
ट्रंप ने सिचुएशन रूम में ईरान पर व्यापक हमलों की योजना पर चर्चा की
अमेरिकी राष्ट्रपति ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक में ईरान के सामरिक ठिकानों पर 'विनाशकारी हमलों' की योजना पर विचार किया, साथ ही बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाने की धमकी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अगले चरण पर चर्चा हुई। समाचार वेबसाइट एक्सियोस के अनुसार, इस बैठक में ईरान के अंदर सामरिक ठिकानों पर 'विनाशकारी हमलों' की योजना पर विचार किया गया, जो वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास चल रहे हमलों से कहीं अधिक व्यापक होगी। बैठक में उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ सहित शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी शामिल हुए।
अमेरिकी सैन्य सूत्रों के अनुसार, वाशिंगटन का उद्देश्य ईरान को इतना नुकसान पहुंचाना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और अमेरिकी परमाणु मांगों को स्वीकार करने के लिए मजबूर हो जाए। इसी कड़ी में अमेरिकी सेना ने लगातार चौथे दिन होर्मुज के आसपास वायु रक्षा प्रणालियों, रडार, जहाज-रोधी मिसाइल स्थलों और ड्रोन लॉन्च बेसों को निशाना बनाया, और मंगलवार दोपहर से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी भी लागू कर दी। वहीं, ईरानी सैन्य सूत्रों ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हैं। ईरान के सर्वोच्च सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इज़राइल ने हमले दोबारा शुरू किए तो पूरे क्षेत्र में 'कुचल देने वाले हमले' किए जाएंगे, और तेहरान ने यह भी संकेत दिया है कि युद्ध की स्थिति में वह यूरेनियम संवर्धन को 90 प्रतिशत तक ले जा सकता है।
बैठक के दौरान एक गहरे भूमिगत परमाणु स्थल 'कुह-ए-कोलांग गज़ला' (जिसे 'जबल अल-फ़ास' भी कहा जाता है) पर विशेष ध्यान दिया गया, जिसके बारे में अमेरिकी और इज़राइली खुफिया आकलन हैं कि ईरान इसे अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल करना चाहता है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी बंकर-भेदी बम गहराई तक पहुंच सकते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह स्थल पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं। उन्होंने कहा कि यदि वहां थोड़ी सी भी गतिविधि दिखी तो उसे 'कठोरता से' निशाना बनाया जाएगा। इस बीच, ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी वार्ताकारों ने मंगलवार को ईरानी अधिकारियों से बात की और संदेश दिया कि 'बेहतर होगा कि आप समझौता कर लें, वरना कुछ नहीं बचेगा।'
यह तनाव फरवरी 2026 में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान की पृष्ठभूमि में है, जो हाल ही में शांति वार्ता के गतिरोध के बाद फिर भड़क उठा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा कि अगले तीन दिनों में ईरान पर 'कड़ी चोट' की जाएगी और उसके बाद हमले काफी बढ़ सकते हैं, जिसमें अगले सप्ताह बिजली संयंत्र और पुल शामिल होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक वाशिंगटन के लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। इस बीच, ब्रिटेन ने ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को एक प्रतिबंधित आतंकवादी समूह घोषित कर दिया है, जिसकी तेहरान ने निंदा की है। फिलहाल, सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक दबाव दोनों जारी हैं, और अगले कुछ दिनों में हमलों के दायरे में विस्तार की संभावना है।
| रूसी और सीआईएस प्रेस | −0.40 | critical |
|---|---|---|
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.80 | critical |
| अरब लेवांत-मगरिब प्रेस | −0.50 | critical |
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | +0.20 | neutral |
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