
विश्व कप 2026: लुकाकू के 28 सेकंड के जादू ने बेल्जियम को मिस्र के खिलाफ शर्मिंदगी से बचाया
मोहम्मद सलाह के 34वें जन्मदिन पर मिस्र ने ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ते हुए बेल्जियम को 1-1 की बराबरी पर रोका, रोमेलू लुकाकू के आते ही आत्मघाती गोल ने यूरोपीय टीम को एक अंक दिलाया।
सिएटल के ल्यूमन फील्ड में सोमवार रात 66,775 दर्शकों के सामने ग्रुप जी के इस मुकाबले ने विश्व कप 2026 का एक यादगार अध्याय लिखा। मिस्र ने 20वें मिनट में इमाम अशूर के शानदार गोल से बढ़त बनाई, जिसमें मोहम्मद सलाह ने पेनल्टी एरिया के ठीक बाहर सटीक असिस्ट दिया। अशूर का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल था और इसने थिबॉ कोर्टोइस को पूरी तरह चकमा दे दिया। लेकिन दूसरे हाफ में रोमेलू लुकाकू के मैदान में उतरने के महज 28 सेकंड के भीतर ही खेल पलट गया — थॉमस म्यूनियर के निचले क्रॉस पर लुकाकू के दबाव में मिस्र के डिफेंडर मोहम्मद हानी ने गेंद अपने ही जाल में पहुंचा दी। इस आत्मघाती गोल ने बेल्जियम को 1-1 की बराबरी दिलाकर बड़ी उलटफेर से बचा लिया।
अफ्रीकी मीडिया ने इस प्रदर्शन को मिस्र के लिए गर्व का क्षण बताया, भले ही जीत न मिली। सात बार के अफ्रीका कप ऑफ नेशंस चैंपियन मिस्र ने अपने चौथे विश्व कप में पहली जीत का इंतजार और बढ़ा दिया, लेकिन टीम ने 2018 के बाद पहली बार किसी विश्व कप मैच में बढ़त ली और पूरे खेल में अनुशासित रणनीति दिखाई। कोच होसाम हसन ने सलाह को सेंट्रल रोल में रखकर जोखिम उठाया, जो पूरी तरह सफल रहा। सलाह, जो लिवरपूल छोड़ चुके हैं और फिलहाल किसी क्लब से नहीं जुड़े, अपने 34वें जन्मदिन पर लगातार प्रभावशाली रहे। मिस्र के प्रशंसकों के लिए यह प्रदर्शन एक संकेत है कि टीम ईरान और न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी मुकाबलों में इतिहास रच सकती है।
यूरोपीय नजरिए से देखें तो बेल्जियम की ‘गोल्डन जेनरेशन’ के बचे-खुचे सितारों के लिए यह टूर्नामेंट आखिरी मौका हो सकता है। केविन डी ब्रुने और कोर्टोइस जैसे दिग्गजों के बावजूद टीम पहले हाफ में एक भी शॉट टारगेट पर नहीं लगा सकी। डी ब्रुने का 53वें मिनट में फ्री-किक पोस्ट से टकराकर लौटा, और तब तक मिस्र की रक्षापंक्ति पूरी तरह हावी थी। कोच रूडी गार्सिया ने लुकाकू को उतारकर जुआ खेला, जो हैमस्ट्रिंग चोट से उबर रहे थे, और वह दांव रंग लाया। यूरोपीय मीडिया ने इसे बेल्जियम की किस्मत और लुकाकू की अनुभवी चाल बताया, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि टीम को अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा।
वैश्विक संदर्भ में यह मुकाबला विश्व कप 2026 के शुरुआती झटकों की श्रृंखला में शामिल हो गया, जहां स्पेन को केप वर्डे के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलना पड़ा था। उत्तर अमेरिका की मेजबानी में हो रहे इस टूर्नामेंट में एशियाई दर्शकों की दिलचस्पी ग्रुप जी के बाकी मैचों पर भी होगी, खासकर ईरान और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मुकाबले पर। भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मैच एक सबक है कि कैसे छोटी टीमें भी बड़े दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे सकती हैं, और विश्व कप का हर दिन नई कहानी लेकर आता है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
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मिस्र ने बेल्जियम के खिलाफ एक ऐतिहासिक ड्रॉ हासिल किया, एक मजबूत प्रदर्शन करते हुए जिसने लुकाकू के प्रभाव के बावजूद यूरोपीय टीम को जीत से वंचित कर दिया। फैरोज़ ने इमाम अशूर के गोल से शानदार शुरुआत की और आत्मघाती गोल से मैच 1-1 होने तक मजबूती से खड़े रहे। यह मूल्यवान परिणाम मिस्र की पहली विश्व कप जीत की प्रतीक्षा को बढ़ाता है लेकिन उनकी प्रगति को रेखांकित करता है।
मिस्र ने बेल्जियम को पूरी तरह से पछाड़ दिया और एक ऐतिहासिक विश्व कप जीत के क्षणों से दूर रहते हुए ड्रॉ से कहीं अधिक का हकदार था। केवल रोमेलू लुकाकू के आपातकालीन प्रवेश ने बेल्जियम के लिए एक आत्मघाती गोल के माध्यम से एक हताश, भाग्यशाली अंक बचाया। फैरोज़ ने लंबे समय तक अपने यूरोपीय विरोधियों पर दबदबा बनाया, जिससे यह 1-1 उत्कृष्ट प्रदर्शन के बावजूद एक कड़वा परिणाम बन गया।
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