
ओबामा केंद्र का उद्घाटन: ‘कोई राजा नहीं’ का संदेश, ट्रंप ग़ायब, तीन पूर्व राष्ट्रपति मौजूद
शिकागो में बराक ओबामा के 850 मिलियन डॉलर के राष्ट्रपति केंद्र के सितारों से सजे उद्घाटन ने अमेरिकी लोकतंत्र की चिंताओं और ईरान समझौते की पृष्ठभूमि में सियासी संदेश गूंजाए।
अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ से ठीक पहले शिकागो के जैक्सन पार्क में गुरुवार को ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर का भव्य उद्घाटन हुआ, जहाँ बराक और मिशेल ओबामा के साथ तीन जीवित पूर्व राष्ट्रपति—बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू. बुश और जो बाइडन—अपनी पत्नियों संग मंच पर नज़र आए। ब्रूस स्प्रिंगस्टीन, स्टीवी वंडर, क्रिस्टीना एगुइलेरा, बोनो और जॉन लीजेंड जैसे कलाकारों ने बारिश के बावजूद हजारों मेहमानों के सामने प्रस्तुति दी। दक्षिणी शिकागो के उस इलाके में बना यह 19 एकड़ का परिसर, जहाँ ओबामा कभी रहते थे, शुक्रवार को जुनेटीन्थ के मौके पर आम जनता के लिए खुलेगा और पहले सप्ताहांत की टिकटें पहले ही बिक चुकी हैं।
ओबामा ने अपने संबोधन में संस्थापकों की सीमाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता की घोषणा के वादे पर “बुरी तरह खरे नहीं उतरे”, लेकिन संविधान ने आगे बढ़ने की रूपरेखा दी। उन्होंने “कोई राजा या स्वामी नहीं, केवल नागरिक” और “कोई भी कानून से ऊपर नहीं” जैसे वाक्यों से मौजूदा प्रशासन पर सीधा प्रहार किया, हालाँकि डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया। मिशेल ओबामा ने भावुक श्रद्धांजलि में पति के संयम को सराहा और “शांति पुरस्कार जीतने” का ज़िक्र कर ट्रंप की नोबेल न मिलने की खीझ पर तंज कसा, जिस पर हिलेरी क्लिंटन खुलकर हँस पड़ीं।
ट्रंप इस आयोजन से नदारद रहे—उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था और वे पहले ही इस केंद्र को “कचरे का ढेर” कह चुके थे। व्हाइट हाउस ने ओबामा प्रशासन पर अतिव्यय और विलंब का आरोप लगाते हुए ट्रंप को “निर्माता-प्रमुख” बताया। दस साल में बने इस 850 मिलियन डॉलर के प्रोजेक्ट की लागत और डिज़ाइन को लेकर स्थानीय समुदाय में भी बहस हुई, लेकिन ओबामा फाउंडेशन इसे महज़ संग्रहालय नहीं, बल्कि नागरिक प्रेरणा का केंद्र बताता है।
यह उद्घाटन ऐसे समय हुआ जब ईरान परमाणु समझौते को लेकर वाशिंगटन में नई बहस छिड़ी है—ट्रंप ने अपने सौदे को ओबामा के समझौते से बेहतर बताया, जबकि रिपब्लिकन नेताओं ने सवाल उठाए। भारत जैसे दक्षिण एशियाई देशों के लिए यह कूटनीतिक उठापटक ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी स्थिरता से जुड़ी है, लेकिन ओबामा केंद्र का नागरिक जुड़ाव वाला मॉडल युवा लोकतंत्रों में सार्वजनिक नीति संवाद की मिसाल बन सकता है।
ओबामा ने कहा कि वे नॉस्टैल्जिया नहीं, बल्कि यह एहसास जगाना चाहते हैं कि “यह संभव था, तो मैं भी कर सकता हूँ।” बास्केटबॉल कोर्ट, रिकॉर्डिंग स्टूडियो और सार्वजनिक पुस्तकालय से सुसज्जित यह केंद्र भविष्य के नेताओं को गढ़ने का मंच बनेगा। विभाजनकारी राजनीति के दौर में ओबामा का यह संदेश कि “लोग स्थायी क्रोध नहीं, निष्पक्षता और सामान्य समझ चाहते हैं”, अमेरिका के साथ-साथ वैश्विक लोकतांत्रिक संवाद के लिए भी एक सोचनीय पंक्ति है।
वही कहानी कहीं और कैसे बताई जाती है।
2 संपादकीय समूह · 8 भाषाएँ
ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर शिकागो में सितारों और पूर्व राष्ट्रपतियों से सजे कार्यक्रम के साथ खुल रहा है, लेकिन इसके निजी वित्तपोषण मॉडल का ट्रम्प पहले से ही पारंपरिक राष्ट्रपति पुस्तकालय नियमों को दरकिनार करने के लिए उपयोग कर रहे हैं। केंद्र को ओबामा की विरासत का स्मारक और समुदाय के लिए लाभ के रूप में सराहा जा रहा है, फिर भी यह जो मिसाल कायम करता है वह भविष्य की जवाबदेही पर चिंताएँ पैदा करता है।
850 मिलियन डॉलर का ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर शिकागो में संगीत दिग्गजों के साथ खुल रहा है, लेकिन स्थानीय निवासी इसके पैमाने और लागत से भयभीत हैं। समारोह में स्प्रिंगस्टीन और बोनो जैसे वैश्विक प्रतीक शामिल होते हैं, फिर भी इस परियोजना ने आसपास के समुदाय में डर और विवाद पैदा कर दिया है।
संबंधित लेख
बेडफोर्ड के पास दो यात्री ट्रेनों की टक्कर, कई घायल; चालक की मौत की अपुष्ट सूचना
10 भाषाएँ · 30 स्रोत
भू-राजनीति और राजनीतिलेबनान में इज़रायली हमलों के चलते अमेरिका-ईरान वार्ता स्थगित, युद्धविराम समझौते पर संकट
7 भाषाएँ · 19 स्रोत
खेलअर्जेंटीना से 3-0 की हार के बाद अल्जीरिया ने मेसी के विवादित टैकल पर फीफा में दर्ज कराई शिकायत
8 भाषाएँ · 16 स्रोत