
ओपनएआई ने पेश किया पहला इन्फ़्रेंस चिप जलापेन्यो, ब्रॉडकॉम संग साझेदारी में डिज़ाइन
कंपनी ने एआई मॉडल चलाने की लागत और एनवीडिया पर निर्भरता घटाने के लिए नौ महीने में चिप तैयार की, जिसका इंजीनियरिंग सैंपल प्रयोगशाला में काम कर रहा है।
ओपनएआई ने बुधवार को अपना पहला कस्टम एआई चिप 'जलापेन्यो' सार्वजनिक किया, जिसे सेमीकंडक्टर कंपनी ब्रॉडकॉम के साथ मिलकर डिज़ाइन किया गया है। यह चिप विशेष रूप से इन्फ़्रेंस के लिए बनी है—यानी प्रशिक्षित मॉडल से उपयोगकर्ता के सवालों का जवाब तैयार करने की प्रक्रिया—न कि शुरुआत से मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए। कंपनी के अनुसार, इंजीनियरिंग सैंपल फ़िलहाल प्रयोगशाला में जीपीटी-5.3-कोडेक्स-स्पार्क मॉडल पर लक्षित बिजली खपत और प्रदर्शन के साथ चल रहे हैं, और शुरुआती परीक्षण में यह मौजूदा अत्याधुनिक चिप्स की तुलना में प्रति वाट काफ़ी बेहतर प्रदर्शन दे रहा है।
डिज़ाइन से लेकर ताइवान की टीएसएमसी को निर्माण के लिए भेजने तक की प्रक्रिया महज़ नौ महीने में पूरी हुई, जिसमें ओपनएआई ने अपने ही एआई मॉडलों का इस्तेमाल कर चिप डिज़ाइन की रफ़्तार बढ़ाई। ब्रॉडकॉम के सीईओ हॉक टैन ने इसे एनवीडिया के ब्लैकवेल जीपीयू और गूगल के टीपीयू के समकक्ष बताया, हालांकि विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। चिप को व्यापक एआई मॉडलों के साथ काम करने लायक बनाया गया है, और इसे 2026 से माइक्रोसॉफ्ट समेत अन्य साझेदारों के डेटा सेंटरों में तैनात किया जाएगा। कनाडा की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सेलेस्टिका इस चिप पर चलने वाले सर्वर सिस्टम तैयार करेगी, जो केवल ओपनएआई के अपने इस्तेमाल के लिए होंगे।
यह कदम एआई बुनियादी ढांचे की बढ़ती लागत और एनवीडिया की जीपीयू पर निर्भरता को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उत्तरी अमेरिकी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में गूगल, अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा पहले ही ब्रॉडकॉम या मार्वेल जैसी कंपनियों के साथ मिलकर अपने कस्टम चिप बना रहे हैं। दक्षिण एशिया के संदर्भ में, इस घटनाक्रम का सीधा असर सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है, क्योंकि उच्च बैंडविड्थ मेमोरी (एचबीएम) की मांग बढ़ने से एसके हाइनिक्स और सैमसंग जैसे आपूर्तिकर्ताओं पर दबाव बनेगा, जबकि भारत जैसे देशों में चिप निर्माण को आकर्षित करने की कोशिशों के लिए यह एक संकेत है कि कस्टम एआई चिप का बाज़ार तेज़ी से फैल रहा है।
ओपनएआई की योजना इस साल के अंत तक जलापेन्यो को तैनात करने की है, और यह कई पीढ़ियों तक चलने वाले चिप विकास कार्यक्रम की पहली कड़ी है। ब्रॉडकॉम के अनुसार, 2027 तक बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य 2029 तक अपने चिप्स से 10 गीगावॉट की कंप्यूट क्षमता हासिल करना है। अगला ठोस पड़ाव इस वर्ष के अंत में पहली तैनाती और उसके बाद सार्वजनिक प्रदर्शन आँकड़े होंगे, जो यह तय करेंगे कि यह चिप वास्तविक दुनिया में एनवीडिया के प्रभुत्व को कितनी चुनौती दे पाती है।
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | +0.20 | neutral |
|---|---|---|
| दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
India assesses the impact of OpenAI's Jalapeño chip on the global AI supply chain, seeking opportunities for its own tech ecosystem.
The framing adopts a measured tone, emphasizing economic implications and potential synergies without alarm.
Southeast Asia notes the Jalapeño chip news as a distant event with no immediate consequences for the region.
The framing downplays local relevance, treating the news as a technical international story without urgency.
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