
लाइव एड का वह दिन जब रॉक ने दुनिया को जोड़ा और 13 जुलाई बन गया एक जश्न
1985 में एक साथ दो महाद्वीपों पर हुए इस ऐतिहासिक कॉन्सर्ट ने न सिर्फ अकाल पीड़ितों की मदद की, बल्कि हर साल 13 जुलाई को विश्व रॉक दिवस के रूप में मनाने की परंपरा भी शुरू की।
फिल कोलिन्स की वेशभूषा ने उस दिन कोई धमाकेदार बयान नहीं दिया था। एक छोटी बांह की कैंप शर्ट, खाकी पतलून और आरामदायक जूते—ऐसे कपड़े जो किसी छुट्टी पर पहने जा सकते हैं, न कि एक अरब से अधिक टेलीविज़न दर्शकों के सामने। 13 जुलाई 1985 को लंदन के वेम्बली स्टेडियम में अपना प्रदर्शन खत्म करने के बाद, तालियाँ थमीं भी नहीं थीं कि कोलिन्स एक हेलीकॉप्टर में सवार होकर हीथ्रो हवाई अड्डे की ओर रवाना हो गए। वहाँ कॉनकॉर्ड विमान इंतज़ार कर रहा था—वह सुपरसोनिक प्रतीक जो ध्वनि से दोगुनी गति से अटलांटिक पार कर सकता था। कुछ ही घंटों बाद, वही साधारण पोशाक फिलाडेल्फिया के जेएफके स्टेडियम में मंच पर नज़र आई, और कोलिन्स ने दोबारा प्रस्तुति दी। संगीत के इतिहास में यह एकमात्र पोशाक है जिसने एक ही दिन में दो महाद्वीपों पर प्रदर्शन किया—और फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, अब ऐसा कभी नहीं होगा।
यह सब लाइव एड नामक एक विशाल संगीत समारोह का हिस्सा था, जिसे आयरिश संगीतकार बॉब गेल्डोफ ने इथियोपिया में पड़े भीषण अकाल से निपटने के लिए धन जुटाने हेतु आयोजित किया था। एक साथ दो मंच—लंदन का वेम्बली और फिलाडेल्फिया का जेएफके स्टेडियम—सोलह घंटे तक संगीत से गूँजते रहे। इस आयोजन का सीधा प्रसारण 150 से अधिक देशों में हुआ और अनुमानतः 1.5 अरब लोगों ने इसे देखा। मंच पर क्वीन, डेविड बोवी, यू2, लेड जेपेलिन, पॉल मेकार्टनी, एल्टन जॉन, मिक जैगर और टीना टर्नर जैसे दिग्गज उतरे। अर्जेंटीना के समाचार पत्र पर्फिल ने उस दिन को याद करते हुए लिखा कि क्वीन का बीस मिनट का सेट, जिसमें फ्रेडी मर्करी ने भीड़ को एक स्वर में बाँध दिया, रॉक इतिहास की सर्वश्रेष्ठ लाइव प्रस्तुतियों में गिना जाता है।
1980 का दशक तकनीकी आशावाद का युग था। उपग्रह प्रसारण और कॉनकॉर्ड जैसे विमान दूरियों को मिटाने का वादा करते थे। लाइव एड ने इसी भावना को मूर्त रूप दिया—संगीत के ज़रिए दुनिया को एक मंच पर लाने का प्रयास। ब्राज़ील की सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस आयोजन ने उस समय लगभग 10 करोड़ डॉलर जुटाए, जो मुद्रास्फीति के हिसाब से आज 29 करोड़ डॉलर से अधिक होते। यह राशि अनाज, दवाओं और ट्रकों में बदलकर पूर्वी अफ्रीका के रेगिस्तानी इलाकों तक पहुँचाई गई। मैक्सिको के अख़बार एक्सेलसियर ने लिखा कि लाइव एड ने साबित कर दिया कि एक कॉन्सर्ट अंतरराष्ट्रीय मानवीय मुहिम का मंच बन सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि ‘विश्व रॉक दिवस’ कोई आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय तारीख नहीं है। ब्राज़ील के समाचार आउटलेट बैंड और सीएनएन ब्रासील के अनुसार, इस दिन को मुख्य रूप से ब्राज़ील में ही मनाया जाता है। दरअसल, लाइव एड के दौरान फिल कोलिन्स ने खुद सुझाव दिया था कि 13 जुलाई को रॉक के उत्सव के रूप में याद किया जाए, लेकिन यह विचार वैश्विक स्तर पर कभी औपचारिक नहीं हुआ। 1990 के दशक से ब्राज़ील के रेडियो स्टेशनों ने इस तारीख को बढ़ावा देना शुरू किया और धीरे-धीरे यह वहाँ एक परंपरा बन गई। आज भी इस दिन ब्राज़ील में विशेष रेडियो प्रोग्रामिंग, कॉन्सर्ट और श्रद्धांजलियाँ आयोजित होती हैं, जबकि दुनिया के अधिकांश अन्य हिस्सों में यह दिन सामान्य ही गुज़रता है।
चार दशक बाद, लाइव एड की विरासत सिर्फ संगीत प्रेमियों की स्मृतियों तक सीमित नहीं है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार, फिल कोलिन्स के निजी संग्रह से वही शर्ट और पतलून, जो उन्होंने उस ऐतिहासिक दिन पहनी थी, अब नीलामी के लिए रखी गई है। यह पोशाक उस क्षण का एक मूर्त अवशेष है जब मानवता को सचमुच विश्वास था कि दूरियाँ गायब हो रही हैं, तकनीक दुनिया को करीब ला रही है, और संगीत में उसे जोड़ने की ताकत है।
अपना नज़रिया बढ़ाएँ
हमास ने खलील अल-हय्या को नया राजनीतिक प्रमुख चुना, ईरान समर्थित धड़े की मजबूती
8 भाषाएँ · 24 स्रोत
Economy & Markets सेहोर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से तेल 90 डॉलर के पार, वैश्विक आपूर्ति पर संकट
8 भाषाएँ · 21 स्रोत
Technology सेचीन के किमी K3 ने AI बाज़ार में मचाई हलचल, कंप्यूट संकट से नए सब्सक्रिप्शन रोके
5 भाषाएँ · 9 स्रोत