
अनसुलझी गुत्थियाँ: पत्रकार, अनुवादक और बुज़ुर्ग महिला के मामलों में अनिश्चितता बरकरार
अमेरिका और ईरान में तीन अलग-अलग मामलों में लापता या हिरासत में लिए गए लोगों के परिवार जवाबों की प्रतीक्षा में हैं, जबकि जाँच एजेंसियाँ अटकलों को खारिज कर रही हैं।
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तीन परिवार अपने प्रियजनों की स्थिति को लेकर अनिश्चितता के अंधेरे में हैं। कोलंबियाई पत्रकार फ्रांसी उर्रेया सोलानो अमेरिकी आव्रजन हिरासत में गायब-सी हो गई हैं, ईरान में एक बहाई अनुवादक बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया के तीन महीने से अधिक समय से जेल में बंद हैं, और अमेरिका की एक 84 वर्षीय महिला के अपहरण की आशंका के बीच फिरौती के सभी संदेश फर्जी निकले हैं। तीनों मामलों में अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।
फ्लोरिडा में 24 जून को आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा हिरासत में ली गईं पत्रकार फ्रांसी उर्रेया के परिवार का कहना है कि छह दिन बाद भी उनका पता नहीं चल पाया है। पति जॉन मेनेसेस के अनुसार, उर्रेया का नाम आव्रजन एजेंसी के किसी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है, जिससे कानूनी मदद मुश्किल हो गई है। परिवार का कहना है कि वे डेढ़ साल पहले वैध वीज़ा पर अमेरिका आए थे और शरण की प्रक्रिया जारी है, साथ ही उनके पास वर्क परमिट और अन्य दस्तावेज़ भी हैं। पति ने बताया कि पत्नी को अंधेरे कमरे में रखा जा रहा है, लगातार दूसरे केंद्रों में भेजा जा रहा है और स्वैच्छिक निर्वासन के दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने का मनोवैज्ञानिक दबाव डाला जा रहा है। परिवार ने कानूनी खर्चों के लिए धन जुटाना शुरू किया है और अधिकारियों से आधिकारिक जानकारी की माँग की है।
ईरान के शिराज़ शहर में बहाई अनुवादक और संपादक बेहज़ाद यज़्दानी को 95 दिन से अधिक समय से अदेलाबाद जेल की क्वारंटाइन इकाई में रखा गया है। एक जानकार सूत्र के अनुसार, परिवार की लगातार पूछताछ के बावजूद न तो मामले की न्यायिक सुनवाई में कोई प्रगति हुई है और न ही हिरासत की अवधि बढ़ाने का कोई आदेश परिवार को दिया गया है। यज़्दानी को इस साल 9 फरवरी को उनकी पत्नी रोमिना खज़ाली के साथ सुरक्षा एजेंटों ने घर से गिरफ्तार किया था; पत्नी को बाद में भारी ज़मानत पर रिहा कर दिया गया। जेल की परिस्थितियों के कारण यज़्दानी को कमर दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ हो गई हैं और उन्हें उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है।
अमेरिका के एरिज़ोना राज्य में जनवरी के अंत में लापता हुई नैंसी गुथरी के मामले में संघीय जाँच ब्यूरो (FBI) ने सभी तीन फिरौती संदेशों को फर्जी करार दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती दो संदेश एक ही स्रोत से भेजे गए थे, जिनमें क्रिप्टोकरंसी में फिरौती माँगी गई थी, लेकिन FBI द्वारा परीक्षण के तौर पर भेजी गई छोटी रकम को कभी निकाला नहीं गया। तीसरा संदेश अपहरणकर्ताओं की पहचान जानने का दावा करने वाले व्यक्ति का था। अधिकारी ने कहा कि इनमें से कोई भी संदेश असली अपहरणकर्ताओं से जुड़ा नहीं है। पीमा काउंटी शेरिफ कार्यालय अभी भी डीएनए और वीडियो साक्ष्यों का फोरेंसिक विश्लेषण कर रहा है, और एक मिलियन डॉलर से अधिक का इनाम अभी भी जारी है।
तीनों मामलों में परिवारों की पीड़ा और अधिकारियों की चुप्पी के बीच जाँच जारी है। कोलंबियाई पत्रकार के पति ने मामले को प्रचारित करने की अपील की है, ईरानी अनुवादक का परिवार न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहा है, और अमेरिकी महिला के परिजन अब भी किसी सूचना के लिए गुहार लगा रहे हैं।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ
Families are kept in the dark as investigations proceed. Focus is on justice and criminal accountability.
Families are victims of a regime that hides the truth. Repression and opacity are systematic.
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