और बगदाद पर इनके पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए लगातार दबाव बना रहा है।

वाशिंगटन के रुख से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने इराकी तेल राजस्व के भुगतान और सुरक्षा सहायता को इन गुटों के खिलाफ ठोस कदमों से जोड़ रखा था। मई 2026 की शुरुआत में जब बगदाद ने कुछ समूहों के हथियारों का ब्योरा सौंपना शुरू किया, तब वित्तीय हस्तांतरण फिर से बहाल करने का आश्वासन मिला। यह कदम प्रधानमंत्री अल-जैदी की पहली अमेरिकी यात्रा से ठीक पहले उठाया गया है, जो संकेत देता है कि वाशिंगटन इराक को ईरानी प्रभाव कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखता है। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची की हालिया बगदाद यात्रा और ग्रीन जोन में भ्रष्टाचार विरोधी छापे के दौरान तेहरान समर्थक माने जाने वाले कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि इराकी धरती पर प्रभाव की यह जंग तेज हो गई है।

दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य से, इराक का स्थिरीकरण और ईरान समर्थित मिलिशिया का निरस्त्रीकरण क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत है। भारत इराक से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है और खाड़ी क्षेत्र में उसके लाखों प्रवासी कामगार कार्यरत हैं। पिछले वर्षों में इन गुटों द्वारा अमेरिकी ठिकानों और यहां तक कि संयुक्त अरब अमीरात के परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में असुरक्षा बढ़ाई थी। विश्लेषकों के अनुसार, यदि बगदाद वास्तव में हथियारों पर राजकीय एकाधिकार स्थापित कर पाता है, तो इससे न केवल इराक की संप्रभुता मजबूत होगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।

फिलहाल, 30 सितंबर की समय-सीमा के बाद कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के साथ, इराकी सरकार ने सभी पक्षों को स्पष्ट संदेश दे दिया है। प्रधानमंत्री अल-जैदी की अमेरिका यात्रा के बाद तुर्की, सऊदी अरब और ईरान की कूटनीतिक यात्राएं प्रस्तावित हैं, जो इस मुद्दे पर क्षेत्रीय संतुलन साधने की बगदाद की रणनीति को दर्शाती हैं। अगले तीन महीनों में यह देखना अहम होगा कि कितने गुट स्वेच्छा से हथियार सौंपते हैं और किन पर बल प्रयोग की नौबत आती है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
अक्ष: Sovereignty vs. Stability
30%मध्यम
2 ब्लॉक · स्थिति −0.50 से +0.10 तक
Critics of Iranian influenceSupporters of internal reform
ATLIRN
प्रेस ब्लॉकों के बीच विचलन
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस−0.50critical
ईरानी और संबद्ध प्रेस+0.10neutral
इस समूह में इराकी मीडिया का प्रतिनिधित्व नहीं है।
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस−0.50
स्वर

इराक सरकार अंततः ईरान समर्थित मिलिशिया से निपट रही है जिन्होंने इसकी संप्रभुता को कमजोर किया है। निरस्त्रीकरण की समय सीमा यह परीक्षण है कि क्या बगदाद अपने क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर सकता है।

तंत्रescalation simmetrica

निरस्त्रीकरण को विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ संप्रभुता की परीक्षा के रूप में प्रस्तुत करके, कथा इराक को ईरानी विस्तारवाद का शिकार और सरकार को बहादुर सुधारक के रूप में स्थापित करती है।

चूक

यह ढांचा भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के लिए व्यापक जनसमर्थन और इस तथ्य को छोड़ देता है कि गिरफ्तारियों में कई गैर-ईरानी संबद्ध व्यक्ति शामिल हैं, इसे पूरी तरह से ईरान के साथ टकराव के रूप में प्रस्तुत करता है।

चेतावनीसंदेह
ईरानी और संबद्ध प्रेस+0.10
स्वर

इराक का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान राजनीतिक व्यवस्था को साफ करने के लिए एक आवश्यक कदम है, लेकिन इसका उपयोग ईरान के सहयोगियों को निशाना बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। गिरफ्तारियों और निरस्त्रीकरण योजनाओं को इराक के आंतरिक सुधार के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि विदेशी निर्देशित अभियान के रूप में।

तंत्रgiudizializzazione

घरेलू भ्रष्टाचार के कोण पर जोर देकर और गिरफ्तारियों के पीछे के उद्देश्यों पर सवाल उठाकर, कथा ईरान समर्थित मिलिशिया के निरस्त्रीकरण से ध्यान हटाती है और इसे एक कानूनी और आंतरिक मामले के रूप में पुनः प्रस्तुत करती है।

चूक

यह ढांचा निरस्त्रीकरण की समय सीमा और ईरान समर्थित मिलिशिया की भूमिका को छोड़ देता है, इसके बजाय कहानी को एक घरेलू भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के रूप में पुनः प्रस्तुत करता है।

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चीन ने परमाणु पनडुब्बी से प्रशांत महासागर में मिसाइल परीक्षण किया, क्षेत्रीय देशों ने चिंता जताई·भारी बारिश से दक्षिण एशिया में तबाही: मुंबई में इमारत ढहने से 6 की मौत, बांग्लादेश में 8 रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत·न्यूकैसल ने 43 मिलियन पाउंड में आइवरी कोस्ट के युवा विंगर बज़ौमाना टूरे को अनुबंधित किया·विश्व कप से बाहर होने के बाद भी केप वर्डे का भव्य स्वागत, गोलकीपर वोज़िन्हा बने वैश्विक सनसनी·एर्लिंग हालांड के दो देर से गोल, ब्राजील की विश्व कप से विदाई; नॉर्वे क्वार्टर फाइनल में·एज़्टेका में इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत, जश्न में हेंडरसन की गंभीर चोट·मिस्र ने दुनिया के सबसे बड़े सैन्य मुख्यालय 'ऑक्टागन' का उद्घाटन किया, आर्थिक संकट के बीच नई योजनाओं का ऐलान·कल्याणकारी राज्य पर दबाव: यूरोप और लैटिन अमेरिका में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर बहस·चीन ने परमाणु पनडुब्बी से प्रशांत महासागर में मिसाइल परीक्षण किया, क्षेत्रीय देशों ने चिंता जताई·भारी बारिश से दक्षिण एशिया में तबाही: मुंबई में इमारत ढहने से 6 की मौत, बांग्लादेश में 8 रोहिंग्या शरणार्थियों की मौत·न्यूकैसल ने 43 मिलियन पाउंड में आइवरी कोस्ट के युवा विंगर बज़ौमाना टूरे को अनुबंधित किया·विश्व कप से बाहर होने के बाद भी केप वर्डे का भव्य स्वागत, गोलकीपर वोज़िन्हा बने वैश्विक सनसनी·एर्लिंग हालांड के दो देर से गोल, ब्राजील की विश्व कप से विदाई; नॉर्वे क्वार्टर फाइनल में·एज़्टेका में इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत, जश्न में हेंडरसन की गंभीर चोट·मिस्र ने दुनिया के सबसे बड़े सैन्य मुख्यालय 'ऑक्टागन' का उद्घाटन किया, आर्थिक संकट के बीच नई योजनाओं का ऐलान·कल्याणकारी राज्य पर दबाव: यूरोप और लैटिन अमेरिका में स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर बहस·
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सोमवार, 29 जून 2026

इराक ने ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों को 30 सितंबर तक हथियार सौंपने की समय-सीमा दी

अमेरिकी दबाव और प्रधानमंत्री की वाशिंगटन यात्रा से पहले बगदाद ने सभी गैर-राजकीय हथियारों को कानूनी दायरे में लाने की नीति को सख्ती से लागू करने की घोषणा की।

इराकी सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि देश में सक्रिय सभी सशस्त्र समूहों को 30 सितंबर 2026 तक अपने हथियार राज्य को सौंपने होंगे। सरकारी प्रवक्ता हैदर अल-अबूदी के अनुसार, यह तिथि अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के सैन्य मिशन की समाप्ति के साथ मेल खाती है, जिसके बाद किसी भी गैर-सरकारी हथियार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ‘हथियारों को राज्य तक सीमित करना केवल नारा नहीं, बल्कि लागू की जा रही नीति है’ और सितंबर में गठबंधन सेना की पूर्ण वापसी होगी।

इस निर्णय के केंद्र में ईरान समर्थित दर्जनों शिया गुट हैं, जो मुख्यतः हश्द अल-शाबी (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज) के अंतर्गत संगठित हैं। इराकी सरकार के अनुसार, कताइब इमाम अली, असाइब अहल अल-हक और सराया अल-सलाम जैसे कुछ गुटों ने पहले ही अपने हथियार सेना को सौंप दिए हैं, जबकि कताइब हिजबुल्लाह, कताइब सैय्यद अल-शुहदा और हरकत अल-नुजबा जैसे तेहरान के करीबी संगठनों ने गठबंधन बलों की मौजूदगी का हवाला देकर अब तक इनकार किया है। अमेरिकी प्रशासन इनमें से कई गुटों को आतंकवादी सूची में रखता है और बगदाद पर इनके पूर्ण निरस्त्रीकरण के लिए लगातार दबाव बना रहा है।

वाशिंगटन के रुख से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने इराकी तेल राजस्व के भुगतान और सुरक्षा सहायता को इन गुटों के खिलाफ ठोस कदमों से जोड़ रखा था। मई 2026 की शुरुआत में जब बगदाद ने कुछ समूहों के हथियारों का ब्योरा सौंपना शुरू किया, तब वित्तीय हस्तांतरण फिर से बहाल करने का आश्वासन मिला। यह कदम प्रधानमंत्री अल-जैदी की पहली अमेरिकी यात्रा से ठीक पहले उठाया गया है, जो संकेत देता है कि वाशिंगटन इराक को ईरानी प्रभाव कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखता है। दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची की हालिया बगदाद यात्रा और ग्रीन जोन में भ्रष्टाचार विरोधी छापे के दौरान तेहरान समर्थक माने जाने वाले कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी से संकेत मिलता है कि इराकी धरती पर प्रभाव की यह जंग तेज हो गई है।

दक्षिण एशियाई परिप्रेक्ष्य से, इराक का स्थिरीकरण और ईरान समर्थित मिलिशिया का निरस्त्रीकरण क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत है। भारत इराक से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है और खाड़ी क्षेत्र में उसके लाखों प्रवासी कामगार कार्यरत हैं। पिछले वर्षों में इन गुटों द्वारा अमेरिकी ठिकानों और यहां तक कि संयुक्त अरब अमीरात के परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में असुरक्षा बढ़ाई थी। विश्लेषकों के अनुसार, यदि बगदाद वास्तव में हथियारों पर राजकीय एकाधिकार स्थापित कर पाता है, तो इससे न केवल इराक की संप्रभुता मजबूत होगी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।

फिलहाल, 30 सितंबर की समय-सीमा के बाद कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के साथ, इराकी सरकार ने सभी पक्षों को स्पष्ट संदेश दे दिया है। प्रधानमंत्री अल-जैदी की अमेरिका यात्रा के बाद तुर्की, सऊदी अरब और ईरान की कूटनीतिक यात्राएं प्रस्तावित हैं, जो इस मुद्दे पर क्षेत्रीय संतुलन साधने की बगदाद की रणनीति को दर्शाती हैं। अगले तीन महीनों में यह देखना अहम होगा कि कितने गुट स्वेच्छा से हथियार सौंपते हैं और किन पर बल प्रयोग की नौबत आती है।

विचलन — कौन इसे कैसे बताता है
अक्ष: Sovereignty vs. Stability
30%मध्यम
2 ब्लॉक · स्थिति −0.50 से +0.10 तक
Critics of Iranian influenceSupporters of internal reform
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ईरानी और संबद्ध प्रेस+0.10neutral
इस समूह में इराकी मीडिया का प्रतिनिधित्व नहीं है।
अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस−0.50
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इराक सरकार अंततः ईरान समर्थित मिलिशिया से निपट रही है जिन्होंने इसकी संप्रभुता को कमजोर किया है। निरस्त्रीकरण की समय सीमा यह परीक्षण है कि क्या बगदाद अपने क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर सकता है।

तंत्रescalation simmetrica

निरस्त्रीकरण को विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ संप्रभुता की परीक्षा के रूप में प्रस्तुत करके, कथा इराक को ईरानी विस्तारवाद का शिकार और सरकार को बहादुर सुधारक के रूप में स्थापित करती है।

चूक

यह ढांचा भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के लिए व्यापक जनसमर्थन और इस तथ्य को छोड़ देता है कि गिरफ्तारियों में कई गैर-ईरानी संबद्ध व्यक्ति शामिल हैं, इसे पूरी तरह से ईरान के साथ टकराव के रूप में प्रस्तुत करता है।

चेतावनीसंदेह
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स्वर

इराक का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान राजनीतिक व्यवस्था को साफ करने के लिए एक आवश्यक कदम है, लेकिन इसका उपयोग ईरान के सहयोगियों को निशाना बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। गिरफ्तारियों और निरस्त्रीकरण योजनाओं को इराक के आंतरिक सुधार के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि विदेशी निर्देशित अभियान के रूप में।

तंत्रgiudizializzazione

घरेलू भ्रष्टाचार के कोण पर जोर देकर और गिरफ्तारियों के पीछे के उद्देश्यों पर सवाल उठाकर, कथा ईरान समर्थित मिलिशिया के निरस्त्रीकरण से ध्यान हटाती है और इसे एक कानूनी और आंतरिक मामले के रूप में पुनः प्रस्तुत करती है।

चूक

यह ढांचा निरस्त्रीकरण की समय सीमा और ईरान समर्थित मिलिशिया की भूमिका को छोड़ देता है, इसके बजाय कहानी को एक घरेलू भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के रूप में पुनः प्रस्तुत करता है।

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