
अर्जेंटीना में मुद्रास्फीति का दबाव घटा, नाइजीरिया और इंडोनेशिया में मिले-जुले संकेत
मई 2026 के आंकड़े दिखाते हैं कि अर्जेंटीना में महंगाई दर लगातार दूसरे महीने नीचे आई, जबकि नाइजीरिया में खाद्य कीमतों ने सालाना दर को छह महीने के शिखर पर पहुंचा दिया।
वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में मुद्रास्फीति की राह मई 2026 में अलग-अलग मोड़ पर नज़र आई। अर्जेंटीना में सरकार और बाज़ार विश्लेषकों के लिए सबसे बड़ी राहत की ख़बर रही: उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में वृद्धि दर लगातार दूसरे महीने घटकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई। लेकिन असली उत्सव का कारण बना कोर मुद्रास्फीति का आंकड़ा, जो मौसमी और नियंत्रित कीमतों को हटाकर निकाला जाता है। यह आठ महीनों में पहली बार 2 प्रतिशत की मनोवैज्ञानिक सीमा से नीचे, 1.9 प्रतिशत पर आ गया। अर्थव्यवस्था मंत्री लुइस कापुतो ने इसे सितंबर 2025 के बाद का सबसे कम स्तर बताया, जबकि आउटलायर जैसी परामर्श फर्मों ने कोर मुद्रास्फीति में आई तेज़ गिरावट को सरकारी योजना के लिए सबसे मज़बूत समर्थन करार दिया।
दूसरी ओर, नाइजीरिया की तस्वीर चिंताजनक बनी रही। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, मई में हेडलाइन मुद्रास्फीति बढ़कर 15.93 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो दिसंबर के बाद का सर्वोच्च स्तर है। मक्का, प्याज़ और टमाटर जैसी बुनियादी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उछाल ने इस दबाव को हवा दी। हालांकि, मासिक आधार पर देखें तो मुद्रास्फीति की रफ़्तार अप्रैल के 2.13 प्रतिशत से घटकर 1.75 प्रतिशत रही, जो संकेत देता है कि कीमतों में बढ़ोतरी की गति कुछ धीमी पड़ी है। यह दोहरी स्थिति उपभोक्ताओं और नीति-निर्माताओं के लिए मिली-जुली चुनौती पेश करती है।
इंडोनेशिया और सऊदी अरब में मुद्रास्फीति का रुख अपेक्षाकृत स्थिर रहा। इंडोनेशिया में मासिक मुद्रास्फीति 0.28 प्रतिशत और वार्षिक 3.08 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसमें गैर-सब्सिडी वाले ईंधन (पर्टामैक्स) और हवाई किराए की बढ़ोतरी प्रमुख कारक रहे। हालांकि, बीपीएस प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ईद-उल-अज़हा के मौसमी दबाव के बावजूद यह आंकड़ा ईद-उल-फ़ित्र की तुलना में ऐतिहासिक रूप से कम रहा। सऊदी अरब में वार्षिक मुद्रास्फीति 1.8 प्रतिशत पर स्थिर रही, जिसमें आवास, जल और बिजली की कीमतों में 3.7 प्रतिशत की वृद्धि ने मुख्य भूमिका निभाई। आभूषण और घड़ियों जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं की श्रेणी में 20 प्रतिशत तक की तेज़ी ने भी दबाव बनाए रखा।
अर्जेंटीना के संदर्भ में, निजी परामर्श फर्में अब जून के लिए और गिरावट का अनुमान लगा रही हैं। सीएंडटी एसोसोरेस इकोनॉमिकोस और इकोगो जैसी एजेंसियों का मानना है कि मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है, जिसके पीछे सार्वजनिक सेवाओं, परिवहन और प्रीपेड स्वास्थ्य सेवाओं में सीमित बढ़ोतरी तथा खाद्य कीमतों में स्थिरता है। हालांकि, विश्लेषक आगाह भी करते हैं कि जुलाई से टैरिफ़ अपडेट, ईंधन मूल्य समायोजन और विनिमय दर की गतिशीलता नई चुनौतियाँ खड़ी कर सकती हैं।
इन विविध आंकड़ों से एक वैश्विक पैटर्न उभरता है: जहाँ लैटिन अमेरिका की एक बड़ी अर्थव्यवस्था सख्त नीतियों के बल पर मुद्रास्फीति को काबू करती दिख रही है, वहीं अफ्रीका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था खाद्य आपूर्ति श्रृंखला की कमज़ोरियों से जूझ रही है। एशिया में इंडोनेशिया और खाड़ी क्षेत्र में सऊदी अरब अपेक्षाकृत नियंत्रित मुद्रास्फीति के साथ संतुलन बनाए हुए हैं। दक्षिण एशिया के लिए यह संकेत महत्वपूर्ण है कि वैश्विक खाद्य कीमतों और ऊर्जा लागत में उतार-चढ़ाव का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में असमान रूप से पड़ता है, और घरेलू नीतिगत प्रतिक्रिया ही अंततः मुद्रास्फीति की दिशा तय करती है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 2 भाषाएँ
Argentina's core inflation fell below 2% for the first time in eight months, a figure that both the government and private analysts see as validating the economic plan. Projections for June suggest further deceleration, with some estimates already placing the monthly rate under 2%.
Nigeria's headline inflation rose to 15.93% in May, a six-month high, driven by surging prices of maize, onions, tomatoes and other staples. The increase reverses the earlier downward trend, raising concerns about food affordability.
संबंधित लेख
सुलावेसी में 6.7 तीव्रता के भूकंप से पालू में दहशत, अस्पताल खाली, इमारतें क्षतिग्रस्त
11 भाषाएँ · 28 स्रोत
अर्थव्यवस्थाजापान का ब्याज दर 1% पर, 1995 के बाद सर्वोच्च; ईरान युद्ध और तेल संकट की छाया
9 भाषाएँ · 23 स्रोत
खेलराजनीतिक आग में जला विश्व कप डेब्यू: ईरान ने न्यूजीलैंड को 2-2 पर रोका
6 भाषाएँ · 29 स्रोत