
मनीला में आसियान बैठक: रुबियो ने ईरान को होर्मुज पर चेतावनी दी, वांग यी से शी की अमेरिकी यात्रा पर चर्चा
अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान को बातचीत के प्रति गंभीर न होने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी, जबकि चीनी समकक्ष से ताइवान और दक्षिण चीन सागर पर मतभेद प्रबंधन पर सहमति बनी।
फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक के इतर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच बुधवार को हुई वार्ता में सितंबर में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा की रूपरेखा तय करने पर सहमति बनी। रुबियो ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि दोनों पक्षों ने मतभेदों को नियंत्रण से बाहर न होने देने और सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने पर लंबी चर्चा की। इसी मंच पर रुबियो ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि तेहरान बातचीत के प्रति गंभीर नहीं है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की उसकी मांग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खतरनाक मिसाल कायम करेगी।
ईरान को लेकर अमेरिकी रुख के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य पर नौवहन की स्वतंत्रता का सिद्धांत रहा। रुबियो ने आसियान समकक्षों के समक्ष तर्क दिया कि यदि किसी राष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर बलपूर्वक नियंत्रण स्थापित करने की अनुमति दी गई तो यह दक्षिण-पूर्व एशिया सहित अन्य क्षेत्रों में भी दोहराया जा सकता है। अमेरिकी पक्ष के अनुसार, ईरान ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष माध्यमों से बातचीत की पहल की थी, लेकिन जून में हुए समझौतों का पालन नहीं किया। वहीं, ब्रिटिश थिंक टैंक चैथम हाउस के विश्लेषकों के अनुसार, तेहरान होर्मुज में हूती विद्रोहियों के माध्यम से सउदी तेल नौवहन को बाधित करके बातचीत में अपनी सौदेबाजी की स्थिति मजबूत करना चाहता है। आसियान देशों ने संयुक्त वक्तव्य में मध्य-पूर्व युद्ध पर गहरी चिंता जताई, क्योंकि होर्मुज बंद होने से क्षेत्र की लगभग साठ प्रतिशत ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है।
अमेरिका-चीन द्विपक्षीय मुद्दों पर वांग यी ने अमेरिका से चीन के मूल हितों और एक-चीन सिद्धांत का सम्मान करने का आग्रह किया। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग ने हालिया अमेरिकी बयानों और कार्रवाइयों पर बीजिंग की स्पष्ट स्थिति दोहराई। ताइवान को 14 अरब डॉलर के हथियार पैकेज पर रुबियो ने कहा कि यह अभी आंतरिक समीक्षा में है, क्योंकि वाशिंगटन को अपनी उत्पादन क्षमता और भंडार का आकलन करना है। दक्षिण चीन सागर में सोमवार को चीनी तटरक्षक और फिलीपीनी नौसेना के बीच हुई झड़प पर रुबियो ने इसे किसी के हित में नहीं बताते हुए मनीला के साथ अमेरिकी रक्षा संधि की प्रतिबद्धता दोहराई। वहीं, क्वाड बैठक में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान ने हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा पहलों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जिसे बीजिंग शीत युद्ध जैसी मानसिकता करार देता रहा है।
ये घटनाक्रम अक्टूबर में हुए अस्थायी व्यापार समझौते के बाद अपेक्षाकृत स्थिर हुए अमेरिका-चीन संबंधों की पृष्ठभूमि में सामने आए हैं। रुबियो ने कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं के वैश्विक प्रभाव को देखते हुए संबंध न रखना गैर-जिम्मेदाराना होगा। ईरान मोर्चे पर अमेरिकी सेना लगातार ग्यारहवीं रात हमले कर रही है, जबकि मध्यस्थों ने दस दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है। शी जिनपिंग की वाशिंगटन यात्रा की तैयारी के लिए दोनों पक्षों ने सहमति जताई है, हालांकि बीजिंग ने अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की है। आसियान बैठक शुक्रवार तक जारी रहेगी, जिसमें रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी रुबियो की मुलाकात प्रस्तावित है।
| ईरानी और संबद्ध प्रेस | −0.30 | critical |
|---|---|---|
| अटलांटिक / अंग्रेज़ी-भाषी प्रेस | 0.00 | neutral |
| भारतीय और दक्षिण एशियाई प्रेस | 0.00 | neutral |
China, through its foreign minister Wang Yi, imposes respect for its interests and the One China principle; Rubio is called to manage differences in view of Xi's visit.
The Iranian press builds credibility for its narrative by omitting any reference to the Hormuz crisis, focusing attention on China's demands and presenting the United States as the party that must adjust.
There is no mention of Rubio's statement on Iran or the crisis in the Strait of Hormuz, which are central to the Manila meeting according to other blocs.
The United States, through Secretary Rubio, warns Iran that it is not serious about negotiations and that control of Hormuz is a dangerous precedent, while with China efforts are made to prepare a constructive visit by Xi Jinping.
The Atlantic press gives authority to its narrative through direct quotes from Rubio and contextualization of Iranian threats, balancing coverage between the Middle East crisis and diplomacy with Beijing.
It does not highlight China's demands for respect of the One China principle, nor Chinese criticism of U.S. actions.
Iran is portrayed as an irresponsible actor threatening global navigation; Rubio is the voice of the international community imposing consequences.
The Indian/South Asian press uses the strategy of unilateral denunciation, reporting only Rubio's statements against Iran and completely omitting the Chinese dimension of the Manila meeting.
There is no mention of the meeting between Rubio and Wang Yi, nor of the planning for Xi Jinping's visit to Washington.
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