
फ्रांस में सस्ते एसी-पंखों की बिक्री पर मची भगदड़, पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
लिडल स्टोर्स में 2 लाख कूलिंग उपकरणों की भारी छूट वाली बिक्री के दौरान हुई धक्का-मुक्की और झगड़ों के बाद कई दुकानों पर पुलिस बुलानी पड़ी, नांतेर में दरवाजा क्षतिग्रस्त हुआ।
गुरुवार, 2 जुलाई को फ्रांस के विभिन्न शहरों में लिडल सुपरमार्केट श्रृंखला में 2 लाख एयर कंडीशनर और पंखों की सस्ती बिक्री के दौरान भगदड़ और झगड़े हुए। पेरिस और उसके आसपास के इलाकों में स्थिति बेकाबू हो गई, जहां ग्राहक सुबह होने से पहले ही लाइन में लग गए और दुकान खुलते ही अंदर घुसने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, कम से कम दो दुकानों पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। नांतेर में एक स्टोर का प्रवेश द्वार भीड़ के दबाव से क्षतिग्रस्त हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिलाओं के चीखने-चिल्लाने और ग्राहकों के बीच हाथापाई के दृश्य दिखे। एक दुकान में झगड़ों के कारण केवल दस लोग ही उपकरण खरीद पाए, जबकि अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ा।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलिस द्वारा आंसू गैस के इस्तेमाल का दावा किया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। एक ग्राहक ने बताया कि पुलिस ने कुछ उपकरण अपने कब्जे में ले लिए, पर इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने स्टोरों में ऐसी घटनाएं हुईं और कितने लोग घायल हुए।
फ्रांस इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। मई और जून में रिकॉर्ड तापमान दर्ज किए जाने के बाद, मौसम विभाग ने सप्ताहांत में फिर से तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की चेतावनी दी है। ऐतिहासिक रूप से हल्की गर्मियों के कारण अधिकांश घरों और स्कूलों में एयर कंडीशनिंग नहीं है, जिससे लोग सस्ते विकल्पों की ओर दौड़ पड़े। लिडल ने पोर्टेबल एसी 179 यूरो और पंखे 13 से 15 यूरो में बेचने की पेशकश की थी, जो सामान्य कीमतों से काफी कम थी।
फिलहाल, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है, लेकिन इस घटना ने अचानक बढ़ी मांग और अपर्याप्त आपूर्ति के बीच प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिडल ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
| महाद्वीपीय यूरोपीय प्रेस | −0.20 | neutral |
|---|---|---|
| चीनी प्रेस | +0.10 | neutral |
A crowd gone wild over an air conditioner mirrors a society losing its mind over instant comfort.
The event is reduced to a folkloric sketch, downplaying any social or economic implications.
No mention of possible price gouging or lack of cooling infrastructure.
A demand spike for air conditioners in France reveals logistical weaknesses and opportunities for Asian manufacturers.
A news event is turned into a market case study, using data and trends to explain the chaos.
Working conditions at the stores and the environmental impact of air conditioners are ignored.
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