
यूक्रेनी ड्रोन हमलों से मॉस्को क्षेत्र दहला, रूसी मिसाइल से जहाज पर भारतीय नागरिकों की मौत
रूस-यूक्रेन युद्ध में नागरिक ठिकानों पर हमलों का दायरा बढ़ा, मॉस्को पर 400 से अधिक ड्रोन दागे गए और ओडेसा में एक व्यापारिक जहाज पर हमले में 10 लोगों की मौत हुई।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में सोमवार तड़के एक साथ दो बड़ी घटनाओं ने युद्ध के बढ़ते दायरे को रेखांकित किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने रात भर में 400 से अधिक ड्रोन मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों की ओर दागे, जिससे कई आवासीय इमारतों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में आग लग गई और कम से कम 10 लोग घायल हुए। वहीं दूसरी ओर, दक्षिणी यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास रूसी मिसाइल हमले में गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला एक मालवाहक जहाज तबाह हो गया, जिसमें 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यूक्रेनी बंदरगाह प्राधिकरण के बयान के अनुसार, मक्का ले जा रहे इस जहाज के चालक दल में भारतीय और सीरियाई नागरिक शामिल थे, जिससे इस घटना का सीधा संबंध दक्षिण एशियाई सुरक्षा से जुड़ गया है।
मॉस्को क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमले को लेकर रूसी पक्ष ने इसे “नागरिक आबादी के खिलाफ नियोजित आतंकवादी हमला” करार दिया है। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि अधिकांश ड्रोन को वायु रक्षा प्रणालियों ने दूर ही नष्ट कर दिया, जबकि 85 ड्रोन राजधानी के नजदीक पहुंचने पर मार गिराए गए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि पूरे देश और क्रीमिया में कुल 381 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया गया। दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के कार्यालय ने इन हमलों को रूस द्वारा यूक्रेन की नागरिक अवसंरचना पर किए जा रहे हमलों की सीधी प्रतिक्रिया बताया है। ज़ेलेंस्की ने विशेष रूप से रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज़ के लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बनाए जाने को यह कहते हुए उचित ठहराया कि इन गोदामों का इस्तेमाल रूसी सेना के लिए ड्रोन कलपुर्जे और अन्य सैन्य सामग्री भेजने में किया जा रहा था।
पश्चिमी सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन तकनीक में तेजी से हुई प्रगति ने रूस के विशाल भूभाग की सुरक्षा को एक गंभीर चुनौती बना दिया है। वाशिंगटन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (आईएसडब्ल्यू) ने हाल ही में चेताया था कि रूस अपने भंडार से बैलिस्टिक मिसाइलें निकालकर यूक्रेन पर हमले तेज कर रहा है, क्योंकि ड्रोन और क्रूज मिसाइलों की तुलना में इनकी सफलता दर अधिक होती है। इसी रणनीति के तहत रविवार को रूस ने कीव और अन्य शहरों पर 41 मिसाइलों और 125 ड्रोनों से हमला किया, जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष अब एक-दूसरे की आर्थिक क्षमता और नागरिक मनोबल को कमजोर करने के लिए जानबूझकर लॉजिस्टिक केंद्रों और ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बना रहे हैं।
भारत के लिए यह घटनाक्रम कई स्तरों पर चिंता का विषय है। ओडेसा में मारे गए भारतीय नाविकों की मौत ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारत सरकार रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संपर्क में है और शेष चालक दल के सदस्यों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा, काला सागर में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमले वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं, जिसका सीधा असर दक्षिण एशियाई देशों के आयात और खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है।
फिलहाल, किसी भी पक्ष की ओर से युद्धविराम या बातचीत के कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय ने सोमवार को “महत्वपूर्ण वार्ता” की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य रक्षा मंत्रालय में हालिया फेरबदल के बाद उपजे आंतरिक राजनीतिक संकट को शांत करना है। दूसरी ओर, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि वह यूक्रेन के लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। आने वाले दिनों में इस बात पर सबकी निगाहें होंगी कि क्या पश्चिमी देश यूक्रेन को और उन्नत वायु रक्षा प्रणालियां देने पर सहमत होते हैं, और क्या भारत अपने नागरिकों की मौत के मद्देनजर कोई कूटनीतिक पहल करता है।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | 0.00 | neutral |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | −0.40 | critical |
| लैटिन अमेरिकी प्रेस | +0.30 | aligned |
Ukraine strikes Russian logistics to weaken the war machine, but Moscow reports civilian casualties and damage to infrastructure.
Official statements from both sides are alternated, creating an impression of objectivity and comprehensive coverage.
The Russian attack on a civilian vessel in Odesa that killed 10 people is omitted, a context that would shift focus to Russian aggression.
Zelenskyy launches desperate attacks while facing domestic protests, pushing any peace settlement further away.
The attack is linked to an internal Ukrainian political crisis, suggesting the offensive is driven by weakness rather than military strategy.
The context of Russian strikes on Ukrainian infrastructure that prompted Kyiv's response is omitted.
Russia keeps striking Ukrainian civilians, while Ukraine responds with attacks on Russian logistics targets.
The Russian attack on a civilian vessel is placed first, making the Ukrainian offensive appear as a secondary and legitimate reaction.
The scale of the Ukrainian attack (400 drones) and civilian casualties in Russia are omitted, which would show the impact of Ukraine's action.
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